{"_id":"5e6bcbbf8ebc3ea4e330bf2d","slug":"korona-virus-pilibhit-news-bly399385930","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूरनपुर के छात्र की कनाड़ा में संदिग्ध मौत, कोरोना से संक्रमण की अफवाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूरनपुर के छात्र की कनाड़ा में संदिग्ध मौत, कोरोना से संक्रमण की अफवाह
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पूरनपुर। कनाडा में बिजनेस प्रबंधन का कोर्स करने 16 माह पहले गए छात्र की वहां संदिग्ध हालत में मौत हो गई। इलाके में इस बात की अफवाह है कि छात्र को कोरोना से संक्रमण हुआ। पिता ने निमोनिया होने के बाद अचानक हार्ट ब्लॉक होने से मौत होने की बात बताई है। छात्र के शव को कनाडा सरकार ने 48 घंटे तक जांच के लिए वहीं रोक रखा है। छात्र की मौत की जानकारी मिलते ही इलाके के काफी लोग उसके घर शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। चर्चा दूसरे बेटे के भी बीमार होने की है, लेकिन पिता ने उसे ठीक बताया है। इससे क्षेत्र में कोरोना की दहशत और बढ़ गई।
गांव चंदुइया निवासी बलराज सिंह के दोनों पुत्र सूरतपाल सिंह (21) और अमृतपाल सिंह (19) बिजनेस प्रबंधन का कोर्स करने को 16 माह पहले कनाडा गए थे। दोनों भाई कनाडा के टोरंटो शहर के समीप ब्रम्टन में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। अप्रैल में दोनों भाईयों का कोर्स पूरा होना था। इसके बाद वहीं नौकरी करने का उनका इरादा था। पिता बलराज सिंह ने बताया कि दो दिन पहले कनाडा में सूरतपाल सिंह को सर्दी लगी। उसकी हालत बिगड़ती चली गई। छोटे बेटे अमृतपाल सिंह ने मोबाइल फोन पर बृहस्पतिवार को जानकारी दी। पिता ने छोटे बेटे से लापरवाही न बरतने की हिदायत देकर दवाई लेने को कहा। शुक्रवार सुबह पिता बलराज सिंह ने छोटे बेटे अमृतपाल सिंह से फोन कर कहा कि वह भाई को दवा दिला दें। सुबह कनाडा में चिकित्सक के यहां दवाई लेने पहुंचे सूरतपाल सिंह को उसने भर्ती कर लिया। वहीं कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। कनाडा के चिकित्सक ने छोटे भाई अमृतपाल को बताया कि उसके बड़े भाई की मौत निमोनिया होने के बाद हार्ट ब्लॉक होने से हुई है।
सूरतपाल की मौत पर परिवार में कोहराम मच गया। क्षेत्र में इस बात की चर्चा फैल गई कि उसकी मौत कोरोना के संक्रमण से हुई। पूरनपुर सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी (एमओआईसी) डॉ. सीपी सिंह ने मोबाइल पर परिवार वालों से संपर्क कर छात्र की मौत की जानकारी ली। बलराज सिंह ने बताया कि कनाडा के चिकित्सक ने 48 घंटे तक जांच के लिए सूरतपाल का शव रोक रखा है। उसके बाद वह उनके छोटे बेटे अमृतपाल को शव सौंपेंगे। पिता बलराज सिंह ने बताया कि छोटा बेटा अमृतपाल पूरी तरह स्वस्थ्य है। एमओआईसी डॉ. सिंह ने बताया कि कोरोना से छात्र की कनाडा में मौत और उसके भाई की हालत खराब होने के बाद वहां के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी मिली थी, परिवार वालों से पूरे मामले की जानकारी की जा रही है। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
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कई बार माता पिता को कनाडा बुला चुका था सूरतपाल
पूरनपुर। कनाडा गए दोनों पुत्रों को एक बार देखने की लालसा परिवार वालों की थी। सूरतपाल वीडियो कॉल कर परिवार वालों से अक्सर बात करता था। दोनों पुत्र कई बार अपने माता-पिता और दादा-दादी को कनाडा बुला चुके थे। उनका कहना था कि एक सदस्य परिवार के दो लोगों को कुछ दिनों के लिए कनाडा बुला सकता है। दोनों भाईयों ने माता-पिता को कनाडा आने को कुछ दिन पहले भी कहा था, लेकिन काम की व्यस्तता के चलते वे नहीं जा पाए। दोनों भाईयों को कनाडा में ही जॉब करना है, ऐसे में फिर कभी चले जाने की बात सोचकर माता-पिता फिलहाल कनाडा नहीं गए। उन्हें क्या पता था कि बेटा सूरतपाल अचानक इस तरह दुनिया से चला जाएगा। बलराज सिंह ने बताया कि कनाडा में सूरतपाल सिंह की मौसी भी रहती हैं। ममेरे भाई और अन्य कई परिचित कनाडा में ही रह रहे है।
मेनका गांधी ने वीजा दिलाने का आश्वासन दिया, लेकिन लगी है रोक
पूरनपुर। सूरतपाल की मौत के बाद उसका शव घर लाने को लेकर परिवार के लोगों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से मोबाइल पर बात की। सूरतपाल सिंह के चाचा महावीर सिंह ने बताया कि मैडम ने वीजा लगवा देने का आश्वासन दिया है। मगर परिजन को लगता है कि विदेशों में आवाजाही पर रोक होने के कारण वे लोग कनाडा नहीं पहुंच सकेंगे।
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गांव चंदुइया निवासी बलराज सिंह के दोनों पुत्र सूरतपाल सिंह (21) और अमृतपाल सिंह (19) बिजनेस प्रबंधन का कोर्स करने को 16 माह पहले कनाडा गए थे। दोनों भाई कनाडा के टोरंटो शहर के समीप ब्रम्टन में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। अप्रैल में दोनों भाईयों का कोर्स पूरा होना था। इसके बाद वहीं नौकरी करने का उनका इरादा था। पिता बलराज सिंह ने बताया कि दो दिन पहले कनाडा में सूरतपाल सिंह को सर्दी लगी। उसकी हालत बिगड़ती चली गई। छोटे बेटे अमृतपाल सिंह ने मोबाइल फोन पर बृहस्पतिवार को जानकारी दी। पिता ने छोटे बेटे से लापरवाही न बरतने की हिदायत देकर दवाई लेने को कहा। शुक्रवार सुबह पिता बलराज सिंह ने छोटे बेटे अमृतपाल सिंह से फोन कर कहा कि वह भाई को दवा दिला दें। सुबह कनाडा में चिकित्सक के यहां दवाई लेने पहुंचे सूरतपाल सिंह को उसने भर्ती कर लिया। वहीं कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। कनाडा के चिकित्सक ने छोटे भाई अमृतपाल को बताया कि उसके बड़े भाई की मौत निमोनिया होने के बाद हार्ट ब्लॉक होने से हुई है।
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सूरतपाल की मौत पर परिवार में कोहराम मच गया। क्षेत्र में इस बात की चर्चा फैल गई कि उसकी मौत कोरोना के संक्रमण से हुई। पूरनपुर सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी (एमओआईसी) डॉ. सीपी सिंह ने मोबाइल पर परिवार वालों से संपर्क कर छात्र की मौत की जानकारी ली। बलराज सिंह ने बताया कि कनाडा के चिकित्सक ने 48 घंटे तक जांच के लिए सूरतपाल का शव रोक रखा है। उसके बाद वह उनके छोटे बेटे अमृतपाल को शव सौंपेंगे। पिता बलराज सिंह ने बताया कि छोटा बेटा अमृतपाल पूरी तरह स्वस्थ्य है। एमओआईसी डॉ. सिंह ने बताया कि कोरोना से छात्र की कनाडा में मौत और उसके भाई की हालत खराब होने के बाद वहां के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी मिली थी, परिवार वालों से पूरे मामले की जानकारी की जा रही है। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
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कई बार माता पिता को कनाडा बुला चुका था सूरतपाल
पूरनपुर। कनाडा गए दोनों पुत्रों को एक बार देखने की लालसा परिवार वालों की थी। सूरतपाल वीडियो कॉल कर परिवार वालों से अक्सर बात करता था। दोनों पुत्र कई बार अपने माता-पिता और दादा-दादी को कनाडा बुला चुके थे। उनका कहना था कि एक सदस्य परिवार के दो लोगों को कुछ दिनों के लिए कनाडा बुला सकता है। दोनों भाईयों ने माता-पिता को कनाडा आने को कुछ दिन पहले भी कहा था, लेकिन काम की व्यस्तता के चलते वे नहीं जा पाए। दोनों भाईयों को कनाडा में ही जॉब करना है, ऐसे में फिर कभी चले जाने की बात सोचकर माता-पिता फिलहाल कनाडा नहीं गए। उन्हें क्या पता था कि बेटा सूरतपाल अचानक इस तरह दुनिया से चला जाएगा। बलराज सिंह ने बताया कि कनाडा में सूरतपाल सिंह की मौसी भी रहती हैं। ममेरे भाई और अन्य कई परिचित कनाडा में ही रह रहे है।
मेनका गांधी ने वीजा दिलाने का आश्वासन दिया, लेकिन लगी है रोक
पूरनपुर। सूरतपाल की मौत के बाद उसका शव घर लाने को लेकर परिवार के लोगों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से मोबाइल पर बात की। सूरतपाल सिंह के चाचा महावीर सिंह ने बताया कि मैडम ने वीजा लगवा देने का आश्वासन दिया है। मगर परिजन को लगता है कि विदेशों में आवाजाही पर रोक होने के कारण वे लोग कनाडा नहीं पहुंच सकेंगे।