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कमिश्नर ने पहले से निस्तारित शिकायतों के नंबर लेकर स्टेनों की पीड़ितों से कराई बात

Wed, 04 Dec 2019 02:49 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 04 Dec 2019 02:49 AM IST
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बीसलपुर/पीलीभीत। माह के पहले मंगलवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कमिश्नर रणवीर प्रसाद अचानक बीसलपुर पहुंच गए। इस दौरान अफसरों में हड़कंप मच गया। कमिश्नर ने निस्तारित शिकायतों के व्यक्तियों के मोबाइल नंबर लेकर उनसे अपने स्टेनो की बात कराई। इनमें अधिकांश ने कहा कि वह शिकायत निस्तारण से संतुष्ट हैं। संपूर्ण समाधान दिवस में डीआईजी राकेश पांडेय के अलावा डीएम और एसपी भी मौजूद रहे।
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सुबह 10 बजे से ही डीएम ने जनता की शिकायतें सुननी शुरू कर दी थीं। अधिकांश मामले राजस्व के थे। राजस्व और पुलिस का तालमेल न होने की वजह से तहसील दिवसों में पुराने मामले निपट नहीं पा रहे। मंगलवार को भी कुल 69 शिकायतें मिलीं, इनमें 19 का ही मौके पर निस्तारण हो पाया। शेष शिकायतों के निस्तारण को विभागों के लिए ट्रांसफर कर दिया गया। दोपहर करीब एक बजे कमिश्नर रणवीर प्रसाद और डीआईजी राकेश पांडेय भी तहसील दिवस पहुंचे। दोनों ने समाधान दिवस में आईं शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की। इसमें पहले से निस्तारित 35 शिकायतों का सत्यापन किया गया। कमिश्नर के आशुलिपिक ने रजिस्टर से फरियादियों के फोन नंबर लेकर उनसे बात भी की। 31 फरियादियों ने तो अपनी शिकायतों का निस्तारण गुणवत्ता पूर्वक होने की बात कही।
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माधोटांडा। कलीनगर तहसील में एडीएम न्याययिक देवेंद्र मिश्र को 15 शिकायतें प्राप्त हुई। मौके पर एक भी शिकायत का निस्तारण नहीं हो सका। एसडीएम हरिओम शर्मा आदि मौजूद रहे।
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बीसलपुर। कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस खत्म होने के बाद गांव परसिया जाकर किसानों को कैप्सूल के घोल से पराली नष्ट करने का प्रयोग करवा कर दिखाया। उन्होंने पूसा कैप्सूल के घोल और बेस्ट डी कंपोजर से पराली नष्ट करने के प्रयोग दिखाए। उन्होंने किसानों को इसी तरह पराली और पताई नष्ट करने का सुझाव दिया।

मंडलायुक्त ने कहा कि इस तरीके से पराली नष्ट करने में प्रशासन को सफलता मिल गई है। इसकी गूंज पूरे देश में जाएगी। कहा कि किसानों पर कार्रवाई करना कोई शौक नहीं है। मजबूरी में किसानों पर पराली जलाने में कार्रवाई करनी पड़ रही है। कोई भी किसान पराली न जलाए। डीआईजाी राजेश पांडेय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पुलिस मजबूरी में कार्रवाई कर रही है। किसान इन विकल्पों से पराली और पताई जलाएं, जिससे प्रदूषण न हो। डीएम वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि अभी तक पराली जलाना किसानों पर आर्थिक भार था, लेकिन अब पराली नष्ट कर आर्थिक भार को लाभ में बदला जाएगा। एसपी अभिषेक दीक्षित, सीडीओ रमेश चंद्र पांडेय, बीडीओ जेसी जोशी, प्रशासन, गन्ना और कृषि विभाग के अधिकांश अधिकारी मौजूद थे। संवाद
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