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किसानों की समस्याओं को लेकर वरुण गांधी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
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वरुण गांधी, सांसद।
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। सांसद वरुण गांधी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर किसानों की समस्याओं के समाधान का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री को पत्र के माध्यम से सांसद ने अवगत कराते हुए कहा कि किसानों के अनुसार अभी तक की सरकारों से मौजूदा सरकार ने भुगतान बेहतर कराया है। इसके बाद भी कुछ भुगतान बाकी है। कहा कि किसानों की आर्थिक समस्याओं, गन्ने की बढ़ती लागत, महंगाई दर को देखते हुए किसानों की मांग के अनुसार गन्ने का रेट बढ़ाकर 400 रुपये घोषित किया जाय। बकाया गन्ना भुगतान भी जल्द सुनिश्चित हो। प्रदेश में बटाईदार किसान अपना गन्ना मिल को आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। मजबूर होकर ऐसे किसानों को औने पौने दामों में गन्ना बेचना पड़ रहा है। बटाईदार किसानों को मिल में गन्ना आपूर्ति की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। प्रदेश में धान की फसल को सरकार एमएसपी पर खरीदने की व्यवस्था करें। भाजपा सरकार में धान खरीद की सराहनीय बढ़ोतरी हुई है। मगर अभी किसानों को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। गेहूं और धान की खरीद पर 200 रुपये क्विंटल के अनुसार बोनस देने का विचार किया जाय। ग्रामीण क्षेत्र में नलकूप और आवासीय दोनों बिजली के बिलों में काफी बढ़ोतरी हुई है। बिजली बिल के रेट कम कर किसानों को राहत दी जाए।
पत्र में आवास पशुओं की समस्या से निजात दिलाने, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि 6000 से बढ़ाकर 12000 कराने, मनरेगा योजना के तहत श्रमिकों को कृषि कार्य में लगाने, किसानों के लिए डीजल के दामों में 20 रुपये सस्ता कराने का अनुरोध किया गया है।
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मुख्यमंत्री को पत्र के माध्यम से सांसद ने अवगत कराते हुए कहा कि किसानों के अनुसार अभी तक की सरकारों से मौजूदा सरकार ने भुगतान बेहतर कराया है। इसके बाद भी कुछ भुगतान बाकी है। कहा कि किसानों की आर्थिक समस्याओं, गन्ने की बढ़ती लागत, महंगाई दर को देखते हुए किसानों की मांग के अनुसार गन्ने का रेट बढ़ाकर 400 रुपये घोषित किया जाय। बकाया गन्ना भुगतान भी जल्द सुनिश्चित हो। प्रदेश में बटाईदार किसान अपना गन्ना मिल को आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। मजबूर होकर ऐसे किसानों को औने पौने दामों में गन्ना बेचना पड़ रहा है। बटाईदार किसानों को मिल में गन्ना आपूर्ति की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। प्रदेश में धान की फसल को सरकार एमएसपी पर खरीदने की व्यवस्था करें। भाजपा सरकार में धान खरीद की सराहनीय बढ़ोतरी हुई है। मगर अभी किसानों को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। गेहूं और धान की खरीद पर 200 रुपये क्विंटल के अनुसार बोनस देने का विचार किया जाय। ग्रामीण क्षेत्र में नलकूप और आवासीय दोनों बिजली के बिलों में काफी बढ़ोतरी हुई है। बिजली बिल के रेट कम कर किसानों को राहत दी जाए।
पत्र में आवास पशुओं की समस्या से निजात दिलाने, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि 6000 से बढ़ाकर 12000 कराने, मनरेगा योजना के तहत श्रमिकों को कृषि कार्य में लगाने, किसानों के लिए डीजल के दामों में 20 रुपये सस्ता कराने का अनुरोध किया गया है।
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