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रामलीला में सीता हरण के साथ रावण जटायु युद्ध का मंचन
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Sun, 06 Nov 2016 11:10 PM IST
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रामलीला में सीता हरण के साथ रावण जटायु युद्ध का मंचन
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
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कसबा में चल रहे रामलीला मेले में सीता हरण व जटायू वध लीला का कलाकारों ने मंचन किया गया। लीला देखने के लिए दर्शक भारी संख्या में मौजूद रहे।
राधाकृष्ण रामलीला नाट्य मंच के कलाकारों ने लीला में दिखाया कि पंचवटी आश्रम मे भगवान श्रीराम, लक्ष्मण व माता सीता अपना आश्रम बनाते है। इसके बाद रावण अपनी अपने पुष्पक विमान से एक ऋषि का वेश बनाकर आश्रम पर पहुंच जाता है और द्वार पर खड़े होकर भिक्षा मांगने लगता है। सीता के भिक्षा देने पर रावण लक्ष्मण रेखा पार करने का आग्रह करता है, लेकिन सीता रेखा पार करने से मना कर देतीं है। तभी ऋषि (रावण) भिक्षा लेने से मना कर देता है। ऋषि (रावण) के वापस लौटने के डर से सीता रेख पार कर देतीं है और रावण अपने असली रूप में आते ही सीता का हरण कर लेता है। रास्ते में रावण का सामना जटायु से होता है। जिससे रावण को युद्ध करना पड़ता है। अखिर में रावण जटायु को लहुलुहान कर नीचे गिरा देता है और सीता को लंका लेकर पहुंच जाता है। मेले की व्यव्स्था में अध्यक्ष उमेश गुप्ता, रवि शक्ुला, संदीप दीक्षित, डा0 अवधेश शर्मा, राजेन्द्र बाबू गुप्ता आदि का सहयोग रहा।
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राधाकृष्ण रामलीला नाट्य मंच के कलाकारों ने लीला में दिखाया कि पंचवटी आश्रम मे भगवान श्रीराम, लक्ष्मण व माता सीता अपना आश्रम बनाते है। इसके बाद रावण अपनी अपने पुष्पक विमान से एक ऋषि का वेश बनाकर आश्रम पर पहुंच जाता है और द्वार पर खड़े होकर भिक्षा मांगने लगता है। सीता के भिक्षा देने पर रावण लक्ष्मण रेखा पार करने का आग्रह करता है, लेकिन सीता रेखा पार करने से मना कर देतीं है। तभी ऋषि (रावण) भिक्षा लेने से मना कर देता है। ऋषि (रावण) के वापस लौटने के डर से सीता रेख पार कर देतीं है और रावण अपने असली रूप में आते ही सीता का हरण कर लेता है। रास्ते में रावण का सामना जटायु से होता है। जिससे रावण को युद्ध करना पड़ता है। अखिर में रावण जटायु को लहुलुहान कर नीचे गिरा देता है और सीता को लंका लेकर पहुंच जाता है। मेले की व्यव्स्था में अध्यक्ष उमेश गुप्ता, रवि शक्ुला, संदीप दीक्षित, डा0 अवधेश शर्मा, राजेन्द्र बाबू गुप्ता आदि का सहयोग रहा।
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