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Pilibhit Encounter: आतंकियों के फोटो देख सहम गया था दीपक, जेल भेजा गया मददगार सनी; अब पुलिस करेगी ये एक काम
Fri, 27 Dec 2024 08:17 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत
अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत
Published by: अनुज कुमार
Updated Fri, 27 Dec 2024 08:17 PM IST
सार
पीलीभीत के पूरनपुर में मारे गए आतंकियों के मदद करने वाले जसपाल उर्फ सनी को पुलिस ने जेल भेज दिया। वहीं साथ में आए दीपक और आईलेट संचालक को पुलिस ने छोड़ दिया है।
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पीलीभीत मुठभेड़
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों को होटल में कमरा दिलाने पहुंचे गजरौला जप्ती गांव के जसपाल उर्फ सनी को पुलिस ने जेल भेज दिया। साथ में आए दीपक और गांव गजरौला के ही आईलेट संचालक को छोड़ दिया गया है। पुलिस जसपाल को रिमांड पर लेने के प्रयास में है। पुलिस को उससे कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं।
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पुलिस पूछताछ में खुलासा
नगर के हरजी होटल से मिली आतंकियों और दो मददगारों के फुटेज के बाद पुलिस ने गांव गजरौला जप्ती निवासी जसपाल उर्फ सनी और दीपक को हिरासत में लिया था। कमरे का किराया कम कराने को फोन करने वाले गजरौला जप्ती के ही आईलेट संचालक गुरजीत सिंह को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस की पूछताछ में जसपाल ने इंग्लैंड में बैठे आतंकियों के मददगार आतंकी सिद्धू के बारे में जानकारी दी।
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कोर्ट ने जेल भेजा
कमरा दिलाने के लिए भी सिद्धू ने ही उसे फोन किया और उसके नंबर पर फर्जी आधार भी भेजे। पूछताछ में कई जानकारियां और संदिग्ध गतिविधियां मिलने पर पुलिस ने जसपाल उर्फ सनी का न्यायालय चालान भेजा। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। वहीं जसपाल के साथ आए दीपक और आईलेट संचालक को छोड़ दिया गया है। एसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि जसपाल का चालान भेजा गया। उसे रिमांड पर लिया जाएगा।
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आतंकियों के फोटो देख सहम गया था दीपक
दीपक ने बताया कि जब आतंकी मुठभेड़ में मारे गए। तब उनका फोटो भी जारी हुआ। आतंकियों की फोटो देखकर वह सहम गया था। उसने सनी को फोन कर बताया कि जिन लोगों को तू बुआ का लड़का बता रहा था, वे तो आतंकवादी निकले। तब सनी ने उसे चुप रहने को कहा था।
पूछताछ में सनी पुलिस को रहा घुमाता
दीपक, जसपाल, गुरजीत को घरों से उठाने के बाद पूरे दिन पुलिस की गाड़ी में बैठाए रखा गया। दीपक के पिता ने बताया कि पुत्र से मिलने कोतवाली गया था। तब दीपक के पुलिस की गाड़ी में होने की जानकारी हुई मगर उससे मिलने नहीं दिया गया। दीपक ने बताया कि उसने पुलिस को सब सही बता दिया, लेकिन सनी ने आतंकवादियों को हाथ देकर उसे रोकने की जानकारी दी।
एटीएस और एनआईए की टीमें भी रहीं सक्रिय
आतंकियों के पूरनपुर पहुंचने और मुठभेड़ की घटना के बाद से ही एटीएस और एनआईए की टीमें जांच-पड़ताल में जुटी हैं। बृहस्पतिवार के बाद शुक्रवार को भी टीमें क्षेत्र में जांच-पड़ताल करती रहीं।