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नई पहल: गीले कूड़े से तैयार होगीं जैविक खाद, बढ़ेगी आमदनी
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पीलीभीत। शहर वासियों को कूड़े से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका परिषद ने नई पहली शुरू की है। बस्तियों से एकत्र किए गए गीले कूड़े से खाद बनाने की योजना परवान चढ़ने वाली है। इसके लिए तीन पिट तैयार कराई जा रही हैं। इस योजना से पालिका की आमदनी बढ़ेगी।
कूड़ा निस्तारण के साथ शहरों को स्वच्छ बनाने पर सरकार का जोर है। इसके लिए पालिका प्रशासन ने एमआरएफ और सॉलिड वेस्टप्लांट को लेकर प्रयासरत है, लेकिन अभी इसमें कुछ काम आगे नहीं बढ़ा है। कूड़े की समस्या को देखते हुए पालिका ने इससे खाद बनाने की योजना भी बनाई है। इस योजना के तहत पालिका कार्यालय, टनकपुर हाईवे स्थित नेहरू ऊर्जा उद्यान और वाटर वर्क्स में पिट बनाई जा रही हैं। गड्ढों की खुदाई शुरू कर दी गई है। एक पिट में अधिकतम पांच से सात हजार रुपये की लागत आएगी। पिट तैयार होने के बाद मोहल्लों और कॉलोनियों से डोर टू डोर कार्यक्रम के जरिए एकत्र होने वाले गीले और सूखे कूड़ा अलग-अलग करने के बाद गीले कूड़े को पिट में डाला जाएगा। कूड़े के साथ ही उसमें कुछ मात्र गोबर और अन्य सामग्री डालकर खाद तैयार की जाएगी। दरअसल कूड़ा निस्तारण के साथ पालिका को आमदनी भी होगी। जबकि कहीं न कहीं सूखा कूड़ा भी आमदनी का साधन बनेगा।
गीले कूड़े से खाद बनाने की रूपरेखा तैयार की गई हैं। जिसके लिए अपने कार्यालय के साथ ही तीन स्थानों पर पिट तैयार कराई जा रही है। अगर ये प्रक्रिया बेहतर ढंग से संचलित होती है, तो प्रस्ताव बनाकर अन्य जगहों पर भी कूड़े से खाद बनाने के लिए पिट तैयार की जाएंगी।
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- निशा मिश्रा, अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद
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कूड़ा निस्तारण के साथ शहरों को स्वच्छ बनाने पर सरकार का जोर है। इसके लिए पालिका प्रशासन ने एमआरएफ और सॉलिड वेस्टप्लांट को लेकर प्रयासरत है, लेकिन अभी इसमें कुछ काम आगे नहीं बढ़ा है। कूड़े की समस्या को देखते हुए पालिका ने इससे खाद बनाने की योजना भी बनाई है। इस योजना के तहत पालिका कार्यालय, टनकपुर हाईवे स्थित नेहरू ऊर्जा उद्यान और वाटर वर्क्स में पिट बनाई जा रही हैं। गड्ढों की खुदाई शुरू कर दी गई है। एक पिट में अधिकतम पांच से सात हजार रुपये की लागत आएगी। पिट तैयार होने के बाद मोहल्लों और कॉलोनियों से डोर टू डोर कार्यक्रम के जरिए एकत्र होने वाले गीले और सूखे कूड़ा अलग-अलग करने के बाद गीले कूड़े को पिट में डाला जाएगा। कूड़े के साथ ही उसमें कुछ मात्र गोबर और अन्य सामग्री डालकर खाद तैयार की जाएगी। दरअसल कूड़ा निस्तारण के साथ पालिका को आमदनी भी होगी। जबकि कहीं न कहीं सूखा कूड़ा भी आमदनी का साधन बनेगा।
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गीले कूड़े से खाद बनाने की रूपरेखा तैयार की गई हैं। जिसके लिए अपने कार्यालय के साथ ही तीन स्थानों पर पिट तैयार कराई जा रही है। अगर ये प्रक्रिया बेहतर ढंग से संचलित होती है, तो प्रस्ताव बनाकर अन्य जगहों पर भी कूड़े से खाद बनाने के लिए पिट तैयार की जाएंगी।
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- निशा मिश्रा, अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद