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Pilibhit News: जांच पूरी, चार आशा वर्कर के मानदेय पर लगाई रोक
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पूरनपुर। निजी नर्सिंग होम में प्रसव के बाद रीता देवी की मौत के मामले में नर्सिंग होम के पंजीकरण, चिकित्सकों आदि को लेकर जांच पूरी हो गई है। जांच रिपोर्ट प्रभारी चिकित्साधिकारी ने सीएमओ को भेज दी है। फिलहाल चार आशा वर्कर के मानदेय पर रोक लगा दी गई है।
थाना सेहरामऊ उत्तरी के गांव पिपरा मुजप्ता निवासी रीता देवी (22) को 14 जून को सीएचसी में भर्ती कराया गया था। आशा वर्कर ने कोतवाली रोड स्थित रामा नर्सिंग होम में अच्छे इलाज का भरोसा दिलाकर 15 जून को उसे वहां पहुंचा दिया था। आरोप है कि नर्सिंग होम में जबरिया रीता देवी का ऑपरेशन किया गया।
जिससे अत्यधिक रक्तस्राव होने से रीता देवी की मौत हो गई। संचालकों को तीन दिन के अंदर अभिलेख प्रस्तुत करने का नोटिस नर्सिंग होम पर चस्पा किया गया। नर्सिंग होम संचालक चार दिन तक अपना पक्ष रखने और अभिलेख प्रस्तुत करने नहीं पहुंचे। मामले की जांच सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी को सौंपी गई।
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पांचवें दिन शुक्रवार को बरेली के जिस चिकित्सक के नाम नर्सिंंग होम का पूर्व में पंजीकरण हुआ था, उसने सीएचसी पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अनिकेत गंगवार ने बताया कि शुक्रवार को जांच पूरी कर रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी गई है।
उन्होंने बताया कि गांव पिपरा मुजप्ता की आशा वर्कर माधवी, शकुंतला देवी, कमलेश और सीएचसी से नर्सिंग होम तक रीता को पहुंचाने की आरोपी मुरादपुर की आशा वर्कर मीना के मानदेय पर रोक लगा दी गई है।
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थाना सेहरामऊ उत्तरी के गांव पिपरा मुजप्ता निवासी रीता देवी (22) को 14 जून को सीएचसी में भर्ती कराया गया था। आशा वर्कर ने कोतवाली रोड स्थित रामा नर्सिंग होम में अच्छे इलाज का भरोसा दिलाकर 15 जून को उसे वहां पहुंचा दिया था। आरोप है कि नर्सिंग होम में जबरिया रीता देवी का ऑपरेशन किया गया।
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जिससे अत्यधिक रक्तस्राव होने से रीता देवी की मौत हो गई। संचालकों को तीन दिन के अंदर अभिलेख प्रस्तुत करने का नोटिस नर्सिंग होम पर चस्पा किया गया। नर्सिंग होम संचालक चार दिन तक अपना पक्ष रखने और अभिलेख प्रस्तुत करने नहीं पहुंचे। मामले की जांच सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी को सौंपी गई।
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पांचवें दिन शुक्रवार को बरेली के जिस चिकित्सक के नाम नर्सिंंग होम का पूर्व में पंजीकरण हुआ था, उसने सीएचसी पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अनिकेत गंगवार ने बताया कि शुक्रवार को जांच पूरी कर रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी गई है।
उन्होंने बताया कि गांव पिपरा मुजप्ता की आशा वर्कर माधवी, शकुंतला देवी, कमलेश और सीएचसी से नर्सिंग होम तक रीता को पहुंचाने की आरोपी मुरादपुर की आशा वर्कर मीना के मानदेय पर रोक लगा दी गई है।