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किसान से छह लाख की रिश्वत मांगने पर दरोगा और दो सिपाही निलंबित
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पीलीभीत। किसान से छह लाख मांगने और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे एसएसआई रामगोपाल और दो सिपाहियों लेखपाल और मोनू कुमार को जांच के बाद पुलिस अधीक्षक ने निलंबित कर दिया। आईजी ने इनके खिलाफ आई शिकायत पर शाहजहांपुर के सीओ से जांच कराई थी।
गेहूं की बुआई के लिए खेत में खड़े 35 सागौन के पेड़ काटने के लिए किसान ने वन विभाग से परमीशन ली थी। तीन दिसंबर को पेड़ कटवाने के बाद जेसीबी से जड़ों को निकाला जा रहा था। रात नौ बजे माधोटांडा थाने के एसएसआई दो सिपाहियों के साथ मौके पर पहुंच गए। परमीशन से ज्यादा पेड़ काटने का आरोप लगाते हुए ट्रैक्टर ट्रॉली और जेसीबी कब्जे में ले ली। आरोप है कि रास्ते में किसान से एसएसआई ने छह लाख की रिश्वत की मांग की। नहीं देने पर ट्रैक्टर ट्रॉली और जेसीबी थाना परिसर में खड़ी करा दी। जेसीबी के चालक को हिरासत में लेकर 55 पेड़ काटे जाने की बात कबूल करने को कहा। मना करने पर चालक की भी पिटाई की। मामले की शिकायत किसान ने एसपी से की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए दो सीओ से जांच कराने के बाद तीनों को एसपी ने निलंबित कर दिया है।
माधोटांडा थाना क्षेत्र की गांव पंचपेड़ा निवासी किसान गुरुदयाल सिंह ने बताया कि खेत में खड़े 35 पेड़ों को काटने के लिए वन विभाग से परमीशन ली थी। तीन दिसंबर को पेड़ कटवाने के बाद जेसीबी से जड़ों को निकलवा रहे थे। कुछ जड़े बची थीं। इसी दौरान करीब नौ बजे थाने के एसएसआई रामगोपाल, सिपाही लेखपाल और सिपाही मोनू कुमार कुछ अन्य लोगों के साथ खेत पर पहुंचे। साथ में आए लोगों को वनकर्मी बताया था। पुलिस ने परमीशन से ज्यादा पेड़ काटने का आरोप गया था। इस पर मौके से पेड़ों की गिनती करने की बात कहीं। मगर पुलिस ने नहीं सुना। जेसीबी चालक को हिरासत में लेकर जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉली अपने कब्जे में लेकर थाने ले जाने लगे। रास्ते में बिहारी पुल के पास पुलिस ने छह लाख की रिश्वत मांगी। परमीशन पर पेड़ काटे जाने की बात कहीं और रिश्वत देने से मना कर दिया। इससे पुलिस ने ट्रैक्टर ट्रॉली और जेसीबी को थाने में खड़ा कर दिया। चालक को भी थाने में बैठा लिया। जबकि पुलिस ने जिन लोगों को वन कर्मी बताया, वह थाने नहीं आए थे। सुबह एसएसओ के हस्तक्षेप के बाद सभी को छोड़ा गया। रात में जेसीबी चालक पर झूठ बोलकर 55 पेड़ बताने का दबाव बना रहे थे। चालक ने मना किया जो उसकी पिटाई भी पुलिस ने की। मामले की शिकायत चार दिसंबर को एसपी से की गई। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तीनों को निलंबित कर दिया है।
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मामले में बरेली जोन के आईजी हुए गंभीर
बरेली जोन के आईजी रमित शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पीलीभीत और शाहजहांपुर के एसपी को जांच कराने के निर्देश दिए थे। इस पर शाहजहांपुर के एसपी ने वहां के सीओ सदर अखंड प्रताप और पीलीभीत के एसपी ने सीओ पूरनपुर वीरेंद्र विक्रम सिंह से मामले की जांच कराई । जांच अधिकारियों ने किसान, जेसीबी चालक, पुलिस कर्मियों के बयान लिए। इसके बाद आईजी के निर्देश पर मंगलवार को एसएसआई रामगोपाल, सिपाही लेखपाल, सिपाही मोनू कुमार के कार्य में लापरवाही मिलने पर निलंबित किया गया है।
एसपी ने डीएफओ को लिखा पत्र
वनकर्मियों की भी संलिप्तता प्रतीत हो रही है। पहले वनकर्मियों ने परमीशन के अनुसार पेड़ काटने की बात कहीं। पुलिस जांच में परमीशन से ज्यादा पेड़ काटे जाने की बात कही। पेड़ कटान के दौरान वनकर्मी भी मौजूद थे। डीएफओ को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने के लिए एसपी ने पत्र भेजा है। वनकर्मियों ने बदल-बदलकर बयान दिए हैं।
गलत किया तो कार्रवाई हुई
किसान गुुरुदयाल ने बताया कि परमीशन लेने के बाद पेड़ों का कटान कराया था। पुलिस ने बेवजह परेशान किया। जेसीबी चालक से झूठ बोलने का दबाव बनाया गया। मना करने पर उसे पीटा गया। थाने ले जाते समय छह लाख की डिमांड की गई। अगर मैं गलत करता, तो मेरे खिलाफ कार्रवाई होती। उन लोगों ने गलत किया, तो उन पर कार्रवाई हुई है।
किसान के पेड़ों के मामले में एसएसआई और दो सिपाहियों को निलंबित किया गया है। छह लाख की मांग की पुष्टि नहीं हुई है। नियमानुसार पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं की गई थी। वन कर्मियों ने भी बयान बदले हैं। जांच के लिए डीएफओ को पत्र भेजा गया है। एक सीओ की जांच मिल गई है। एक जांच रिपोर्ट आना बाकी है। - दिनेश कुमार पी, एसपी
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गेहूं की बुआई के लिए खेत में खड़े 35 सागौन के पेड़ काटने के लिए किसान ने वन विभाग से परमीशन ली थी। तीन दिसंबर को पेड़ कटवाने के बाद जेसीबी से जड़ों को निकाला जा रहा था। रात नौ बजे माधोटांडा थाने के एसएसआई दो सिपाहियों के साथ मौके पर पहुंच गए। परमीशन से ज्यादा पेड़ काटने का आरोप लगाते हुए ट्रैक्टर ट्रॉली और जेसीबी कब्जे में ले ली। आरोप है कि रास्ते में किसान से एसएसआई ने छह लाख की रिश्वत की मांग की। नहीं देने पर ट्रैक्टर ट्रॉली और जेसीबी थाना परिसर में खड़ी करा दी। जेसीबी के चालक को हिरासत में लेकर 55 पेड़ काटे जाने की बात कबूल करने को कहा। मना करने पर चालक की भी पिटाई की। मामले की शिकायत किसान ने एसपी से की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए दो सीओ से जांच कराने के बाद तीनों को एसपी ने निलंबित कर दिया है।
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माधोटांडा थाना क्षेत्र की गांव पंचपेड़ा निवासी किसान गुरुदयाल सिंह ने बताया कि खेत में खड़े 35 पेड़ों को काटने के लिए वन विभाग से परमीशन ली थी। तीन दिसंबर को पेड़ कटवाने के बाद जेसीबी से जड़ों को निकलवा रहे थे। कुछ जड़े बची थीं। इसी दौरान करीब नौ बजे थाने के एसएसआई रामगोपाल, सिपाही लेखपाल और सिपाही मोनू कुमार कुछ अन्य लोगों के साथ खेत पर पहुंचे। साथ में आए लोगों को वनकर्मी बताया था। पुलिस ने परमीशन से ज्यादा पेड़ काटने का आरोप गया था। इस पर मौके से पेड़ों की गिनती करने की बात कहीं। मगर पुलिस ने नहीं सुना। जेसीबी चालक को हिरासत में लेकर जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉली अपने कब्जे में लेकर थाने ले जाने लगे। रास्ते में बिहारी पुल के पास पुलिस ने छह लाख की रिश्वत मांगी। परमीशन पर पेड़ काटे जाने की बात कहीं और रिश्वत देने से मना कर दिया। इससे पुलिस ने ट्रैक्टर ट्रॉली और जेसीबी को थाने में खड़ा कर दिया। चालक को भी थाने में बैठा लिया। जबकि पुलिस ने जिन लोगों को वन कर्मी बताया, वह थाने नहीं आए थे। सुबह एसएसओ के हस्तक्षेप के बाद सभी को छोड़ा गया। रात में जेसीबी चालक पर झूठ बोलकर 55 पेड़ बताने का दबाव बना रहे थे। चालक ने मना किया जो उसकी पिटाई भी पुलिस ने की। मामले की शिकायत चार दिसंबर को एसपी से की गई। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तीनों को निलंबित कर दिया है।
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मामले में बरेली जोन के आईजी हुए गंभीर
बरेली जोन के आईजी रमित शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पीलीभीत और शाहजहांपुर के एसपी को जांच कराने के निर्देश दिए थे। इस पर शाहजहांपुर के एसपी ने वहां के सीओ सदर अखंड प्रताप और पीलीभीत के एसपी ने सीओ पूरनपुर वीरेंद्र विक्रम सिंह से मामले की जांच कराई । जांच अधिकारियों ने किसान, जेसीबी चालक, पुलिस कर्मियों के बयान लिए। इसके बाद आईजी के निर्देश पर मंगलवार को एसएसआई रामगोपाल, सिपाही लेखपाल, सिपाही मोनू कुमार के कार्य में लापरवाही मिलने पर निलंबित किया गया है।
एसपी ने डीएफओ को लिखा पत्र
वनकर्मियों की भी संलिप्तता प्रतीत हो रही है। पहले वनकर्मियों ने परमीशन के अनुसार पेड़ काटने की बात कहीं। पुलिस जांच में परमीशन से ज्यादा पेड़ काटे जाने की बात कही। पेड़ कटान के दौरान वनकर्मी भी मौजूद थे। डीएफओ को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने के लिए एसपी ने पत्र भेजा है। वनकर्मियों ने बदल-बदलकर बयान दिए हैं।
गलत किया तो कार्रवाई हुई
किसान गुुरुदयाल ने बताया कि परमीशन लेने के बाद पेड़ों का कटान कराया था। पुलिस ने बेवजह परेशान किया। जेसीबी चालक से झूठ बोलने का दबाव बनाया गया। मना करने पर उसे पीटा गया। थाने ले जाते समय छह लाख की डिमांड की गई। अगर मैं गलत करता, तो मेरे खिलाफ कार्रवाई होती। उन लोगों ने गलत किया, तो उन पर कार्रवाई हुई है।
किसान के पेड़ों के मामले में एसएसआई और दो सिपाहियों को निलंबित किया गया है। छह लाख की मांग की पुष्टि नहीं हुई है। नियमानुसार पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं की गई थी। वन कर्मियों ने भी बयान बदले हैं। जांच के लिए डीएफओ को पत्र भेजा गया है। एक सीओ की जांच मिल गई है। एक जांच रिपोर्ट आना बाकी है। - दिनेश कुमार पी, एसपी