फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Increasing number of Tigers Trouble

मुसीबत बन रही बाघ की बढ़ती संख्या

Fri, 28 Jul 2017 10:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत। Updated Fri, 28 Jul 2017 10:35 PM IST
विज्ञापन
Increasing number of Tigers Trouble
tiger
जंगल से बाहर आ रहे बाघ, बढ़ रहे हमले
विज्ञापन

ग्लोबल टाइगर डे पर विशेष

टाइगर रिजर्व बनने के बाद बाघों का संरक्षण तो हुआ है। बाघों की बढ़ती संख्या पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से काफी सुखद है लेकिन जिलेवासियों के लिए यह बाघ मुसीबत बनते जा रहे हैं। जंगल से बाहर निकल रहे बाघ ग्रामीणों एवं उनके पशुुओं पर हमला कर रहे हैं। इससे खेती करना भी मुश्किल होता जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए जंगलों का होना जरूरी है और जंगल तभी सुरक्षित रहेगे जब इसमें बाघों की पर्याप्त संख्या होगी। विश्व में बाघों के संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति वर्ष 29 जुलाई को ग्लोबल टाइगर डे मनाया जाता है। गत तीन वर्षों से भारत में भी इसे मनाया जाने लगा है। देश में शनिवार को इसकी तीसरी वर्षगांठ मनाई जाएगी। टाइगर रिजर्व कार्यालय में भी कार्यक्रम आयोजित कर बाघ संरक्षण पर चर्चा की जाएगी। बाघ संरक्षण पर पीलीभीत की बात करें तो तीन वर्ष पूर्व टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद बाघों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। बाघ के साथ तेंदुए भी काफी बढ़े हैं। इसमें में बाघों की सर्वाधिक बढ़ोत्तरी माला और महोफ रेंज में ही आंकी जा रही है। पर्यावरण की दृष्टि से बाघों की संख्या बढ़ना शुभ संकेत हैं और टाइगर रिजर्व, वन्यजीव संरक्षण एवं पर्यावरण से जुड़े लोगों के लिए अच्छी बात हो सकती है लेकिन स्थानीय स्तर पर देखा जाए तो बढ़ती बाघों की संख्या जिलेवासियों के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। चूंकि जिले के जंगल की लंबाई की अपेक्षा चौड़ाई काफी कम हैं और जंगल से सटे क्षेत्र से लेकर शहर कस्बों तक गन्ने की पर्याप्त खेती हो रही है जिससे बाघ जंगल से निकल आसानी से खेतों व गांव में पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन


नौ माह में जा चुकी 15 जान
बाघ संरक्षण के चलते जहां जंगल में बाघों की संख्या 38-40 से बढ़कर 55-60 होने की उम्मीद की जा रही है वहीं इनके हमलों से पिछले नौ माह में 15 लोगों की जान जा चुकी हैं। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक पशुओं की मौत एवं इतने ही पशु घायल हो चुके हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


शहर तक दस्तक दे रहा बाघ
टाइगर रिजर्व में संख्या बढने से बाघ अब जंगल से बाहर आने लगे हैं। पिछले 15 दिनों से एक बाघ वनकटी जंगल से बाहर आकर खेतों में घूम रहा है जो बुधवार को शहर के निकट कचहरी तक पहुंच गया। इससे लोगों में दहशत बढ़ती जा रही है।


मुआवजे में दे चुके एक करोड़
बाघ केे हमले में मारे गए लोगों के आश्रितों, घायलों के इलाज के लिए वनविभाग की ओर से मुआवजे के रूप में लगभग 60 लाख रुपये और हमले में मारे गए पशुओं को मुआवजे के रूप में लगभग 15 लाख और फसल मुआवजे के रूप में 10 लाख कुल लगभग एक करोड़ की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। इसमें अधिकांश को मुआवजा मिल गया है जबकि कुछ को मुआवजे की तैयारी चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed