फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   illegal possesion on irrigation land

शारदा डैम का वर्जित क्षेत्र कब्जों से पटा.. सिंचाई विभाग नोटिस देने की तैयारी में जुटा

Wed, 30 Sep 2020 01:44 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2020 01:44 AM IST
विज्ञापन
illegal possesion on irrigation land
माधोटांडा। प्रदेश सरकार द्वारा सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध कब्जे हटाने के निर्देशों के बाद शारदा सागर डैम के वर्जित क्षेत्र में बसे कब्जेदारों में एक बार फिर हड़कंप मच गया है। सिंचाई महकमा पहले से ही डैम के वर्जित क्षेत्र में बसे कब्जेदारों की सूची बना चुका है और अब नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है।
विज्ञापन

सिंचाई विभाग की जमीन पर वैसे तो कई स्थानों पर कब्जे हैं, मगर सर्वाधिक कब्जे शारदा सागर डैम की तलहटी में वे माने जा रहे हैं जो डैम के 200 मीटर की चौड़ाई वाले वर्जित क्षेत्र में हैं। जिनको हटाने के लिए सिंचाई विभाग और प्रशासन ने कई बार योजना बनाई। इन अवैध कब्जेदारों की सूची बनाकर इन्हें चिह्नित किया गया था।
विज्ञापन

शारदा सागर खंड की है जिम्मेदारी
सिंचाई विभाग के मुताबिक शारदा सागर डैम की लंबाई 22 किलोमीटर है। इसके तहत जीरो से 17 किलोमीटर का क्षेत्र जनपद सीमा में पड़ता है और 17 किलोमीटर से 22 किलोमीटर का क्षेत्र उत्तराखंड के उपनगर खटीमा में पड़ता है, मगर पूरे डैम के 22 किलोमीटर की देखरेख की जिम्मेदारी शारदा सागर खंड पीलीभीत की है। जिसकी दो सब डिवीजन हैं। शारदा डैम की 200 मीटर चौड़ाई वाले क्षेत्र को सीपेज एरिया और वर्जित क्षेत्र कहते हैं। डैम की सुरक्षा को देखते हुए नियमानुसार यहां कोई निर्माण नहीं कराया जा सकता है, मगर विभाग की लापरवाही के चलते वर्जित क्षेत्र में लोग आते गए और बसते गए। अभियंताओं की लापरवाही के चलते अब यह समस्या नासूर बन चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्जित क्षेत्र में एक हजार से अधिक कब्जेदार
प्रदेश की सत्ता जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभाली तो एंटी भूमाफिया अभियान के तहत युद्धस्तर पर कार्रवाईयों का दौर शुरू हो गया। यहां भी अवैध कब्जेदारों को चिह्नित करने की शुरूआत हुई। जब कब्जेदारों की सूची तैयार की तो शून्य किमी से दस किमी तक करीब 600 कब्जेदार और आगे 22 किमी तक इसी तरह से इतने ही कब्जेदार प्रकाश में आए। मजेदार बात यह भी थी कि उत्तराखंड क्षेत्र में जो 18 किमी से 22 किमी के मध्य डैम के भीतरी हिस्से में तो पूरी कॉलोनी ही बसी पाई गई। हालांकि उस समय पूरा उत्तर प्रदेश ही था उत्तराखंड अस्तित्व में नहीं आया था।
वर्ष 1989 में अस्थाई तौर पर बसे थे बाढ़ पीड़ित
जनपद में जब वर्ष 1989 में शारदा नदी में बाढ़ आई तो रामनगरा, गुनहान सहित कई गांव की आबादी का क्षेत्र एवं जमीनें नदी में बह गई थीं तो यहां के बाढ़ पीड़ित अस्थाई तौर पर शारदा डैम के वर्जित क्षेत्र में आकर बस गए थे। हालांकि सिंचाई विभाग ने उस समय विरोध भी किया था, मगर उस समय जिला प्रशासन ने यह कह दिया था कि बाढ़ पीड़ित अस्थाई रूप से यहां रहेंगे और बरसात बाद इनको दूसरे स्थानों पर बसाया जाएगा। लापरवाही का नतीजा यह निकला कि बाहर से भी आकर लोग यहां बसते गए और एक तरह से पूरा वर्जित क्षेत्र कब्जेदारों के कब्जे में चला गया।
आवंटित जमीन लेने से किया था इंकार
इसके बाद तत्कालीन डीएम कौशल राज शर्मा ने बाढ़ पीड़ितों को बसाने के प्रयास किए, मगर बाढ़ पीड़ितों ने आवंटित जमीन को लेने से इंकार करते हए किसी अन्य सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर बसाने की मांग की। उसके बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इधर अब एक बार फिर शासन ने पूरे प्रदेश में सिंचाई विभाग की अवैध कब्जे वाली जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के आदेश दिए हैं। शासन के इस आदेश के बाद वर्जित क्षेत्र के कब्जेदारों में खलबली मच गई है। सिंचाई विभाग ने वर्जित क्षेत्र में बसे कब्जेदारों को हटाने के लिए नोटिस तैयार करना शुरू कर दिए हैं।

शारदा डैम के वर्जित क्षेत्र में अवैध कब्जे कर लोग बस गए हैं। उनको नोटिस देने की तैयारी चल रही है, ताकि वह लोग कब्जे खाली कर दें। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अधिकारियों के निर्देश पर होगी। - सुरेंद्र पाल सिंह, जिलेदार, शारदा सागर खंड।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed