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Pilibhit News: एक हफ्ते में नहीं दिया स्पष्टीकरण तो दोनों व्यापारियों का रद्द होगा लाइसेंस

Sun, 10 Aug 2025 11:19 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 10 Aug 2025 11:19 PM IST
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If no clarification is given within a week, the license of both the traders will be cancelled
पीलीभीत। शिकायत मिलने के बाद जिले के दो बड़े खाद व्यापारियों के लाइसेंस जिला कृषि अधिकारी ने निलंबित कर दिए हैं। साथ ही दोनों व्यापारियों को निर्देश दिए हैं कि वह एक सप्ताह के भीतर साक्ष्यों सहित अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध कराएं। ऐसा न करने पर दोनों के लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएंगे।
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जिले में खाद की कालाबाजारी करने में बड़े व्यापारी भी शामिल हैं। हाल ही में बीसलपुर के बड़े खाद व्यापारी ज्वाला सरन जगदीश सरन फर्म के मालिक की मझोला की ज्योति फर्टिलाइजर्स के संचालक रामऔतार अग्रवाल ने डीएम से शिकायत की थी। रामऔतार अग्रवाल का आरोप है कि बीसलपुर के खाद व्यापारी ने यूरिया 260 रुपये में देने के साथ ही उसके साथ जिंक, जाइम सहित अन्य सामान खरीदने का दबाव बनाया।
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मझोला तक किराया भाड़ा जोड़कर यूरिया करीब 280 रुपये प्रति बोरी पड़ रही है, जबकि शासन द्वारा निर्धारित अधिकतम दर 266 रुपये, लोडिंग सहित 270 रुपये है। आपत्ति करने पर यूरिया देने से मना कर दिया, जबकि फर्म के पास यूरिया उपलब्ध थी। आरोप है कि स्टॉक की गई यूरिया की कालाबाजारी की गई। साक्ष्य के तौर पर कॉल रिकॉर्डिंग भी दी गई है।
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वहीं शहर की मैसर्स शंकर खाद भंडार की शिकायत पहुंची। इसमें आरोप लगाया गया है कि फुटकर विक्रेताओं को यूरिया व डीएपी निर्धारित मूल्य से 20 से 25 रुपये ओवररेट पर दी जा रही है। विरोध पर खाद देने से मना किया गया। मामलों का संज्ञान में लेते हुए जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र कुमार ने दोनों फर्म के लाइसेंस निलंबित करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया गया है। जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि दोनों खाद व्यापारियों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। जवाब सही न मिलने न लाइसेंस रद्द किया जाएगा।


जवाब में झोल मिलने पर एफआईआर कराने का है नियम
अधिकांश लाइसेंस निलंबित करने के बाद झोल शुरु हो जाता है, जबकि विभागीय आदेश यह है कि लापरवाही उजागर होने पर संबंधित खाद व्यापारी पर डीएम के अनुमोदन के बाद एफआईआर दर्ज कराते हुए उसका लाइसेंस रद्द किया जाना चाहिए, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही से लाइसेंस निलंबित होने के बाद स्पष्टीकरण में फेरबदल कराकर लाइसेंस की बहाली कर दी जाती है।
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