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Pilibhit News: कैसे बदले नदी का रुख, फाइलों में दबी परियोजना

Tue, 11 Jul 2023 11:47 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Tue, 11 Jul 2023 11:47 PM IST
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How the course of river changed, project buried in files
चदिया हजारा में कटान करती शारदा नदी ।
पीलीभीत। पूरनपुर के गांव चंदिया हजारा को शारदा नदी के कटान और बाढ़ से बचाव के लिए दो वर्ष पहले मंजूर की गई चेन लाइजनिंग की परियोजना अधर में लटकी हुई है। इसके तहत बड़ा नाला बनाकर नदी का रुख बदला जाना था, लेकिन इनमें पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) की अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) का पेंच फंस गया। इसके चलते दो साल से यथा स्थति बनी हुई है। इसका काम वाराणसी की टीम की ओर से होना है।
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शारदा नदी के निशाने पर हर वर्ष पूरनपुर क्षेत्र के गांव चंदिया हजारा की कृषि भूमि रहती है। साथ ही पीटीआर का वनक्षेत्र भी कटान की भेंट चढ़ जाता है। क्योंकि नदी की धार गांव की ओर ही आ रही है। बाढ़ खंड की ओर से नदी की धार मोड़ने और गांव से दूर करने के लिए दो वर्ष पहले चेन लाइजनिंग परियोजना का प्रस्ताव शासन के पास भेजा गया था। इस परियोजना के तहत नाले को खोदकर नदी की धार को सीधा करना था।
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इसके लिए नौ करोड़ रुपये भी मंजूर किए गए थे। इसके लिए वाराणसी की एक फर्म को काम शुरू करना था। जहां बड़ा नाला बनाया जाना है, वहां टाइगर रिजर्व का क्षेत्र आता है। इसके लिए वन विभाग की ओर से अनुमति चाहिए थी। अनुमति के लिए पत्रावली तैयार की गई। इसके बाद अनुमति के नाम पर पत्रावली दब गई। एनओसी की उम्मीद में दो वर्ष से परियोजना फाइलों में दबी हुई है। इस पर अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में एक बार फिर जंगल और किसानों की फसल को शारदा नदी अपने आगोश में ले रही है।
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अधिकारी कह रहे नहीं हो रहा कटान
चंदिया हजारा में पिछले कई दिन से नदी कटान कर रही है। बचाव कार्य भी हो रहा है। किसान फसल के साथ खेत कटने से परेशान हैं। वहीं, बाढ़ खंड के अधिकारियों का दावा है कि वहां पर फसल नहीं कट रही है। नदी जंगल को काट रही है। अधिकारियों का तर्क है कि कटान नहीं हो रहा है। ऐसे में किसकी बात को माना जाए, असमंजस की स्थिति बनी हुई है।


दो साल पहले नौ करोड़ की परियोजना बनी थी। इससे नदी की धार को नियंत्रण करना था। वाराणसी की फर्म को इसकी जिम्मेदारी दी थी। एनओसी न मिलने के कारण काम अधर में लटका हुआ है। -शैलेष कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड

एनओसी के लिए पत्रावली केंद्र सरकार के पास है। वहीं से अनुमति जारी होनी है। उनके स्तर से कुछ नहीं हो सकता है। -नवीन खंडेलवाल, डीडी, पीटीआर
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