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टीबी रोगी बच्चों को गोद लेने के लिए आगे आए जनप्रतिनिधि
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31 के अंक में प्रकाशित खबर।
- फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। टीबी ग्रसित बच्चों को गोद लेने की पहल में अब माननीय भी शामिल हो गए हैं। मुहिम में शामिल होने के लिए सीएमओ से मरीजों की सूची मांगी गई है। राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने मोहल्ला थान सिंह निवासी टीबी ग्रसित एक बच्ची को गोद लिया है। उनका कहना है कि अपनी विधानसभा में अगर कोई और बच्चा टीबी से ग्रसित हुआ तो उसे गोद लेंगे।
जिले में टीबी के करीब 2301 मरीज हैं। इनमें 204 बच्चे शामिल हैं, जिनकी उम्र 14 वर्ष से कम है। राज्यपाल की अपील के बाद पूर्व में अफसरों और सामाजिक संगठनों ने आगे आकर 140 बच्चों को गोद ले लिए। 66 बच्चे शेष बच्चे बिना गोद के ही रहे गए थे। अमर उजाला की पहल के बाद माननीयों ने टीबी ग्रसित बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
टीबी की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार योजनाओं के साथ करोड़ों रुपये खर्च कर मरीजों तक लाभ पहुंच रही है। बेहतर पोषण के साथ देखरेख के लिए बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी। पूर्व में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अफसरों, सामाजिक संगठनों और माननीय से टीबी ग्रसित बच्चों को गोद लेने अपील की थी। जिले में मुहिम शुरू हुई।
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मार्च माह में डीएम समेत अफसरों और सामाजिक संगठनों ने 140 बच्चों को गोद ले लिया। 66 बच्चे को गोद नहीं मिल सकी। खास बात यह थी कि जिले के एक भी माननीय ने इस काम में अपना कदम आगे नहीं बढ़ाया था। बुधवार को अमर उजाला ने टीबी ग्रसित मरीजों की हकीकत को उजागर किया था। इसके बाद माननीय भी आगे आए हैं। गन्ना मंत्री संजय गंगवार ने एक बच्ची को गोद ले लिया। पूरनपुर, बरखेड़ा, बीसलपुर के विधायकों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों के बच्चों की सूची सीएमओ से मांगी है। इसके बाद उन्हें गोद लेकर उनका इलाज कराया जाएगा।
सभी विधायकों ने टीबी ग्रसित बच्चों को गोद लेने के लिए सूची मांगी हैं। विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। - डॉ. आलोक कुमार, सीएमओ
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जिले में टीबी के करीब 2301 मरीज हैं। इनमें 204 बच्चे शामिल हैं, जिनकी उम्र 14 वर्ष से कम है। राज्यपाल की अपील के बाद पूर्व में अफसरों और सामाजिक संगठनों ने आगे आकर 140 बच्चों को गोद ले लिए। 66 बच्चे शेष बच्चे बिना गोद के ही रहे गए थे। अमर उजाला की पहल के बाद माननीयों ने टीबी ग्रसित बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
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टीबी की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार योजनाओं के साथ करोड़ों रुपये खर्च कर मरीजों तक लाभ पहुंच रही है। बेहतर पोषण के साथ देखरेख के लिए बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी। पूर्व में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अफसरों, सामाजिक संगठनों और माननीय से टीबी ग्रसित बच्चों को गोद लेने अपील की थी। जिले में मुहिम शुरू हुई।
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मार्च माह में डीएम समेत अफसरों और सामाजिक संगठनों ने 140 बच्चों को गोद ले लिया। 66 बच्चे को गोद नहीं मिल सकी। खास बात यह थी कि जिले के एक भी माननीय ने इस काम में अपना कदम आगे नहीं बढ़ाया था। बुधवार को अमर उजाला ने टीबी ग्रसित मरीजों की हकीकत को उजागर किया था। इसके बाद माननीय भी आगे आए हैं। गन्ना मंत्री संजय गंगवार ने एक बच्ची को गोद ले लिया। पूरनपुर, बरखेड़ा, बीसलपुर के विधायकों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों के बच्चों की सूची सीएमओ से मांगी है। इसके बाद उन्हें गोद लेकर उनका इलाज कराया जाएगा।
सभी विधायकों ने टीबी ग्रसित बच्चों को गोद लेने के लिए सूची मांगी हैं। विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। - डॉ. आलोक कुमार, सीएमओ