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वाहन नहीं मिले तो साइकिलों से छत्तीसगढ़ से पहुंचे 100 लोग
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पूरनपुर। लॉकडाउन में मजदूरी मिलना बंद हो गई। साधन न मिलने से 100 श्रमिक छत्तीसगढ़ से साइकिल से चलकर अपने घरों को पहुंच गए। कुछ लोगों ने रविवार को सीएचसी पहुंचकर जांच करवाई। बंजरिया, दुधियाखुर्द में हरियाणा से पहुंचने की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव पहुंचकर उनकी स्क्रीनिंग की। इसके बाद उन्हें 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन कर दिया गया।
गांव हरीपुर, जादौपुर गहलुइया, रायपुर, गोरा, धनेगा सहित आसपास गांव के 100 लोग नवंबर में छत्तीसगढ़ मजदूरी करने गए थे। कोरोना के चलते लॉकडाउन लगने के बाद इन्हें मजदूरी मिलना बंद हो गई तो खाने का संकट गहराने लगा। वाहन न मिलने से आठ दिन पहले इन सबने साइकिलों से घर लौटने का निर्णय लिया। फिर यह श्रमिक साइकिलें खरीदकर घरों को चल दिए। सात दिन साइकिल चलाने के बाद घर पहुंचे। इधर, हरियाणा से गांव बंजरिया में आए 30 और गांव दुधियाखुर्द में आए 22 लोगों की स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने पहुंचकर स्क्रीनिंग की।
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गांव हरीपुर, जादौपुर गहलुइया, रायपुर, गोरा, धनेगा सहित आसपास गांव के 100 लोग नवंबर में छत्तीसगढ़ मजदूरी करने गए थे। कोरोना के चलते लॉकडाउन लगने के बाद इन्हें मजदूरी मिलना बंद हो गई तो खाने का संकट गहराने लगा। वाहन न मिलने से आठ दिन पहले इन सबने साइकिलों से घर लौटने का निर्णय लिया। फिर यह श्रमिक साइकिलें खरीदकर घरों को चल दिए। सात दिन साइकिल चलाने के बाद घर पहुंचे। इधर, हरियाणा से गांव बंजरिया में आए 30 और गांव दुधियाखुर्द में आए 22 लोगों की स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने पहुंचकर स्क्रीनिंग की।
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