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युवावस्था में एचआईवी संक्रमित हुए बुढ़ापे तक बिल्कुल ठीक
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पीलीभीत। युवावस्था में एचआईवी संक्रमित हुए एक व्यापारी अब बुढ़ापे की उम्र में पहुंच गए हैं लेकिन पूरी तरह से स्वस्थ हैं। अब उनके भी बच्चों के बच्चे हो गए हैं। लेकिन उनके अलावा कोई संक्रमित नहीं है। बुढ़ापे की उम्र तक स्वस्थ बने रहने का एक ही कारण रहा कि उन्होंने कभी दवाई नहीं छोड़ी। इलाज के साथ काउंसिलिंग भी लेते रहे। नतीजा खुद स्वस्थ हैं और परिवार की जिम्मेदारियां भी पूरी कर रहे हैं। काउंसलर ने बताया कि यह व्यापारी 30 वर्ष की उम्र में संक्रमित हुए थे और अब 65 वर्ष की उम्र तक पूरी तरह से ठीक हैं।
यह जानकारी देते हुए एचआईवी परामर्श केंद्र की काउंसलर पूनम गंगवार ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति एचआईवी पॉजिटिव हो जाता है तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। वह व्यक्ति पूरी उम्र स्वस्थ तरीके से जीवन जी सकता है। बस समय पर दवाई लेनेे की जरूरत है। अगर समय पर दवाई ले रहे हैं तो आपके जरिए किसी दूसरे व्यक्ति को संक्रमण नहीं फैलेगा लेकिन अगर नियमित रूप से समय दवाएं नहीं ले रहे हैं तो न केवल खुद की जान खतरे में पड़ेगी बल्कि दूसरे व्यक्ति में भी संक्रमण फैल सकता है। इसलिए अगर टेस्ट में आप एचआईवी पॉजिटिव आ जाएं तो उसी दिन से इलाज शुरू कर दें। सरकार की ओर से इलाज और काउंसिलिंग दोनों निशुल्क हैं। जिला अस्पताल में स्वैच्छिक परामर्श एवं जांच केंद्र बना हुआ है। इस केंद्र के माध्यम से 97 मरीजों का उपचार चल रहा। कई मरीज ऐसे हैं जिन्हें देखकर आप नहीं कह सकते कि वे संक्रमित हुए थे।
पहले पति से मिला संक्रमण, दूसरी शादी के बाद भी स्वस्थ है महिला
एक ग्रामीण महिला को 20 वर्ष की उम्र में पहले पति से एचआईवी का संक्रमण मिला था। महिला ने पति की मौत के बाद दूसरी शादी कर ली। महिला खुद संक्रमित है। यह उसे नहीं पता था लेकिन तबीयत बिगड़ी तो एचआईवी की जांच कराई। जांच में संक्रमण पाया गया। महिला का दूसरा पति इसे लेकर घबरा गया था लेकिन जब काउंसिलिंग हुई तो दूसरे पति ने हिम्मत दिखाई और वैवाहिक जीवन में आगे बढ़ा। महिला ने भी समय पर दवाई खाई और अपना ध्यान रखा। संक्रमण के बाद एक बच्चा और पैदा हुआ। महिला ने समय पर दवाई लेते हुए रोग प्रतिरोधक क्षमता को घटने नहीं दिया। इसका नतीजा यह है कि उसके दो बच्चे और पति स्वस्थ हैं। महिला के अलावा घर में कोई एचआईवी पॉजिटिव नहीं है।
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यह जानकारी देते हुए एचआईवी परामर्श केंद्र की काउंसलर पूनम गंगवार ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति एचआईवी पॉजिटिव हो जाता है तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। वह व्यक्ति पूरी उम्र स्वस्थ तरीके से जीवन जी सकता है। बस समय पर दवाई लेनेे की जरूरत है। अगर समय पर दवाई ले रहे हैं तो आपके जरिए किसी दूसरे व्यक्ति को संक्रमण नहीं फैलेगा लेकिन अगर नियमित रूप से समय दवाएं नहीं ले रहे हैं तो न केवल खुद की जान खतरे में पड़ेगी बल्कि दूसरे व्यक्ति में भी संक्रमण फैल सकता है। इसलिए अगर टेस्ट में आप एचआईवी पॉजिटिव आ जाएं तो उसी दिन से इलाज शुरू कर दें। सरकार की ओर से इलाज और काउंसिलिंग दोनों निशुल्क हैं। जिला अस्पताल में स्वैच्छिक परामर्श एवं जांच केंद्र बना हुआ है। इस केंद्र के माध्यम से 97 मरीजों का उपचार चल रहा। कई मरीज ऐसे हैं जिन्हें देखकर आप नहीं कह सकते कि वे संक्रमित हुए थे।
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पहले पति से मिला संक्रमण, दूसरी शादी के बाद भी स्वस्थ है महिला
एक ग्रामीण महिला को 20 वर्ष की उम्र में पहले पति से एचआईवी का संक्रमण मिला था। महिला ने पति की मौत के बाद दूसरी शादी कर ली। महिला खुद संक्रमित है। यह उसे नहीं पता था लेकिन तबीयत बिगड़ी तो एचआईवी की जांच कराई। जांच में संक्रमण पाया गया। महिला का दूसरा पति इसे लेकर घबरा गया था लेकिन जब काउंसिलिंग हुई तो दूसरे पति ने हिम्मत दिखाई और वैवाहिक जीवन में आगे बढ़ा। महिला ने भी समय पर दवाई खाई और अपना ध्यान रखा। संक्रमण के बाद एक बच्चा और पैदा हुआ। महिला ने समय पर दवाई लेते हुए रोग प्रतिरोधक क्षमता को घटने नहीं दिया। इसका नतीजा यह है कि उसके दो बच्चे और पति स्वस्थ हैं। महिला के अलावा घर में कोई एचआईवी पॉजिटिव नहीं है।
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