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Pilibhit News: ऐतिहासिक बरेली और कोतवाली दरवाजे का किया जाएगा संरक्षण, वर्ष 1734 में हुआ था निर्माण
Mon, 26 Jun 2023 06:34 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 26 Jun 2023 06:34 PM IST
सार
पुरातत्व विभाग ने बरेली दरवाजा और कोतवाली दरवाजे को राजकीय संरक्षण में लेने की बात कही है। शहर के अधिवक्ता शिवम कश्यप ने ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण को लेकर मांग उठाई थी।
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बरेली दरवाजा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पीलीभीत में मुगल शासनकाल में बनाई गई इमारतों को अब संरक्षण की जरूरत है। इसको लेकर अधिवक्ता लगातार मांग कर रहे हैं। इस पर पुरातत्व विभाग ने अब बरेली दरवाजा और कोतवाली दरवाजे को राजकीय संरक्षण में लेने की बात कही है।
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शहर और जिले में कई ऐतिहासिक धरोहर अभी भी मौजूद हैं। लेकिन संरक्षण व देखभाल के अभाव में यह धरोहर जर्जर हो गई हैं। ऐसे में संरक्षण के लिए अधिवक्ता शिवम कश्यप ने पुरातत्व विभाग को पत्र भेजा था। जिसमें बरेली दरवाजा और कोतवाली दरवाजा सहित अन्य इमारतों को संरक्षित करने की मांग की गई थी। अधिवक्ता की मांग पर पुरातत्व विभाग ने अपनी सहमति जता दी है।
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अधिवक्ता को भेजे गए पत्र में उत्खनन एवं अन्वेषण अधिकारी राम विनय ने कहा है कि शहर में स्थित बरेली दरवाजा, पुरानी तहसील, कोतवाली में विभागीय दफ्तरों का संचालन हो रहा है। इसके अलावा बरेली दरवाजा और कोतवाली दरवाजे को उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग परामर्शदात्री समिति की आगामी बैठक में संरक्षित करना प्रस्तावित है।
इस दशा में दोनों इमारतों को जल्दी पुरातत्व विभाग अपने राजकीय संरक्षण में लेने की कवायद शुरू करेगा। बता दें कि बरेली दरवाजा एवं कोतवाली दरवाजा समेत चार दरवाजों की स्थापना 1734 ईसवीं में मुगल सूबेदार अली मोहम्मद खान ने करवाई थी।