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UP Board Result 2026: मजदूर की बेटी अक्षरा ने पीलीभीत जिले में पाया तीसरा स्थान, आईएएस अफसर बनने का है सपना

Thu, 23 Apr 2026 11:01 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Published by: Mukesh Kumar Updated Thu, 23 Apr 2026 11:01 PM IST
सार

पीलीभीत में मजदूरी की बेटी अक्षरा ने हाईस्कूल परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में तीसरा स्थान पाया है। उनके पिता मेहनत मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाते हैं। जानते हैं अक्षरा के सफलता की कहानी...

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High school student Akshara the daughter of a laborer secured the third position in Pilibhit district
अक्षरा को मिठाई खिलाते माता-पिता - फोटो : संवाद

विस्तार

तंगहाली अगर इरादों को रोक पाती, तो पीलीभीत की छात्रा अक्षरा आज इस मुकाम पर नहीं होतीं। शहर के सनातन धर्म बांके बिहारी इंटर कॉलेज की इस छात्रा ने 94 प्रतिशत अंक हासिल कर हाईस्कूल में जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया और यह साबित कर दिया कि मेहनत और जज्बे के आगे हालात भी झुक जाते हैं। बृहस्पतिवार को शाम चार बजे हाईस्कूल का रिजल्ट घोषित हुआ तो अक्षरा के परिवार में खुशियां छा गईं। 

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मेहनत मजदूरी करते हैं पिता 
अक्षरा के पिता मोहम्मद इकबाल खां मजदूरी कर परिवार का गुजर-बसर करते हैं। दिनभर की मेहनत के बाद 300 से 500 रुपये तक की आमदनी में पूरे परिवार का खर्च चलता है। मगर उन्होंने कभी बच्चों की पढ़ाई को बोझ नहीं बनने दिया। तीन बहनों में सबसे बड़ी अक्षरा अपने छोटे भाई-बहनों के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं। उनकी बहन हिना कक्षा नौ और नायरा कक्षा छह में पढ़ती है। भाई फैज अभी कक्षा एक में है। पिता बताते हैं कि वे कई बार जरूरी काम भी टाल देते हैं, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। यही त्याग आज अक्षरा की सफलता में झलक रहा है।
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सही उपयोग से पढ़ाई का महत्वपूर्ण साधन है सोशल मीडिया
अक्षरा रोजाना सात से आठ घंटे पढ़ाई करती हैं। उनका मानना है कि आज के समय में सोशल मीडिया को सही दिशा में इस्तेमाल किया जाए, तो यह पढ़ाई का बड़ा साधन बन सकता है। उन्होंने यू-ट्यूब के माध्यम से कई विषयों को बेहतर तरीके से समझा और अपनी तैयारी को मजबूत किया। विद्यालय में उनकी क्लास टीचर प्रेमवती और प्रधानाचार्य डॉ. सुरेंद्र गंगवार ने उनकी लगन और अनुशासन की सराहना की है। अक्शरा का सपना सिर्फ अच्छे अंक तक सीमित नहीं है। वह आगे चलकर यूपीएससी की तैयारी कर प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती हैं, ताकि अपने परिवार और समाज के लिए कुछ बड़ा कर सकें।

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बिलसंडा की कृति का दूसरा स्थान 
बिलसंडा को सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्या मंदिर की छात्रा कृति गोस्वामी ने हाईस्कूल में जिला में दूसरा स्थान प्राप्त किया तो माता- पिता और परिजन खुशी से झूम उठे। कृति ने 94.17 प्रतिशत अंक हासिल किए है। उन्होंने बताया कि वह रोजाना करीब सात से आठ घंटे तक पढ़ाई करती थी। ऑफलाइन कोचिंग करती थी। विषयवार समय सारिणी बनाकर तैयारी की। अच्छे अंक का श्रेय उन्होंने अपनी माता पिता और गुरुजनों को दिया है। कृति के पिता बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक हैं। कृति ने कहा कि वह आईएएस बनकर समाज की सेवा करना चाहती हैं।

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