फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   helth department engaged in saving bribe accused

रिश्वत लेने के आरोपियों को बचाने में जुटा अस्पताल प्रशासन

Sat, 27 Aug 2022 12:45 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 27 Aug 2022 12:45 AM IST
विज्ञापन
helth department engaged in saving bribe accused
पीलीभीत। जिला अस्पताल में रिश्वत के मामले में सख्ती के बजाय लीपापोती की जा रही है। तीसरे दिन भी प्रशिक्षु फार्मासिस्ट और बाहरी व्यक्ति गजेंद्र पर एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी। कोतवाली पुलिस ने तहरीर मिलने की बात तो स्वीकार की लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की। इधर, वीडियो में रुपये लेते दिखे टेक्नीशियन शशांक और दो चिकित्सकों ने सीएमएस को दिए स्पष्टीकरण में खुद को निर्दोष बताया। अस्पताल प्रशासन भी उन्हें बचाने की जुगत में जुटा है।
विज्ञापन

वीडियो वायरल होने के बाद फिटनेस सर्टिफिकेट के नाम पर जिला अस्पताल में हो रही वसूली का खेल उजागर तो हो गया लेकिन अभी तक कार्रवाई कुछ नहीं हुई। वायरल वीडियो में चिकित्सकों की मौजूदगी में ईसीजी टेक्नीशियन शशांक और बाहरी व्यक्ति गजेंद्र फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने के नाम पर रुपये लेते हुए साफ दिख रहे हैं। फिजीशियन कक्ष में भी वसूली में जुटा प्रशिक्षु फार्मासिस्ट वीडियो में कैद हुआ।
विज्ञापन

डीएम के संज्ञान में लेने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने शुरुआत में सख्ती जरूर दिखाई, लेकिन बाद में आरोपियों को बचाने में जुट गए। सीएमएस ने प्रशिक्षु और गजेंद्र को प्रथम दृष्टता दोषी मानते हुए एफआईआर के लिए कोतवाली में तहरीर भेजी। लेकिन अभी तक एफआईआर ही नहीं हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

इधर, आरोपी टेक्नीशियन शशांक ने सीएमएस को दिए बयान में कहा कि कि उसने कुछ सामान मंगवाया था, उसके रुपये शेष बचे थे, वहीं रुपये युवक उसकी जेब में रख रहा है। चर्चा है कि अंदरखाने सब कुछ मैनेज हो गया है। आखिर में यह कहकर बचाव कर लिया जाएगा कि अधिकारियों के पास कोई लिखित शिकायत नहीं आई है।
वीडियो में सब कुछ साफ फिर कार्रवाई क्यों नहीं
ईसीजी कक्ष में अवैध वसूली के वायरल वीडियो में गजेंद्र और टेक्नीशियन शशांक युवकों से रुपये मांग रहे हैं। युवक सौ रुपये देने पर राजी होते हैं, लेकिन गजेंद्र कहता है कि सौ रुपये दोगे तो बहुत जगह भागना पड़ेगा। पूछने पर शशांक भी गजेंद्र की बात पर हां में हां मिलाता दिख रहा है। इस दौरान दूसरा युवक आकर शशांक को रुपये दे देता है। पूरे में मामला उजागर होने के बाद अफसर टेक्नीशियन पर कार्रवाई को पीछे हट रहे हैं।

कोतवाली में तहरीर भेज दी गई हैं। पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी चाहिए थी। अन्य तीन कर्मचारियों का जवाब मिलने पर रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी गई हैं। -डॉ बीएस यादव, प्रभारी सीएमएस
सीएमएस की ओर से तहरीर तो मिली है लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हो सका है। जल्द ही मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। -गोविंद सिंह, इंस्पेक्टर क्राइम, कोतवाली
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed