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पीलीभीत: सेहत को खतरा....खुले में फेंका जा रहा मेडिकल कचरा

Wed, 15 Feb 2023 11:47 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 15 Feb 2023 11:47 PM IST
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Health
पीलीभीत। बायो मेडिकल वेस्ट को लेकर भले ही गंभीरता बरतने के दावे किए जा रहे हों, लेकिन धरातल पर स्थिति कुछ और ही है। शहर में जिला अस्पताल से लेकर प्राइवेट चिकित्सालयों और क्लीनिक से निकलने वाले बायो मेडिकल वेस्ट को कचरे में ही डाला जा रहा है। रात के अंधेरे में चोरी-छिपे मेडिकल वेस्ट यहां-वहां डाल दिया जाता है। इससे संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है।
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शहर के अंदर 30 से अधिक अस्पताल और नर्सिंग होम हैं। इसके अलावा सौ से अधिक क्लीनिक हैं। शहर या कस्बों में मेडिकल वेस्ट निस्तारण के प्लांट नहीं लगे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि मेडिकल वेस्ट का नियमानुसार निस्तारण करने के लिए बरेली की कंपनी को जिम्मा दिया गया है तो अस्पताल, नर्सिंग होम संचालकों का दावा है कि वे एक निजी कंपनी के माध्यम से शहर का बायो मेडिकल वेस्ट रोजाना उठवाकर बरेली भिजवा रहे हैं, मगर यह दावे हवा-हवाई हैं।
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शहर के कई इलाकों में खुले में बायो मेडिकल वेस्ट को डाला जा रहा है। कबाड़ बीनने वालों के अलावा छुट्टा मवेशी मेडिकल वेस्ट के संपर्क में आते दिखाई देते हैं।
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इन जगहों पर खुले में डाला जा रहा मेडिकल बायो वेस्ट
शहर का स्टेडियम रोड, छतरी चौराहे, गौहनिया रेलवे क्रॉसिंग, जिला अस्पताल रोड, जिला अस्पताल में तालाब के पास के अलावा स्टेशन रोड। इसके अलावा अशोक कॉलोनी के मोड़ पर भी रात में बायो वेस्ट डाला जाता हैं।
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यह हैं मेडिकल बायो वेस्ट
प्रयोग की हुईं सिरिंज, यूज्ड बैंडेज, पैथोलॉजी वेस्ट, कैप्सूल, पीपीई किट, पीपीई कवर, मास्क, ग्लब्स आदि।
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मेडिकल वेस्ट के संपर्क में आने से खतरा
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. रमाकांत सागर का कहना है कि बायो मेडिकल वेस्ट का सही निस्तारण न हो तो इससे संक्रमण हो सकता है। सामान्य कूड़े में या खुले में फेंक देने पर कबाड़ियों या आम आदमी को सिरिंज चुभने से संक्रामक बीमारी फैल सकती है। अस्पताल के एक बेड से निकलने वाला औसतन 250 ग्राम कूड़ा ऐसा होता है, जिसका निस्तारण हर हाल में जरूरी हैं। नहीं तो इसके अंदर मौजूद बैक्टीरिया या वायरस संक्रमण का कारण बनते हैं। खुले मैदानों या नालियों में फेंके जाने से वायु और जल प्रदूषण भी होता है।

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सभी को निर्देश दिए गए हैं पीपीई किट हो या फिर कोई भी मेडिकल वेस्ट उसे इकट्ठा करने के लिए रखी तीन तरह की पॉलिथीन में डालें। इससे मेडिकल बेस्ट उठाने वाली फर्म उसे लेजाकर नियमानुसार निस्तारण करेगी। खुले में मेडिकल वेस्ट डालने को लेकर सख्ती की जाएगी।
- डॉ. आलोक कुमार, सीएमओ
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