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कोरोना से खूब लड़ा पीलीभीत का काढ़ा और क्वाथ
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पीलीभीत। पीलीभीत के काढ़े और अमृतादि क्वाथ ने कोरोना से जमकर टक्कर ली। आयुर्वेदिक कॉलेज में तैयार किए गए काढ़े ने लोगों की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाई। खास बात यह है कि काढ़ा लोगों को एक रुपये में मुहैया कराया गया। अब तक हजारों लोग काढ़े का सेवन कर चुके हैं।
कोरोना काल के दौरान लोगों का आयुर्वेद की तरफ खासा रुझान बढ़ा। कोरोना संक्रमण से बचने और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लोगों ने घर घर काढ़े का खूब सेवन किया। वहीं आयुष मंत्रालय के निर्देश पर ललित हरि आयुर्वेदिक कॉलेज एवं चिकित्सालय में बने काढ़े ने भी लोगों को कोरोना से टक्कर लेने में मदद की जिसे महज एक रुपये में मुहैया कराया गया।
आयुर्वेदिक कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राकेश तिवारी ने बताया कि फार्मेसी में 16 क्विंटल काढ़ा और 10 क्विंटल अमृतादि क्वाथ तैयार किया गया। काढ़ा तुलसी, दालचीनी, सोंठ और काली मिर्च के मिश्रण से तैयार किया गया। अमृतादि क्वाथ में गिलोय आदि का मिश्रण शामिल किया गया। यह लोगों को 50-50 ग्राम के पैकेट में मुहैय्या कराया गया। जून से इसका वितरण शुरू किया गया था। सरकारी संस्थाओं को भी मुहैय्या कराया गया था। आयुर्वेदिक चिकित्सालय में एक रुपये के ओपीडी के पर्चे पर लोगों को मुहैया कराया गया। उन्होंने बताया कि अब तक हजारों की संख्या में लोग काढ़े का सेवन कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि काढ़ा प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ बुखार, जुकाम और सर्दी से लड़ता है। आज भी इसका वितरण कराया जा रहा है। फार्मेसी में काढ़ा और अमृतादि क्वाथ प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।
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कोरोना काल के दौरान लोगों का आयुर्वेद की तरफ खासा रुझान बढ़ा। कोरोना संक्रमण से बचने और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लोगों ने घर घर काढ़े का खूब सेवन किया। वहीं आयुष मंत्रालय के निर्देश पर ललित हरि आयुर्वेदिक कॉलेज एवं चिकित्सालय में बने काढ़े ने भी लोगों को कोरोना से टक्कर लेने में मदद की जिसे महज एक रुपये में मुहैया कराया गया।
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आयुर्वेदिक कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राकेश तिवारी ने बताया कि फार्मेसी में 16 क्विंटल काढ़ा और 10 क्विंटल अमृतादि क्वाथ तैयार किया गया। काढ़ा तुलसी, दालचीनी, सोंठ और काली मिर्च के मिश्रण से तैयार किया गया। अमृतादि क्वाथ में गिलोय आदि का मिश्रण शामिल किया गया। यह लोगों को 50-50 ग्राम के पैकेट में मुहैय्या कराया गया। जून से इसका वितरण शुरू किया गया था। सरकारी संस्थाओं को भी मुहैय्या कराया गया था। आयुर्वेदिक चिकित्सालय में एक रुपये के ओपीडी के पर्चे पर लोगों को मुहैया कराया गया। उन्होंने बताया कि अब तक हजारों की संख्या में लोग काढ़े का सेवन कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि काढ़ा प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ बुखार, जुकाम और सर्दी से लड़ता है। आज भी इसका वितरण कराया जा रहा है। फार्मेसी में काढ़ा और अमृतादि क्वाथ प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।
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