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Pilibhit News: हर्षित के पिता बोले- शीघ्र न्याय न मिला तो कोतवाली के सामने करूंगा आत्मदाह
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पूरनपुर (पीलीभीत)। बदायूं के सैजनी में एचसीपीएल प्लांट में सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या के मामले में उनके पिता सुशील मिश्रा और मां रानी मिश्रा ने प्रेसवार्ता में बदायूं पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। कहा कि पुलिस अफसरों को आरोपियों के नाम बताए, उनकी लोकेशन की कई बार जानकारी दी, इसके बावजूद किसी की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई।
मुख्यमंत्री से मिलने की कोशिश की, लेकिन मुलाकात नहीं हुई। पिता ने कहा कि अगर शीघ्र न्याय नहीं मिला तो सप्ताह भर बाद कोतवाली में आत्मदाह कर लेंगे।
बदायूं में 12 मार्च को एचसीपीएल के उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता और सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
मुख्य आरोपी अजय प्रताप के थाने में आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने अब तक दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की है। जांच एसआईटी को सौंपी गई थी, जो अब अंतिम चरण में है। रविवार को हर्षित के माता-पिता ने अपने आवास में प्रेसवार्ता कर बदायूं पुलिस की कार्रवाई पर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि हत्याकांड में बदायूं एसपी से दो बार, डीआईजी आदि अफसरों से कई बार मिले।
हत्यारोपियों के नाम लिखकर दिए। एचपीसीएल के एक अफसर की संलिप्तता की जानकारी अफसरों को दी। हर बार आश्वासन दिया गया कि टीमें गठित हैं, जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे, लेकिन अब तक सभी आरोपियों को पुलिस नहीं पकड़ सकी। कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर अब उनका भरोसा नहीं है।
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पिता ने कहा कि मुख्यमंत्री से मिलने की उनकी मंशा पर अफसरों ने समय मिलने पर ही मुलाकात होना संभव बताया था। इसके लिए कई बार मुख्यमंत्री कार्यालय तक पत्राचार किया, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय मिले, घटना की सीबीआई जांच हो। हर्षित के पिता ने शीघ्र न्याय न मिलने पर एक सप्ताह बाद कोतवाली के सामने आत्मदाह की चेतावनी दी।
मुख्य आरोपी तो खुद हाजिर हुआ
हर्षित मिश्रा की मां रानी मिश्रा ने कहा कि मुख्य आरोपी तो खुद हाजिर हुआ। एक अन्य आरोपी को ही पुलिस ने पकड़ा। कहा कि शिकायत के बावजूद उनके पुत्र को सुरक्षा नहीं मिली। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गोली लगने के बाद हर्षित करीब 40 मिनट तक परिसर में ही पड़े रहे। प्लांट के अधिकारियों-कर्मचारियों ने उन्हें समय से अस्पताल पहुंचाने में ही हीलाहवाली की। संवाद
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मुख्यमंत्री से मिलने की कोशिश की, लेकिन मुलाकात नहीं हुई। पिता ने कहा कि अगर शीघ्र न्याय नहीं मिला तो सप्ताह भर बाद कोतवाली में आत्मदाह कर लेंगे।
बदायूं में 12 मार्च को एचसीपीएल के उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता और सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
मुख्य आरोपी अजय प्रताप के थाने में आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने अब तक दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की है। जांच एसआईटी को सौंपी गई थी, जो अब अंतिम चरण में है। रविवार को हर्षित के माता-पिता ने अपने आवास में प्रेसवार्ता कर बदायूं पुलिस की कार्रवाई पर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि हत्याकांड में बदायूं एसपी से दो बार, डीआईजी आदि अफसरों से कई बार मिले।
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हत्यारोपियों के नाम लिखकर दिए। एचपीसीएल के एक अफसर की संलिप्तता की जानकारी अफसरों को दी। हर बार आश्वासन दिया गया कि टीमें गठित हैं, जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे, लेकिन अब तक सभी आरोपियों को पुलिस नहीं पकड़ सकी। कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर अब उनका भरोसा नहीं है।
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पिता ने कहा कि मुख्यमंत्री से मिलने की उनकी मंशा पर अफसरों ने समय मिलने पर ही मुलाकात होना संभव बताया था। इसके लिए कई बार मुख्यमंत्री कार्यालय तक पत्राचार किया, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय मिले, घटना की सीबीआई जांच हो। हर्षित के पिता ने शीघ्र न्याय न मिलने पर एक सप्ताह बाद कोतवाली के सामने आत्मदाह की चेतावनी दी।
मुख्य आरोपी तो खुद हाजिर हुआ
हर्षित मिश्रा की मां रानी मिश्रा ने कहा कि मुख्य आरोपी तो खुद हाजिर हुआ। एक अन्य आरोपी को ही पुलिस ने पकड़ा। कहा कि शिकायत के बावजूद उनके पुत्र को सुरक्षा नहीं मिली। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गोली लगने के बाद हर्षित करीब 40 मिनट तक परिसर में ही पड़े रहे। प्लांट के अधिकारियों-कर्मचारियों ने उन्हें समय से अस्पताल पहुंचाने में ही हीलाहवाली की। संवाद