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Pilibhit News: मजदूर को मारकर क्षत-विक्षत शव छोड़ गया बाघ
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हाथियो से खोजबीन करते वनकर्मी । संवाद
कलीनगर (पीलीभीत)। जंगल में सफाई करने गए गंगाराम का दूसरे दिन मंगलवार को गन्ने के खेत में अधखाया शव मिल गया। मजदूर की मौत पर ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त किया। बाद में एसडीओ मयंक पांडे के पांच लाख रुपये के मुआवजे और अंतिम संस्कार के लिए 20 हजार रुपये की मदद के लिखित आश्वासन पर वे शांत हुए।
माधोटांडा क्षेत्र के गांव जमुनिया निवासी गंगाराम (37) सोमवार अपने चार अन्य साथियों के साथ वनकर्मी के बुलावे पर जंगल में सफाई करने गए थे। दिन में करीब एक बजे बाघ ने गंगाराम पर हमला कर दिया और उन्हें खींचकर ले गया। चीख-पुकार पर साथी मजदूर मौके पर पहुंचे तो मौके पर जूते और अंगोछा पड़ा मिला।
इसके बाद सैकड़ों ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम के साथ जंगल में खोजबीन की पर रात तक गंगाराम का कोई सुराग नहीं लग सका। मंगलवार सुबह वन विभाग के अलावा ग्रामीणों ने फिर खोजबीन शुरू की। इसी दौरान मथना बीट की जंगल सीमा से सटे बलराज सिंह के गन्ने के खेत में गंगाराम का अधखाया शव मिल गया।
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गंगाराम के शरीर में कमर के नीचे का हिस्सा गायब था। गर्दन पर गहरे घाव थे। पैर की एक हड्डी कुछ दूरी पर पड़ी थी। शव को देखकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। मौके पर मौजूद एसडीओ मयंक पांडे ने पांच लाख रुपये के मुआवजे और अंतिम संस्कार के बीस हजार रुपये की मदद का लिखित आश्वासन दिया। जिसपर ग्रामीण शांत हुए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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गुस्साए ग्रामीणों और किसान नेताओं ने सुनाई खरी-खोटी
कलीनगर। गंगाराम का शव मिलने के बाद क्षेत्रीय ग्रामीणों के अलावा कई किसान नेता भी मौके पर पहुंच गए। घटना को लेकर सभी में खासा आक्रोश था। सभी का कहना था कि वन विभाग लकड़ियों का लालच देकर ग्रामीणों को जंगल में काम करने बुलाता है। बिना सुरक्षा बंदोबस्त काम करवाने से ही गंगाराम की मौत हुई। सभी ने अफसरों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। एसडीओ के मामले में जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन देने पर ग्रामीण शांत हुए।
ग्रामीणों का कहना है कि माला रेंज में कई दिनों से गांव से लोगों को बुलाकर कच्चे मार्ग के अलावा घास की कटाई का कार्य कराया जा रहा था। काम के बदले जंगल से लकड़ी ले जाने की छूट थी। सोमवार को भी यही हुआ। काम करते समय बाघ गंगाराम को उठा ले गया। घटना के बाद विभाग इस बात से इन्कार करता दिखा।
किसान नेता गुरदीप सिंह गोगी और रंजीत सिंह ने कहा कि अफसरों को मामले में लापरवाह वनकर्मियों पर कार्रवाई करनी चाहिए। अगर काम करने के लिए बुलाया जाए तो मजदूरों का विवरण रजिस्टर में दर्ज करने के साथ सुरक्षा मुहैया कराई जाए। एक बीट सेक्शन इंचार्ज और बीट इंचार्ज पर वाॅचरों के जरिये लोगों को लकड़ी बेचने का आरोप लगाते हुए उनके तबादले की मांग भी की गई।
इस दौरान एसडीओ मयंक पांडे के अलावा रेंजर सहेंद्र यादव ग्रामीणों को समझाते रहे। मौके पर पहुंचे तहसीलदार वीरेंद्र सिंह ने बताया कि परिजन को जल्द ही मुआवजा देने की प्रक्रिया पर अमल किया जाएगा।
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शव देख बेहोश हुई पत्नी, पुलिस वाहन से छुड़वाया घर
शव मिलने की जानकारी के बाद गंगाराम की पत्नी सरस्वती और बच्चे भी मौके पर पहुंचे गए। शव देख पत्नी बेहोश हो गईं। परिजन ने बमुश्किल सरस्वती को संभाला। बच्चों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। किसी तरह सभी को पुलिस वाहन में बैठाकर घर छुड़वाया गया।
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पांच घंटे हाथियों से चली खोजबीन
मंगलवार सुबह पीटीआर प्रशासन द्वारा हाथियों को रेस्क्यू के लिए बुलाया गया। इसके अलावा दो रेस्क्यू ट्रैक्टर भी लगाए गए। टीमें पांच घंटे तक जंगल में गंगाराम की खोजबीन करती रहीं। मौके पर पहुंची पुलिस भी कांबिंग में जुट गई। बाद में करीब 11 बजे शव बरामद हो सका।
-- डिप्टी डायरेक्टर बोले, जंगल में काम पर बुलाने की कराएंगे जांच
डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल का कहना है कि प्रथम दृष्टया बाघ द्वारा मजदूर को मारने की बात सामने आई है। ग्रामीणों को काम पर जंगल में बुलाने के मामले में जांच कराई जा रही है। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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माधोटांडा क्षेत्र के गांव जमुनिया निवासी गंगाराम (37) सोमवार अपने चार अन्य साथियों के साथ वनकर्मी के बुलावे पर जंगल में सफाई करने गए थे। दिन में करीब एक बजे बाघ ने गंगाराम पर हमला कर दिया और उन्हें खींचकर ले गया। चीख-पुकार पर साथी मजदूर मौके पर पहुंचे तो मौके पर जूते और अंगोछा पड़ा मिला।
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इसके बाद सैकड़ों ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम के साथ जंगल में खोजबीन की पर रात तक गंगाराम का कोई सुराग नहीं लग सका। मंगलवार सुबह वन विभाग के अलावा ग्रामीणों ने फिर खोजबीन शुरू की। इसी दौरान मथना बीट की जंगल सीमा से सटे बलराज सिंह के गन्ने के खेत में गंगाराम का अधखाया शव मिल गया।
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गंगाराम के शरीर में कमर के नीचे का हिस्सा गायब था। गर्दन पर गहरे घाव थे। पैर की एक हड्डी कुछ दूरी पर पड़ी थी। शव को देखकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। मौके पर मौजूद एसडीओ मयंक पांडे ने पांच लाख रुपये के मुआवजे और अंतिम संस्कार के बीस हजार रुपये की मदद का लिखित आश्वासन दिया। जिसपर ग्रामीण शांत हुए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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गुस्साए ग्रामीणों और किसान नेताओं ने सुनाई खरी-खोटी
कलीनगर। गंगाराम का शव मिलने के बाद क्षेत्रीय ग्रामीणों के अलावा कई किसान नेता भी मौके पर पहुंच गए। घटना को लेकर सभी में खासा आक्रोश था। सभी का कहना था कि वन विभाग लकड़ियों का लालच देकर ग्रामीणों को जंगल में काम करने बुलाता है। बिना सुरक्षा बंदोबस्त काम करवाने से ही गंगाराम की मौत हुई। सभी ने अफसरों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। एसडीओ के मामले में जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन देने पर ग्रामीण शांत हुए।
ग्रामीणों का कहना है कि माला रेंज में कई दिनों से गांव से लोगों को बुलाकर कच्चे मार्ग के अलावा घास की कटाई का कार्य कराया जा रहा था। काम के बदले जंगल से लकड़ी ले जाने की छूट थी। सोमवार को भी यही हुआ। काम करते समय बाघ गंगाराम को उठा ले गया। घटना के बाद विभाग इस बात से इन्कार करता दिखा।
किसान नेता गुरदीप सिंह गोगी और रंजीत सिंह ने कहा कि अफसरों को मामले में लापरवाह वनकर्मियों पर कार्रवाई करनी चाहिए। अगर काम करने के लिए बुलाया जाए तो मजदूरों का विवरण रजिस्टर में दर्ज करने के साथ सुरक्षा मुहैया कराई जाए। एक बीट सेक्शन इंचार्ज और बीट इंचार्ज पर वाॅचरों के जरिये लोगों को लकड़ी बेचने का आरोप लगाते हुए उनके तबादले की मांग भी की गई।
इस दौरान एसडीओ मयंक पांडे के अलावा रेंजर सहेंद्र यादव ग्रामीणों को समझाते रहे। मौके पर पहुंचे तहसीलदार वीरेंद्र सिंह ने बताया कि परिजन को जल्द ही मुआवजा देने की प्रक्रिया पर अमल किया जाएगा।
शव देख बेहोश हुई पत्नी, पुलिस वाहन से छुड़वाया घर
शव मिलने की जानकारी के बाद गंगाराम की पत्नी सरस्वती और बच्चे भी मौके पर पहुंचे गए। शव देख पत्नी बेहोश हो गईं। परिजन ने बमुश्किल सरस्वती को संभाला। बच्चों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। किसी तरह सभी को पुलिस वाहन में बैठाकर घर छुड़वाया गया।
पांच घंटे हाथियों से चली खोजबीन
मंगलवार सुबह पीटीआर प्रशासन द्वारा हाथियों को रेस्क्यू के लिए बुलाया गया। इसके अलावा दो रेस्क्यू ट्रैक्टर भी लगाए गए। टीमें पांच घंटे तक जंगल में गंगाराम की खोजबीन करती रहीं। मौके पर पहुंची पुलिस भी कांबिंग में जुट गई। बाद में करीब 11 बजे शव बरामद हो सका।
डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल का कहना है कि प्रथम दृष्टया बाघ द्वारा मजदूर को मारने की बात सामने आई है। ग्रामीणों को काम पर जंगल में बुलाने के मामले में जांच कराई जा रही है। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

हाथियो से खोजबीन करते वनकर्मी । संवाद

हाथियो से खोजबीन करते वनकर्मी । संवाद

हाथियो से खोजबीन करते वनकर्मी । संवाद