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इतना स्नेह मिला कि नहीं खली अपनों की कमी

Sun, 24 Apr 2016 10:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत Updated Sun, 24 Apr 2016 10:49 PM IST
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बीसलपुर में रविवार को हुए सामूहिक विवाह समारोह के दौरान यूं तो हर किसी के चेहरे पर मुस्कान थीं, लेकिन वर-वधू नवजीवन में प्रवेश को लेकर बेहद खुश थे। विवाह बंधन में बंधने के बाद वे आंखों में भावी जीवन के सुनहरे सपने लेकर विदा हुए। समारोह को हर किसी ने शानदार आयोजन बताया।
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ऐसी शादी का तो सपना भी नहीं देखा
24 पीबीटीपी 12, 13
समारोह में नौआनगला के रमेश बरेली की विमला के साथ विवाह बंधन में बंधे। विमला समारोह में अपनी मां मीरा देवी के साथ पहुंची। घूंघट की ओट से विमला ने बताया कि पिता की मौत के बाद मां ने ही पाला। मीरा देवी कुछ कह पातीं उससे पहले ही उनकी आंखों से आंसू बह निकले। बोलीं: ऐसी शादी का तो सपना भी नहीं देखा था।
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तंगहाली में बेटी के हाथ पीले करना थी चुनौती 
24 पीबीटीपी 14, 15
क्षेत्र के सुहास निवासी गंगाराम अपने पुत्र छोटेलाल का विवाह कराने पहुंचे। छोटे का विवाह बिठौराकलां के नरेश कुमार की पुत्री श्यामादेवी से हुआ। नरेश ने बताया कि परिवार तंगहाली के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में बेटी के हाथ पीले करना मुश्किल लग रहा था लेकिन सामूहिक विवाह समारोह में बेटी के हाथ पीले करने में जो मदद की है, वह उसे मरते दम तक भुला सकेंगे।
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बेटी की शादी कर छंट गए परेशानी के बादल
24 पीबीटीपी 16, 17
पुरैना निवासी रामचंद्र फालिज के बावजूद अपनी बेटी अनीता को लेकर विवाह स्थल पर पहुंचे। अनीता का विवाह भिलैया निवासी गंगासागर से हुआ। अनीता के परिवार वालों ने बताया कि सामूहिक विवाह समारोह के बारे में पता चला था। अनीता के पिता को फालिज होने के बाद परिवार पर संकट आ गया, लेकिन आज परेशानी के सारे बादल छंट गए।

पिता की कमी खलने नहीं दी लोगों ने 
24 पीबीटीपी 18, 19
बीसलपुर निवासी धर्मेंद्र श्रीवास्तव का विवाह वहीं की प्रीति के साथ हुआ। धर्मेंद्र के परिवार वालों ने बताया कि धर्मेंद्र के पिता की मौत हो चुकी है, लेकिन उनकी कमी किसी ने खलने नहीं दी। इतने सारे लोगों का बहू-बेटे को आशीर्वाद मिलेगा, यह तो सपने में ही नहीं सोचा था।

हर किसी ने सराहा समारोह को 
आगे भी हों ऐसे सामूहिक कार्यक्रम
मोहल्ला बख्तावरलाल निवासी राजीव गुप्ता का कहना है कि इस प्रकार के सामूहिक वैवाहिक समारोह समय-समय पर होते रहने चाहिए, जिससे गरीब कन्याओं का भी घर बस सके।
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और लोग भी लें इस आयोजन से प्रेरणा
गांव सिबुआपुर निवासी दिनेश सिंह भदौरिया बोले, केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने सामूहिक शादियां कराकर लोगों के सामने एक मिसाल कायम की है। लोगों को इससे प्रेरणा लेनी चाहिए।
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अन्य जिलों में भी हों ऐसे समारोह
समारोह में शामिल होने आए शाहजहांपुर के गांव चिनौटा निवासी सुनील पांडेय का कहना है कि सामूहिक विवाह समारोह प्रदेश के सभी जिलों में हर वर्ष होने चाहिए। 
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101 गरीब कन्याओं का बेड़ा पार
गांव मनकापुर निवासी ऊषा देवी का कहना है कि केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने सामूहिक शादियां करवाकर 101 गरीब कन्याओं का बेड़ा पार करने के साथ एक बड़े पुण्य का कार्य किया है। 
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समारोह ने दी सीख
गांव अमृता खास निवासी पूर्व ज्येष्ठ ब्लाक  प्रमुख मिथलेश शर्मा का कहना है कि इस सामूहिक विवाह समारोह ने क्षेत्रवासियो को सीख दी कि गरीबों का मदद करो। हम सभी को इससे सीख लेनी चाहिए।

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अन्य जनप्रतिनिधि भी उठाए कदम
गांव नौगमियां निवासी दिगंबरदेव गंगवार का कहना है कि केंद्रीय मंत्री ने सामूहिक विवाह समारोह आयोजित कराकर एक सराहनीय कदम उठाया है। अन्य जनप्रतिनिधियों को भी इस दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।
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