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गुरुद्वारे पर स्वामित्व को लेकर छिड़ सकती है जंग
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jun 2016 11:33 PM IST
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तराई के एक गुरुद्वारे के स्वामित्व को लेकर चल रही जंग किसी बड़ी घटना को जन्म दे सकती है। एक गुट निशान साहिब को हटाने के प्रयास में है, वहीं संगत ने यह स्पष्ट कर दिया गया कि यदि निशान साहिब के साथ कोई खिलवाड़ किया गया तो संगत सख्त कदम उठाएगी। संगत ने पंजाब के बाबा सुखदेव के साथ कुछ हथियारबंद लोगों के होने का आरोप लगाते हुए उसकी जांच कराने की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जानकारी होने के बाद भी इसे हल्के में ले रही है।
तराई के ग्राम पचपेड़ा ताल्लुके महाराजपुर में चार दशक पूर्व संत बाबा कृपाल सिंह ने कार सेवा के जरिए गुरुद्वारे का निर्माण कराया था। उनके देहांत के बाद संगत ने उनके शिष्य पंजाब निवासी सुखदेव मुनि को गुरुद्वारे की बागडोर सौंपी थी। वर्तमान में गुरुद्वारे में गुरुग्रंथ साहिब विराजमान हैं। इधर कुछ दिनों से बाबा सुखदेव व संगत के बीच गुरुद्वारे के स्वामित्व को लेकर विवाद चल रहा है। इस मामले में संगत ने पुलिस को प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया कि बाबा सुखदेव जब पंजाब से आते हैं, तो उनके साथ 10-12 लोग शस्त्रधारी होते हैं। पूर्व में यह बाबा असलहाधारियों की मदद से गुरुद्वारे में स्थित निशान साहिब को हटाने की कोशिश कर चुके हैं। जिसे संगत ने काफी सूझबूझ से घटना को टाल दिया था। आरोप है कि बाबा सुखदेव जबरन संगत पर अपनी बातें थोपना चाहते हैं। पूर्व में इसी गुरुद्वारे में बाबा सुखदेव के एक शिष्य का कत्ल भी हो चुका है। संगत ने बाबा सुखदेव के साथ आए हथियारबंद लोगों के शस्त्र लाइसेंस की जांच कराने और उनकी आईडी भी जांचने की मांग की है।
इधर, रविवार को सिख संगत की एक बैठक हुई। जिसमें निर्णय लिया गया कि यदि निशान साहिब के साथ खिलवाड़ किया गया तो संगत उसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। कहा कि गुरुद्वारे में संगत अपने धर्म के अनुसार ही मर्यादा बनाए रखना चाहती है। इस मौकेेे पर सुखदेव सिंह, गुरुदयाल सिंह, रंजीत सिंह टीटू, ग्राम प्रधान सुखदीप सिंह लाडी, त्रिलोचन सिंह, मंजीत सिंह, कंधारा सिंह, मेजर सिंह, धर्म सिंह समेत बड़ी तादाद में संगत मौजूद रही।
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तराई गुरुद्वारे की घटना को लेकर दोनों पक्ष मिले थे। मैंने स्वामित्व के अभिलेखों सहित शनिवार को थाना दिवस के दिन दोनों पक्षों को बुलाया है। इससे पूर्व यदि कोई पक्ष बवाल करते हैं तो गुरुद्वारे की जमीन पर 145 की कार्रवाई कर जमीन को कुर्क किया जाएगा और दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दुर्गेश मिश्रा, एसओ
यह सिखों की आस्था से जुड़ा मामला है। बाबा सुखदेव वहां निशान साहिब हटाकर डेरा बनाना चाहते हैं। इसको संगत किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
सुखदीप सिंह लाडी, प्रधान बराही
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तराई के ग्राम पचपेड़ा ताल्लुके महाराजपुर में चार दशक पूर्व संत बाबा कृपाल सिंह ने कार सेवा के जरिए गुरुद्वारे का निर्माण कराया था। उनके देहांत के बाद संगत ने उनके शिष्य पंजाब निवासी सुखदेव मुनि को गुरुद्वारे की बागडोर सौंपी थी। वर्तमान में गुरुद्वारे में गुरुग्रंथ साहिब विराजमान हैं। इधर कुछ दिनों से बाबा सुखदेव व संगत के बीच गुरुद्वारे के स्वामित्व को लेकर विवाद चल रहा है। इस मामले में संगत ने पुलिस को प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया कि बाबा सुखदेव जब पंजाब से आते हैं, तो उनके साथ 10-12 लोग शस्त्रधारी होते हैं। पूर्व में यह बाबा असलहाधारियों की मदद से गुरुद्वारे में स्थित निशान साहिब को हटाने की कोशिश कर चुके हैं। जिसे संगत ने काफी सूझबूझ से घटना को टाल दिया था। आरोप है कि बाबा सुखदेव जबरन संगत पर अपनी बातें थोपना चाहते हैं। पूर्व में इसी गुरुद्वारे में बाबा सुखदेव के एक शिष्य का कत्ल भी हो चुका है। संगत ने बाबा सुखदेव के साथ आए हथियारबंद लोगों के शस्त्र लाइसेंस की जांच कराने और उनकी आईडी भी जांचने की मांग की है।
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इधर, रविवार को सिख संगत की एक बैठक हुई। जिसमें निर्णय लिया गया कि यदि निशान साहिब के साथ खिलवाड़ किया गया तो संगत उसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। कहा कि गुरुद्वारे में संगत अपने धर्म के अनुसार ही मर्यादा बनाए रखना चाहती है। इस मौकेेे पर सुखदेव सिंह, गुरुदयाल सिंह, रंजीत सिंह टीटू, ग्राम प्रधान सुखदीप सिंह लाडी, त्रिलोचन सिंह, मंजीत सिंह, कंधारा सिंह, मेजर सिंह, धर्म सिंह समेत बड़ी तादाद में संगत मौजूद रही।
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तराई गुरुद्वारे की घटना को लेकर दोनों पक्ष मिले थे। मैंने स्वामित्व के अभिलेखों सहित शनिवार को थाना दिवस के दिन दोनों पक्षों को बुलाया है। इससे पूर्व यदि कोई पक्ष बवाल करते हैं तो गुरुद्वारे की जमीन पर 145 की कार्रवाई कर जमीन को कुर्क किया जाएगा और दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दुर्गेश मिश्रा, एसओ
यह सिखों की आस्था से जुड़ा मामला है। बाबा सुखदेव वहां निशान साहिब हटाकर डेरा बनाना चाहते हैं। इसको संगत किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
सुखदीप सिंह लाडी, प्रधान बराही