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Pilibhit News: पीटीआर में बाघ-तेंदुओं के साथ परिंदों की दुनिया भी दिखाएंगे गाइड
Tue, 29 Sep 2026 01:32 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 29 Sep 2026 01:32 AM IST
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350 से अधिक पक्षी प्रजातियों की पहचान और व्यवहार का मिलेगा प्रशिक्षण, दो अक्तूबर को मुख्यालय में होगी कार्यशाला
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी अब सिर्फ बाघ और तेंदुओं के दीदार तक सीमित नहीं रहेगी। नए पर्यटन सत्र में पर्यटकों को जंगल के पेड़-पौधों और वन्यजीवों के साथ यहां बसे रंग-बिरंगे परिंदों की दुनिया से भी रूबरू कराया जाएगा। इसके लिए टाइगर रिजर्व प्रशासन ने नेचर गाइडों को पक्षियों की पहचान, उनके व्यवहार और प्रवास की जानकारी देने की तैयारी की है। दो अक्तूबर को पीटीआर मुख्यालय में कार्यशाला आयोजित कर गाइडों को 350 से अधिक पक्षी प्रजातियों के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व का नया पर्यटन सत्र एक नवंबर से शुरू होने जा रहा है। पर्यटन सत्र शुरू होने से पहले गाइडों को जंगल की जैव विविधता की बेहतर जानकारी देने पर जोर दिया जा रहा है। पीटीआर में बाघ, तेंदुआ, हिरन समेत तमाम वन्यजीवों के अलावा पक्षियों की भी बड़ी संख्या में प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें स्थानीय पक्षियों के साथ कई प्रवासी पक्षी भी शामिल हैं।
हार्नबिल, डालरबर्ड, सारस, गिद्धों की विभिन्न प्रजातियां, उल्लू और किंगफिशर समेत 350 से अधिक पक्षी पीटीआर की जैव विविधता का हिस्सा हैं। जंगल सफारी के दौरान कई बार पर्यटकों की नजर इन पक्षियों पर भी पड़ती है, लेकिन उनकी प्रजाति, खासियत और व्यवहार की जानकारी न होने से वे इनके बारे में ज्यादा नहीं जान पाते। अब प्रशिक्षित नेचर गाइड पर्यटकों को इन पक्षियों की पहचान के साथ उनके रहन-सहन, प्रवास और जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र में भूमिका की जानकारी देंगे। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि पीटीआर में पक्षियों की विभिन्न प्रजातियां पाई जाती हैं। आगामी पर्यटन सत्र में आने वाले पर्यटकों को पक्षी प्रजातियों की सटीक और रोचक जानकारी मिल सके, इसके लिए नेचर गाइडों के लिए कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसकी रूपरेखा तय कर ली गई है।
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गाइडों को पक्षियों की पहचान में किया जाएगा पारंगत
दो अक्तूबर को होने वाली कार्यशाला में नेचर गाइडों को पीटीआर में पाए जाने वाले पक्षियों की प्रजातियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। खासतौर पर दुर्लभ और प्रवासी पक्षियों की पहचान, उनके व्यवहार और प्रवास की जानकारी पर जोर रहेगा। इससे पर्यटकों को जंगल सफारी के दौरान वन्यजीवों के साथ पक्षी विविधता को भी समझने का अवसर मिलेगा।
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लिखित परीक्षा से होगा करीब 100 गाइडों का चयन
नए पर्यटन सत्र के लिए नेचर गाइडों के चयन की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। करीब 100 गाइडों का चयन लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार मेरिट से किया जाएगा। इस बार चयन प्रक्रिया में पुराने और नए आवेदकों के बीच कोई अलग मानक नहीं रखा गया है। पांच वर्ष तक का अनुभव रखने वाले पूर्व नेचर गाइडों को भी लिखित परीक्षा में शामिल होना होगा। परीक्षा के बाद मेरिट के आधार पर ही नए पर्यटन सत्र के लिए गाइडों का चयन किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी अब सिर्फ बाघ और तेंदुओं के दीदार तक सीमित नहीं रहेगी। नए पर्यटन सत्र में पर्यटकों को जंगल के पेड़-पौधों और वन्यजीवों के साथ यहां बसे रंग-बिरंगे परिंदों की दुनिया से भी रूबरू कराया जाएगा। इसके लिए टाइगर रिजर्व प्रशासन ने नेचर गाइडों को पक्षियों की पहचान, उनके व्यवहार और प्रवास की जानकारी देने की तैयारी की है। दो अक्तूबर को पीटीआर मुख्यालय में कार्यशाला आयोजित कर गाइडों को 350 से अधिक पक्षी प्रजातियों के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व का नया पर्यटन सत्र एक नवंबर से शुरू होने जा रहा है। पर्यटन सत्र शुरू होने से पहले गाइडों को जंगल की जैव विविधता की बेहतर जानकारी देने पर जोर दिया जा रहा है। पीटीआर में बाघ, तेंदुआ, हिरन समेत तमाम वन्यजीवों के अलावा पक्षियों की भी बड़ी संख्या में प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें स्थानीय पक्षियों के साथ कई प्रवासी पक्षी भी शामिल हैं।
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हार्नबिल, डालरबर्ड, सारस, गिद्धों की विभिन्न प्रजातियां, उल्लू और किंगफिशर समेत 350 से अधिक पक्षी पीटीआर की जैव विविधता का हिस्सा हैं। जंगल सफारी के दौरान कई बार पर्यटकों की नजर इन पक्षियों पर भी पड़ती है, लेकिन उनकी प्रजाति, खासियत और व्यवहार की जानकारी न होने से वे इनके बारे में ज्यादा नहीं जान पाते। अब प्रशिक्षित नेचर गाइड पर्यटकों को इन पक्षियों की पहचान के साथ उनके रहन-सहन, प्रवास और जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र में भूमिका की जानकारी देंगे। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि पीटीआर में पक्षियों की विभिन्न प्रजातियां पाई जाती हैं। आगामी पर्यटन सत्र में आने वाले पर्यटकों को पक्षी प्रजातियों की सटीक और रोचक जानकारी मिल सके, इसके लिए नेचर गाइडों के लिए कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसकी रूपरेखा तय कर ली गई है।
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गाइडों को पक्षियों की पहचान में किया जाएगा पारंगत
दो अक्तूबर को होने वाली कार्यशाला में नेचर गाइडों को पीटीआर में पाए जाने वाले पक्षियों की प्रजातियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। खासतौर पर दुर्लभ और प्रवासी पक्षियों की पहचान, उनके व्यवहार और प्रवास की जानकारी पर जोर रहेगा। इससे पर्यटकों को जंगल सफारी के दौरान वन्यजीवों के साथ पक्षी विविधता को भी समझने का अवसर मिलेगा।
लिखित परीक्षा से होगा करीब 100 गाइडों का चयन
नए पर्यटन सत्र के लिए नेचर गाइडों के चयन की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। करीब 100 गाइडों का चयन लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार मेरिट से किया जाएगा। इस बार चयन प्रक्रिया में पुराने और नए आवेदकों के बीच कोई अलग मानक नहीं रखा गया है। पांच वर्ष तक का अनुभव रखने वाले पूर्व नेचर गाइडों को भी लिखित परीक्षा में शामिल होना होगा। परीक्षा के बाद मेरिट के आधार पर ही नए पर्यटन सत्र के लिए गाइडों का चयन किया जाएगा।