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Pilibhit News: पर्यटन के सुनहरे सपनों पर ग्रहण, टेंट सिटी और टूरिज्म बीच की योजनाएं अटकीं
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पर्यटन सिटी के लिए वर्षों पूर्व चिन्हित की गई जमीन पड़ी है खाली। संवाद
- फोटो : रामेश्वर दास
पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए घोषित की गई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी हैं। टेंट सिटी, हेलीपैड, इको टूरिज्म बीच और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की योजनाएं दो वर्षों से अधर में लटकी हैं। इससे पर्यटन कारोबार, स्थानीय रोजगार और करोड़ों रुपये का निवेश करने वाले उद्यमियों की उम्मीदों को झटका लगा है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों की मौजूदगी ने बीते वर्षों में जिले को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में पहचान दिलाई थी। इसी को देखते हुए प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ने पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए कई बड़ी परियोजनाओं की घोषणा की थी। इनमें पिपरिया संतोष क्षेत्र में टेंट सिटी, हेलीपैड और आधुनिक पर्यटन नगरी विकसित करने की योजना प्रमुख थी। शुरुआती दौर में सर्वेक्षण और भूमि चयन की प्रक्रिया भी पूरी की गई, लेकिन दो साल बाद भी कोई परियोजना जमीन पर नहीं उतर सकी है।
इधर, शारदा सागर डैम क्षेत्र में इको टूरिज्म बीच, फ्लोटिंग हट और पर्यटन रिसॉर्ट विकसित करने की योजना भी फाइलों में सिमटकर रह गई है। तकनीकी विशेषज्ञों के दौरे और विभागीय कवायद के बावजूद बजट और अधिकारों को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं हो सका। परिणामस्वरूप क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विकास रुक गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो पीलीभीत को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र बनाने का सपना अधूरा रह जाएगा। पर्यटन सत्र समाप्ति की ओर है, लेकिन विकास कार्यों की रफ्तार अब भी थमी हुई है। संवाद
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टेंट सिटी को लेकर राजस्व स्तरीय प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। पर्यटन विभाग की ओर से आगे के प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी की जाएगी। - प्रमेश कुमार, एसडीएम
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व की प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों की मौजूदगी ने बीते वर्षों में जिले को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में पहचान दिलाई थी। इसी को देखते हुए प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ने पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए कई बड़ी परियोजनाओं की घोषणा की थी। इनमें पिपरिया संतोष क्षेत्र में टेंट सिटी, हेलीपैड और आधुनिक पर्यटन नगरी विकसित करने की योजना प्रमुख थी। शुरुआती दौर में सर्वेक्षण और भूमि चयन की प्रक्रिया भी पूरी की गई, लेकिन दो साल बाद भी कोई परियोजना जमीन पर नहीं उतर सकी है।
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इधर, शारदा सागर डैम क्षेत्र में इको टूरिज्म बीच, फ्लोटिंग हट और पर्यटन रिसॉर्ट विकसित करने की योजना भी फाइलों में सिमटकर रह गई है। तकनीकी विशेषज्ञों के दौरे और विभागीय कवायद के बावजूद बजट और अधिकारों को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं हो सका। परिणामस्वरूप क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विकास रुक गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो पीलीभीत को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र बनाने का सपना अधूरा रह जाएगा। पर्यटन सत्र समाप्ति की ओर है, लेकिन विकास कार्यों की रफ्तार अब भी थमी हुई है। संवाद
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टेंट सिटी को लेकर राजस्व स्तरीय प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। पर्यटन विभाग की ओर से आगे के प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी की जाएगी। - प्रमेश कुमार, एसडीएम