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परमात्मा लोगों को कर्मों के अनुसार देता हैं दंड : मिश्र
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संवाद न्यूज एजेेंसी
बीसलपुर। जिला आर्य उपप्रतिनिधि सभा के पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि परमात्मा सभी लोगों को उनके कर्मों के अनुसार दंड देता है। सभी लोगों को परमात्मा की सत्ता स्वीकार करना चाहिए।
राजेंद्र प्रसाद ने रविवार को सुबह आर्यसमाज भवन में हुई गोष्ठी में कहा कि परमात्मा पूरे ब्रह्मांड को अपने हिसाब से चलाता है। परमात्मा केवल एक है। सभी लोगों को परमात्मा की सत्ता स्वीकार करते हुए उसकी उपासना करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संसार में शत्रुता और मित्रता ऊपर से नही आती है। इंसान के कर्म ही उसे एक दूसरे का शत्रु और मित्र बना देते हैं। सभी लोगों को चाहिए कि अच्छे कर्म कर मित्रता का भाव पैदा करें। शत्रुता के भाव से बचें।
गोष्ठी में आर्यसमाज का और अधिक प्रचार-प्रसार करने, समाज में फैली कुरीतियों और अंध विश्वासों को समूल नाश करने का निर्णय भी लिया गया। इससे पहले आर्यसमाज में हवन हुआ। हवन में सभी आर्यजनों ने आहुतियां डालीं। इस मौके पर आर्यसमाज के प्रधान मोहनस्वरूप, मंत्री राकेश कुमार, पूर्व प्रधान डॉ. सत्येंद्र कुमार, विजय कुमार, बाबूराम मौर्य, उग्रसेन गंगवार, डॉ. राजेश शर्मा, डॉ. जितेंद्र सिह, हरस्वरूप, देवेंद्र कुमार, और राकेश सक्सेना समेत काफी आर्यजन मौजूद थे।
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बीसलपुर। जिला आर्य उपप्रतिनिधि सभा के पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि परमात्मा सभी लोगों को उनके कर्मों के अनुसार दंड देता है। सभी लोगों को परमात्मा की सत्ता स्वीकार करना चाहिए।
राजेंद्र प्रसाद ने रविवार को सुबह आर्यसमाज भवन में हुई गोष्ठी में कहा कि परमात्मा पूरे ब्रह्मांड को अपने हिसाब से चलाता है। परमात्मा केवल एक है। सभी लोगों को परमात्मा की सत्ता स्वीकार करते हुए उसकी उपासना करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संसार में शत्रुता और मित्रता ऊपर से नही आती है। इंसान के कर्म ही उसे एक दूसरे का शत्रु और मित्र बना देते हैं। सभी लोगों को चाहिए कि अच्छे कर्म कर मित्रता का भाव पैदा करें। शत्रुता के भाव से बचें।
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गोष्ठी में आर्यसमाज का और अधिक प्रचार-प्रसार करने, समाज में फैली कुरीतियों और अंध विश्वासों को समूल नाश करने का निर्णय भी लिया गया। इससे पहले आर्यसमाज में हवन हुआ। हवन में सभी आर्यजनों ने आहुतियां डालीं। इस मौके पर आर्यसमाज के प्रधान मोहनस्वरूप, मंत्री राकेश कुमार, पूर्व प्रधान डॉ. सत्येंद्र कुमार, विजय कुमार, बाबूराम मौर्य, उग्रसेन गंगवार, डॉ. राजेश शर्मा, डॉ. जितेंद्र सिह, हरस्वरूप, देवेंद्र कुमार, और राकेश सक्सेना समेत काफी आर्यजन मौजूद थे।
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