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टैक्स भरते जाइए और शुद्ध पानी मिलने का इंतजार कीजिए
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मुहल्ला कुंवरगढ़ में नाली में पड़े पाइप लाइन से निकलता पानी। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। नगर पालिका शहर के लोगों को साफ पानी तो नहीं दे नहीं पा रही। हाउस और वाटर टैक्स में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी जरूर कर दी। साल में डेढ़ करोड़ रुपये की वसूली होती है। साफ पानी कब मिलेगा। इसकी कोई जवाबदेही नहीं।
शहर में 25,524 घरों से नगर पालिका साल भर में 1.5 करोड़ रुपये टैक्स की वसूली करती है। जलकल की स्थापना होने के बाद 1980 में 53.4 किलोमीटर लंबी पानी की पाइप लाइन शहर में डाली गई थी। पानी की सप्लाई देने के लिए चार ओवरहेड टैंक बनवाए गए थे, जो अब पुराने हो गए। व्यवस्था सुधारने के बजाय पालिका ने हाउस और वाटर टैक्स बढ़ा दिया। इसमें आधा हिस्सा हाउस व आधा वाटर टैक्स होता है। इस लिहाज से 75-75 लाख रुपये घर और पानी के नाम पर वसूल किये जा रहे हैं।
पांच फीसदी बढ़ा दिया गया हाउस व वॉटर टैक्स
अभी तक हाउस और वॉटर टैक्स 15 फीसदी था। कुछ महीनों पहले पांच फीसदी की बढ़ोतरी कर इसे 20 फीसदी कर दिया गया। इसके अलावा घरों में पानी की सप्लाई देने के नाम पर 30 रुपये का चार्ज अलग से पालिका वसूल करती है। इसे भी अब बढ़ाकर 50 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
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2020 तक पूरा होना था अमृत योजना का काम
अमृत योजना के तहत ओवरहेडटैंक बनाकर पाइप लाइन डालनी थी। यह काम 2020 में पूरा होना था। नगर पालिका के अधिकारियों का दावा है कि अमृत योजना का काम 2023 तक पूरा हो पाएगा। कोरोना के कारण काम पूरा नहीं हो सका। इस योजना के तहत शहर में 12 हजार घरों में नए कनेक्शन देने हैं।
लंबे समय से शहर में टैक्स नहीं बढ़ा था। पालिका की आय से ही सारे काम होते हैं। इसलिए टैक्स बढ़ाना भी जरूरी था। पानी को लेकर जो समस्या है। उसे जल्द दुरुस्त करा दिया जाएगा।- विमला जायसवाल, चेयरमैन, नगर पालिका।
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शहर में 25,524 घरों से नगर पालिका साल भर में 1.5 करोड़ रुपये टैक्स की वसूली करती है। जलकल की स्थापना होने के बाद 1980 में 53.4 किलोमीटर लंबी पानी की पाइप लाइन शहर में डाली गई थी। पानी की सप्लाई देने के लिए चार ओवरहेड टैंक बनवाए गए थे, जो अब पुराने हो गए। व्यवस्था सुधारने के बजाय पालिका ने हाउस और वाटर टैक्स बढ़ा दिया। इसमें आधा हिस्सा हाउस व आधा वाटर टैक्स होता है। इस लिहाज से 75-75 लाख रुपये घर और पानी के नाम पर वसूल किये जा रहे हैं।
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पांच फीसदी बढ़ा दिया गया हाउस व वॉटर टैक्स
अभी तक हाउस और वॉटर टैक्स 15 फीसदी था। कुछ महीनों पहले पांच फीसदी की बढ़ोतरी कर इसे 20 फीसदी कर दिया गया। इसके अलावा घरों में पानी की सप्लाई देने के नाम पर 30 रुपये का चार्ज अलग से पालिका वसूल करती है। इसे भी अब बढ़ाकर 50 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
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2020 तक पूरा होना था अमृत योजना का काम
अमृत योजना के तहत ओवरहेडटैंक बनाकर पाइप लाइन डालनी थी। यह काम 2020 में पूरा होना था। नगर पालिका के अधिकारियों का दावा है कि अमृत योजना का काम 2023 तक पूरा हो पाएगा। कोरोना के कारण काम पूरा नहीं हो सका। इस योजना के तहत शहर में 12 हजार घरों में नए कनेक्शन देने हैं।
लंबे समय से शहर में टैक्स नहीं बढ़ा था। पालिका की आय से ही सारे काम होते हैं। इसलिए टैक्स बढ़ाना भी जरूरी था। पानी को लेकर जो समस्या है। उसे जल्द दुरुस्त करा दिया जाएगा।- विमला जायसवाल, चेयरमैन, नगर पालिका।