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अब जिला प्रशासन भी गन्ना सेंटरों पर होने वाली घटतौली पर लगाएगा लगाम
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पीलीभीत। गन्ना सेंटरों पर होने वाली घटतौली रोकने के लिए अब जिला प्रशासन ने टीमें लगाई हैं। डीएम के निर्देशन में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया जा रहा है। कमेटी गन्ना सेंटरों पर छापामारी कर तौल और मिल रही सुविधाओं का जायजा लेंगी।
गन्ना पेराई सत्र 2019-20 के शुरूआत में ही गन्ने में घटतौली को समाप्त करने के लिए शासन ने इस बार नए दिशा निर्देश जारी किए हैं। इधर घटतौली रोकने को जिला प्रशासन ने भी कवायद शुरू की है। इसके तहत डीएम के निर्देश प्रत्येक तहसील में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की जा रही है। इस कमेटी में एसडीएम, बांट माप निरीक्षक और ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक (एससीडीआई) शामिल रहेंगे। गठित कमेटी संबंधित तहसील के गन्ना सेंटरों पर औचक छापामारी कर तौल का जायजा लेंगी। इसके अलावा सेंटर पर किसानों की प्रदत्त सुविधाओं को भी देखेंगी। इससे पूर्व गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने भी घटतौली पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के सख्त निर्देश दिए थे। उन्होंने तौल लिपिकों के लाइसेंस जारी कर उनका डाटाबेस विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने, चीनी मिल गेट पर न्यूनतम 10 टन क्षमता का मैनुअल कांटा लगाने और तौल लिपिकों के पाक्षिक स्थानांतरण लाटरी सिस्टम के माध्यम से करने के निर्देश दिए थे।
जिलाधिकारी के निर्देशन में प्रत्येक तहसील में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया जा रहा है। गठित कमेटी गन्ना सेंटरों पर औचक निरीक्षण कर तौल व्यवस्था का जायजा लेगी।
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जितेंद्र कुमार मिश्र, जिला गन्ना अधिकारी
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गन्ना पेराई सत्र 2019-20 के शुरूआत में ही गन्ने में घटतौली को समाप्त करने के लिए शासन ने इस बार नए दिशा निर्देश जारी किए हैं। इधर घटतौली रोकने को जिला प्रशासन ने भी कवायद शुरू की है। इसके तहत डीएम के निर्देश प्रत्येक तहसील में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की जा रही है। इस कमेटी में एसडीएम, बांट माप निरीक्षक और ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक (एससीडीआई) शामिल रहेंगे। गठित कमेटी संबंधित तहसील के गन्ना सेंटरों पर औचक छापामारी कर तौल का जायजा लेंगी। इसके अलावा सेंटर पर किसानों की प्रदत्त सुविधाओं को भी देखेंगी। इससे पूर्व गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने भी घटतौली पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के सख्त निर्देश दिए थे। उन्होंने तौल लिपिकों के लाइसेंस जारी कर उनका डाटाबेस विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने, चीनी मिल गेट पर न्यूनतम 10 टन क्षमता का मैनुअल कांटा लगाने और तौल लिपिकों के पाक्षिक स्थानांतरण लाटरी सिस्टम के माध्यम से करने के निर्देश दिए थे।
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जिलाधिकारी के निर्देशन में प्रत्येक तहसील में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया जा रहा है। गठित कमेटी गन्ना सेंटरों पर औचक निरीक्षण कर तौल व्यवस्था का जायजा लेगी।
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जितेंद्र कुमार मिश्र, जिला गन्ना अधिकारी