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टाइगर रिजर्व में कर्नाटक से जल्द आएंगे चार हाथी
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
Updated Sun, 19 Mar 2017 11:17 PM IST
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टाइगर रिजर्व से सटे क्षेत्र में वन्यजीवों के हमलों के समय बाघों की खोजबीन के लिए अब दुधवा से हाथी नहीं मंगाने पड़ेंगे। शासन से जिले को चार हाथी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जल्द ही कर्नाटक से हाथी यहां आ जाएंगे। इसके अतिरिक्त ड्रोन कैमरा सहित कई साजो सामान भी उपलब्ध कराये जा रहे हैं।
नौ जून 2014 को जिले के जंगलों को टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था लेकिन ढाई साल से अधिक समय बीतने के बाद भी इसकी व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो रही हैं। पिछले दिनों माधोटांडा और न्यूरिया थाना क्षेत्र में बाघ ने नौ लोगों की जान ले ली। इस दौरान बाघ को पकड़ने के लिए दुधवा से हथिनियां मंगवाई गई थी। कलीनगर के निकट हमला होने पर बाघ को खोजने के लिए बांबे से ड्रोन कैमरे के साथ टीम यहां पहुंची थी। अब टाइगर के हमले रुकने के बाद वन विभाग ने अपने संसाधन जुटाने शुरू किए हैं। डीएफओ की रिपोर्ट पर डीएम ने संस्तुति कर शासन को पत्र भेजा है। इसमें चार हाथियों को मंजूरी मिल गई है। कर्नाटक से जल्द ही चार हाथी पीलीभीत टाइगर रिजर्व पहुंचेंगे। इन्हें लाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। चार हाथियों के अलावा ड्रोन कैमरा सहित कई अन्य सामान का प्रस्ताव भेजा गया था जिससे कुछ संसोधन के चलते पुन: मांगा गया है।
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ड्रोन कैमरा सहित अन्य उपकरण भी मिलेंगे
वन विभाग से शासन को जो संसोधित प्रस्ताव भेजा गया है उसमें 1.40 लाख का एक ड्रोन कैमरा, सात लाख के 35 कैमरा ट्रैप, 2.50 लाख का एक टेंट (राउट्री), 2.20 लाख का साइलेंट जनरेटर एवं 72 हजार से वनकर्मियों को पहनने को सुरक्षा उपकरण जैसे हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर आदि शामिल है।
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वेटनरी चिकित्सक की भी मांग
बाघ एवं अन्य वनकर्मियों को ट्रैक्युलाइज करने के लिए अभी दुधवा से टीम बुलानी पड़ती है साथ ही जिले के पशुचिकित्साधिकारियों को लगाना पड़ता है। इसके लिए शासन से विभाग में एक पशु चिकित्साधिकारी की तैनाती का भी प्रस्ताव भेजा गय है।
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टाइगर रिजर्व की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कई प्रस्ताव भेजे गए हैं। इसमें चार हाथियों को मंजूरी मिल गई है। ड्रोन कैमरा सहित अन्य उपकरण के प्रस्ताव को भी जल्द स्वीकृति मिल जाएगी।
- कैलाश प्रकाश, डीएफओ, टाइगर रिजर्व
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नौ जून 2014 को जिले के जंगलों को टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था लेकिन ढाई साल से अधिक समय बीतने के बाद भी इसकी व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो रही हैं। पिछले दिनों माधोटांडा और न्यूरिया थाना क्षेत्र में बाघ ने नौ लोगों की जान ले ली। इस दौरान बाघ को पकड़ने के लिए दुधवा से हथिनियां मंगवाई गई थी। कलीनगर के निकट हमला होने पर बाघ को खोजने के लिए बांबे से ड्रोन कैमरे के साथ टीम यहां पहुंची थी। अब टाइगर के हमले रुकने के बाद वन विभाग ने अपने संसाधन जुटाने शुरू किए हैं। डीएफओ की रिपोर्ट पर डीएम ने संस्तुति कर शासन को पत्र भेजा है। इसमें चार हाथियों को मंजूरी मिल गई है। कर्नाटक से जल्द ही चार हाथी पीलीभीत टाइगर रिजर्व पहुंचेंगे। इन्हें लाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। चार हाथियों के अलावा ड्रोन कैमरा सहित कई अन्य सामान का प्रस्ताव भेजा गया था जिससे कुछ संसोधन के चलते पुन: मांगा गया है।
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ड्रोन कैमरा सहित अन्य उपकरण भी मिलेंगे
वन विभाग से शासन को जो संसोधित प्रस्ताव भेजा गया है उसमें 1.40 लाख का एक ड्रोन कैमरा, सात लाख के 35 कैमरा ट्रैप, 2.50 लाख का एक टेंट (राउट्री), 2.20 लाख का साइलेंट जनरेटर एवं 72 हजार से वनकर्मियों को पहनने को सुरक्षा उपकरण जैसे हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर आदि शामिल है।
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वेटनरी चिकित्सक की भी मांग
बाघ एवं अन्य वनकर्मियों को ट्रैक्युलाइज करने के लिए अभी दुधवा से टीम बुलानी पड़ती है साथ ही जिले के पशुचिकित्साधिकारियों को लगाना पड़ता है। इसके लिए शासन से विभाग में एक पशु चिकित्साधिकारी की तैनाती का भी प्रस्ताव भेजा गय है।
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टाइगर रिजर्व की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कई प्रस्ताव भेजे गए हैं। इसमें चार हाथियों को मंजूरी मिल गई है। ड्रोन कैमरा सहित अन्य उपकरण के प्रस्ताव को भी जल्द स्वीकृति मिल जाएगी।
- कैलाश प्रकाश, डीएफओ, टाइगर रिजर्व