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हाईटेक हुई जंगल की सुरक्षा...स्मार्ट स्टिक के साथ गश्त करेंगे वनकर्मी
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पीलीभीत। लकड़ी का डंडा लेकर घने जंगल में खुद की जान जोखिम में डाल वन संपदा और वन्यजीवों की सुरक्षा करने वाले वनकर्मियों के हाथ में अब स्मार्ट स्टिक होगी। पीटीआर को 15 स्मार्ट स्टिक उपलब्ध हो चुकी हैं। जल्द ही प्रशिक्षण के बाद यह वनकर्मियों को दे दी जाएंगी। सेंसर युक्त यह स्मार्ट स्टिक कई मायनों में वनकर्मियों की सुरक्षा के लिहाजा से अहम है।
ब्रिटिश काल से ही जंगलों की निगरानी वनकर्मियों द्वारा मशाल से रोशनी कर की जाती थी। पीलीभीत टाइगर रिजर्व बनने के बाद इस परंपरा में बदलाव हुआ और वनकर्मियों के हाथों में मशाल की जगह सोलर लैंप और सोलर लाइटों से जंगल की निगरानी की जाने लगी। इधर अब पिछले साल भर से पीटीआर की अधिकांश व्यवस्थाएं हाईटेक की जा रही है। इसमें वन्यजीवों को रेस्क्यू करने वाले उपकरण, आग बुझाने वाली फायर बॉल, ड्रोन आदि शामिल हैं। पीलीभीत टाइगर रिजर्व 73 हजार हेक्टेयर का क्षेत्रफल पांच रेंजों में बंटा है। अधिकांश रेंजों में जंगल बीहड़ और नदी-नाले होने से गश्त और सुरक्षा को लेकर ज्यादा गंभीरता बरतनी पड़ती है। आमतौर पर जंगल गश्त के दौरान हर वनकर्मी के पास हथियार नहीं होता। वहीं ज्यादातर वनकर्मी डंडे के दम पर गश्त करते हैं। इधर अब जंगल की सुरक्षा भी हाईटेक तरीके से होने जा रही है। पीटीआर प्रशासन वन कर्मियों को अब स्मार्ट स्टिक उपलब्ध कराने जा रहा है। पीटीआर को 15 स्मार्ट स्टिक उपलब्ध हो चुकी है। जिससे वनकर्मी अपनी सुरक्षा के साथ वनों की सुरक्षा भी कर सकेंगे। स्मार्ट स्टिक कई अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी।
पैनिक बटन दबाने पर होगा जोरदार साउंड
पीटीआर प्रशासन ने प्रथम चरण में 15 स्मार्ट स्टिक मंगाई हैं। वन अफसरों के मुताबिक सेंसर युक्त इस स्टिक में प्राथमिक उपचार मेडिकल किट भी उपलब्ध है। करीब पांच हजार रुपये की इस स्मार्ट स्टिक में टॉर्च होने के साथ पैनिक बटन भी है। इमरजेंसी के दौरान इस पैनिक बटन को दबाने पर जोरदार साउंड होगा। यानी जंगल में भटकने या अकेला पड़ने पर वनकर्मी अपने साथियों को लोकेशन के बारे में बता सकेगा। इसके अलावा स्टन गन जंगली जानवरों से बचाव के साथ तस्करों से संघर्ष के दौरान भी काम आएगी। स्टन गन स्मार्ट स्टिक से जुड़ी है। उसे दबाने पर करंट निकलेगा। वन अफसरों के मुताबिक करंट से किसी की मौत नहीं होगी, मगर तगड़ा झटका जरूर लगेगा। जल्द चार्ज होने वाली स्मार्ट स्टिक पावर बैंक का काम भी करेगी। यानी जंगल में वनकर्मियों को अपना मोबाइल फोन चार्ज करने में भी दिक्कत नहीं आएगी। जंगल के फ्रंटलाइन स्टाफ के लिए स्मार्ट स्टिक खासी सहूलियत प्रदान करेगी।
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जंगल में गश्त के दौरान वन कर्मियों पर कई बार जंगली जानवरों द्वारा हमले करने के मामले प्रकाश में आते हैं। ऐसे में स्मार्ट स्टिक जंगलों में गश्त करने वाले वन कर्मियों के लिए कारगर साबित होगी। स्टिक के माध्यम से वनकर्मी खुद की सुरक्षा के साथ जंगलों की सुरक्षा भी कर सकेंगे। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
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ब्रिटिश काल से ही जंगलों की निगरानी वनकर्मियों द्वारा मशाल से रोशनी कर की जाती थी। पीलीभीत टाइगर रिजर्व बनने के बाद इस परंपरा में बदलाव हुआ और वनकर्मियों के हाथों में मशाल की जगह सोलर लैंप और सोलर लाइटों से जंगल की निगरानी की जाने लगी। इधर अब पिछले साल भर से पीटीआर की अधिकांश व्यवस्थाएं हाईटेक की जा रही है। इसमें वन्यजीवों को रेस्क्यू करने वाले उपकरण, आग बुझाने वाली फायर बॉल, ड्रोन आदि शामिल हैं। पीलीभीत टाइगर रिजर्व 73 हजार हेक्टेयर का क्षेत्रफल पांच रेंजों में बंटा है। अधिकांश रेंजों में जंगल बीहड़ और नदी-नाले होने से गश्त और सुरक्षा को लेकर ज्यादा गंभीरता बरतनी पड़ती है। आमतौर पर जंगल गश्त के दौरान हर वनकर्मी के पास हथियार नहीं होता। वहीं ज्यादातर वनकर्मी डंडे के दम पर गश्त करते हैं। इधर अब जंगल की सुरक्षा भी हाईटेक तरीके से होने जा रही है। पीटीआर प्रशासन वन कर्मियों को अब स्मार्ट स्टिक उपलब्ध कराने जा रहा है। पीटीआर को 15 स्मार्ट स्टिक उपलब्ध हो चुकी है। जिससे वनकर्मी अपनी सुरक्षा के साथ वनों की सुरक्षा भी कर सकेंगे। स्मार्ट स्टिक कई अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी।
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पैनिक बटन दबाने पर होगा जोरदार साउंड
पीटीआर प्रशासन ने प्रथम चरण में 15 स्मार्ट स्टिक मंगाई हैं। वन अफसरों के मुताबिक सेंसर युक्त इस स्टिक में प्राथमिक उपचार मेडिकल किट भी उपलब्ध है। करीब पांच हजार रुपये की इस स्मार्ट स्टिक में टॉर्च होने के साथ पैनिक बटन भी है। इमरजेंसी के दौरान इस पैनिक बटन को दबाने पर जोरदार साउंड होगा। यानी जंगल में भटकने या अकेला पड़ने पर वनकर्मी अपने साथियों को लोकेशन के बारे में बता सकेगा। इसके अलावा स्टन गन जंगली जानवरों से बचाव के साथ तस्करों से संघर्ष के दौरान भी काम आएगी। स्टन गन स्मार्ट स्टिक से जुड़ी है। उसे दबाने पर करंट निकलेगा। वन अफसरों के मुताबिक करंट से किसी की मौत नहीं होगी, मगर तगड़ा झटका जरूर लगेगा। जल्द चार्ज होने वाली स्मार्ट स्टिक पावर बैंक का काम भी करेगी। यानी जंगल में वनकर्मियों को अपना मोबाइल फोन चार्ज करने में भी दिक्कत नहीं आएगी। जंगल के फ्रंटलाइन स्टाफ के लिए स्मार्ट स्टिक खासी सहूलियत प्रदान करेगी।
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जंगल में गश्त के दौरान वन कर्मियों पर कई बार जंगली जानवरों द्वारा हमले करने के मामले प्रकाश में आते हैं। ऐसे में स्मार्ट स्टिक जंगलों में गश्त करने वाले वन कर्मियों के लिए कारगर साबित होगी। स्टिक के माध्यम से वनकर्मी खुद की सुरक्षा के साथ जंगलों की सुरक्षा भी कर सकेंगे। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व