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Pilibhit News: वनमंत्री ने रास्ता बदला, बाघ भी हाथ न आया

Wed, 04 Oct 2023 12:01 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Wed, 04 Oct 2023 12:01 AM IST
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Forest Minister changed the route, even the tiger was not found
रेस्क्यू आप्रेशन के दौरान भागता बाघ ।
कलीनगर। बांसखेड़ा गांव में छह दिन से आम के बाघ में डेरा जमाए बाघ को न पकड़ पाने से गुस्साए ग्रामीणों ने जब पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग पर जाम लगाया तब अफसर गंभीर हुए। मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस पर ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद वनमंत्री के आदेश पर दोपहर तीन बजे रेस्क्यू शुरू हुआ। डॉट मारने के बाद दो घंटे तक बाघ के बेहोश होने का इंतजार किया, लेकिन वह बेहोश नहीं हुआ। टीम दो बार बाघ के पास जाकर लौट आई। स्थिति को देख धीरे-धीरे अफसर और कर्मचारी वहां से निकलने लगे। ग्रामीण वन विभाग की कार्रवाई से नाराज दिखे। गांव में आक्रोश का माहौल है।
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माधोटांडा के गांव बासखेड़ा में 27 सितंबर से बाघ की आबादी के निकट आम के बाघ में मौजूदगी देखी गई। लगातार डेरा जमाए बाघ की दहशत बढ़ने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ा। इसके बाद रविवार को डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल के नेतृत्व में बाघ का रेस्क्यू शुरू किया गया था। डॉट मारने के बाद भी बाघ के बेहोश होने पर अफसर लौट गए थे। सोमवार को बाघ की मौजूदगी के बावजूद रेस्क्यू शुरू न करने से नाराज ग्रामीण एकत्र होकर माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग पर रानीगंज बांसखेड़ा चौराहे पर धरने पर बैठ गए।
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चार घंटे तक ग्रामीण मार्ग पर बैठे रहे। एसडीएम कलीनगर आशुतोष गुप्ता और एसओ अचल कुमार के समझाने के बाद भी ग्रामीण नहीं माने। इसके बाद ग्रामीणों की एक शिष्टमंडल को मुस्तफाबाद स्थित गेस्ट हाउस ले जाकर वन राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार से मिलवाया गया। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखी। जिस पर वन मंत्री ने बाघ को बेहोश करके पकड़ने के अफसर को आदेश दिए। करीब तीन बजे सामाजिक वानिकी डीएफओ संजीव कुमार के नेतृत्व में रेस्क्यू शुरू किया।
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टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सक डॉ. दक्ष गंगवार रेस्क्यू वाहन पर सवार होकर बाग में पहुंचे। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद बाघ को ट्रैंकुलाइज गन से डॉट मारा गया। सफल डॉट लगने के बाद बाघ के बेहोश होने का इंतजार किया जाने लगा, लेकिन दो घंटे बीतने के बाद भी बाघ बेहोश नहीं हुआ। इससे अधिकारी असमंजस में पड़ गए। स्थिति को देख अधिकारी कुछ देर प्रयास करने के बाद वहां से निकल गए।
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दो बार ऊपर डाला जाल, निकल गया बाघ
डॉट मारने के बाद बाघ के बेहोश होने का इंतजार किया। करीब डेढ़ घंटे बीत जाने के बाद अफसरों ने टीम को जाल लेकर पैदल बाघ के नजदीक भेजा। बाघ को कब्जे में लेने के लिए दो बार जाल डालने का प्रयास किया, लेकिन होश में होने के चलते बाघ निकलता रहा। अंत में अफसर और कर्मचारी रेस्क्यू बंद कर बाग से बाहर आने लगे।
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दूसरे प्रयास में लग सका डॉट, फिर भी नहीं मिली सफलता
बाघ को बेहोश करने के तीन बजे शुरू हुए ऑपरेशन के बाद चिकित्सक के दो बार प्रयास किए गए। बाघ बाग में चक्कर लगाता रहा। दो जेसीबी और एक ट्रैक्टर से रेस्क्यू जारी रखा गया। इस दौरान एक प्रयास में डाट बाघ को नहीं लग सकी। कुछ देर बाद दूसरे प्रयास में डाट तो लगी लेकिन बाघ बेहोश नहीं हो सका। इसके बाद अफसर और मौजूद टीम भी एक दूसरे का मुंह देखते नजर आएं।
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पुलिस भी दिखी परेशान, वनकर्मियों में दिखी मायूसी

बाघ की मौजूदगी के बाद से वन विभाग के वन दरोगा से लेकर वन वाचर तक को लगातार निगरानी में लगाया गया। पुलिस टीम भी दो बार रेस्क्यू के दौरान मोर्चा संभाले रही। इस दौरान डाट पड़ने के बाद दोनों बार बाघ बेहोश नहीं हो सका। आपरेशन विफल रहा। इससे वनकर्मियों और पुलिस के कर्मचारी भी परेशान दिखे। आखिरकार डाट पड़ने के बाद बाघ के बेहोश न होने को लेकर हर कोई सवाल करता दिखा। अफसर चुप्पी साध गए।
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चार घंटे लगा रहा जाम, वन मंत्री का बदलना पड़ा रास्ता
कलीनगर। रविवार को रेस्क्यू के दौरान डॉट लगने के बाद भी बाघ के बेहोश न होने पर अफसरों ने दोबारा रेस्क्यू शुरू नहीं किया। इससे नाराज ग्रामीणों ने माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग पर जाम लगा दिया। सैकड़ों ग्रामीण मार्ग पर बैठ गए। पुलिस और एसडीएम ने बातचीत कर जाम खुलवाने के प्रयास किए, जाम देख वनमंत्री को रास्ता बदलकर जंगल मार्ग से मुस्तफाबाद ले जाया गया। स्थिति को देख एसडीएम आशुतोष गुप्ता ने पांच ग्रामीणों को वन मंत्री से मिलने की अनुमति दिलवाई, इसपर भाकियू नेता गुरदीप सिंह गोगी, नगेन्द्र सिंह, बलवीर सिंह समेत अन्य ने वन मंत्री को मिलकर समस्या बताई। इसपर वन मंत्री ने बाघ को पकड़ने के आदेश दिए। जिसके बाद ग्रामीणों मार्ग से हटे। चार घंटे बाद यातायात सुचारू हो सका।

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डीएफओ साध गए चुप्पी, बोले कुछ नहीं कहना
रेस्क्यू ऑपरेशन के विफल होने के बाद डीएफओ सामाजिक संजीव कुमार से पत्रकारों ने रेस्क्यू को लेकर कुछ बताने की बात कही। इसपर डीएफओ कुछ न बोलने की बात कहकर चले गए।

रेस्क्यू आप्रेशन के दौरान भागता बाघ ।

रेस्क्यू आप्रेशन के दौरान भागता बाघ ।

रेस्क्यू आप्रेशन के दौरान भागता बाघ ।

रेस्क्यू आप्रेशन के दौरान भागता बाघ ।

रेस्क्यू आप्रेशन के दौरान भागता बाघ ।

रेस्क्यू आप्रेशन के दौरान भागता बाघ ।

रेस्क्यू आप्रेशन के दौरान भागता बाघ ।

रेस्क्यू आप्रेशन के दौरान भागता बाघ ।

रेस्क्यू आप्रेशन के दौरान भागता बाघ ।

रेस्क्यू आप्रेशन के दौरान भागता बाघ ।

रेस्क्यू आप्रेशन के दौरान भागता बाघ ।

रेस्क्यू आप्रेशन के दौरान भागता बाघ ।

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