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बांसुरी महोत्सव का आज होगा आगाज
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बांसुरी महोत्सव के लिए ड्रमंड कॉलेज में सजाया जा रहा मंच। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज के परिसर में शुक्रवार से बांसुरी महोत्सव का आगाज होने जा रहा है। तीन दिन तक चलने वाला महोत्सव जिले को एक नई पहचान देगा।
जिले में पहली बार बांसुरी महोत्सव हो रहा है। इसे लेकर लोगों में उत्साह और उत्सुकता भी है। जिलाधिकारी पुलकित खरे ने अपने अधिकारियों की टीम से इसकी तैयारी कराई है। पहला दिन गीत संगीत के साथ सुप्रसिद्ध बांसुरी वादक राजेंद्र प्रसन्ना और कॉमेडी स्टॉर राजपाल यादव के नाम रहेगा। कार्यक्रम के लिए कॉलेज परिसर में भव्य व्यवस्थाएं की गई हैं। बृहस्पतिवार को पूरे दिन अफसर व्यवस्थाएं पूरी करने में जुटे रहे। कृषि, विज्ञान, स्वतंत्रता सेनानियों से जुड़े स्टाल भी लगेंगे। पंद्रह फीट लंबी की बजाने योग्य बांसुरी बनाई जा रही है। इसे बजाकर पीलीभीत की बांसुरी के नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड भी कायम किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्वाह्न 11 बजे होगा।
आज यह कार्यक्रम होंगे खास
- दोपहर बाद दो बजे से शाम चार बजे तक वादन प्रतियोगिता (एकल)
- शाम चार से पांच बजे तक नाट्य प्रस्तुति
- शाम पांच बजे से साढ़े पांच बजे तक बांसुरी वादन
- शाम पांच बजकर पचास मिनट से छह बजे तक बंगाली नृत्य
- शाम छह बजे से सात बजे तक मयूर नृत्य
- रात सात बजे से साढ़े सात तक बांसुरी वादन
- शाम सात बजकर पचास मिनट से रात आठ बजे तक पंजाबी नृत्य
- रात आठ बजे से दस बजे तक कामेडी स्टार राजपाल की पाठशाला
आज यह हस्तियां होंगी खास
- अभिनेता राजपाल यादव, बांसुरी वादक राजेंद्र प्रसन्ना, बांसुरी वादक देवप्रिया चटर्जी एवं सुचिश्मिता
रुहेलखंड क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों से जुड़ी जानकारी को लगेगा मेगा स्टॉल
रूहेलखंड के अमर शहीदों व स्वतंत्रता सेनानियों की वीर गाथा को लेकर मेगा स्टाल की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। उनकी कहानियों के वीडियो क्लिप भी दिखाई जाएगी। 1857 की क्रांति से लेकर स्वतंत्रता तक के प्रमुख सेनानियों के योगदान पर आधारित प्रदर्शनी में अशफाफ उल्ला खां, खान बहादुर खां, वख्त खां, पंडित रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, कुंवर भगवान सिंह, दामोदर दास, कुंदन लाल, लाला रामगुलाम जी, राममूर्ति, मुकुन्दलाल अग्रवाल, नत्थू लाल, दुर्गाशंकर शुक्ल, पंडित रामेश्वरदयाल वैद्य, मकसूद आलम खां, नासिरूद्दीन खां, पंडित छोटे लाल अग्निहोत्री, पंडित मोहनलाल आचार्य, डॉ. लक्ष्मी नारायण शुक्ल, ठाकुर प्रसाद, केदारदत्त तत्राड़ी, परमेश्वरी दयाल आजाद जैसे अनेक स्वतंत्रता सेनानियों की गाथाओं का वर्णन किया जाएगा।
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जिले में पहली बार बांसुरी महोत्सव हो रहा है। इसे लेकर लोगों में उत्साह और उत्सुकता भी है। जिलाधिकारी पुलकित खरे ने अपने अधिकारियों की टीम से इसकी तैयारी कराई है। पहला दिन गीत संगीत के साथ सुप्रसिद्ध बांसुरी वादक राजेंद्र प्रसन्ना और कॉमेडी स्टॉर राजपाल यादव के नाम रहेगा। कार्यक्रम के लिए कॉलेज परिसर में भव्य व्यवस्थाएं की गई हैं। बृहस्पतिवार को पूरे दिन अफसर व्यवस्थाएं पूरी करने में जुटे रहे। कृषि, विज्ञान, स्वतंत्रता सेनानियों से जुड़े स्टाल भी लगेंगे। पंद्रह फीट लंबी की बजाने योग्य बांसुरी बनाई जा रही है। इसे बजाकर पीलीभीत की बांसुरी के नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड भी कायम किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्वाह्न 11 बजे होगा।
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आज यह कार्यक्रम होंगे खास
- दोपहर बाद दो बजे से शाम चार बजे तक वादन प्रतियोगिता (एकल)
- शाम चार से पांच बजे तक नाट्य प्रस्तुति
- शाम पांच बजे से साढ़े पांच बजे तक बांसुरी वादन
- शाम पांच बजकर पचास मिनट से छह बजे तक बंगाली नृत्य
- शाम छह बजे से सात बजे तक मयूर नृत्य
- रात सात बजे से साढ़े सात तक बांसुरी वादन
- शाम सात बजकर पचास मिनट से रात आठ बजे तक पंजाबी नृत्य
- रात आठ बजे से दस बजे तक कामेडी स्टार राजपाल की पाठशाला
आज यह हस्तियां होंगी खास
- अभिनेता राजपाल यादव, बांसुरी वादक राजेंद्र प्रसन्ना, बांसुरी वादक देवप्रिया चटर्जी एवं सुचिश्मिता
रुहेलखंड क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों से जुड़ी जानकारी को लगेगा मेगा स्टॉल
रूहेलखंड के अमर शहीदों व स्वतंत्रता सेनानियों की वीर गाथा को लेकर मेगा स्टाल की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। उनकी कहानियों के वीडियो क्लिप भी दिखाई जाएगी। 1857 की क्रांति से लेकर स्वतंत्रता तक के प्रमुख सेनानियों के योगदान पर आधारित प्रदर्शनी में अशफाफ उल्ला खां, खान बहादुर खां, वख्त खां, पंडित रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, कुंवर भगवान सिंह, दामोदर दास, कुंदन लाल, लाला रामगुलाम जी, राममूर्ति, मुकुन्दलाल अग्रवाल, नत्थू लाल, दुर्गाशंकर शुक्ल, पंडित रामेश्वरदयाल वैद्य, मकसूद आलम खां, नासिरूद्दीन खां, पंडित छोटे लाल अग्निहोत्री, पंडित मोहनलाल आचार्य, डॉ. लक्ष्मी नारायण शुक्ल, ठाकुर प्रसाद, केदारदत्त तत्राड़ी, परमेश्वरी दयाल आजाद जैसे अनेक स्वतंत्रता सेनानियों की गाथाओं का वर्णन किया जाएगा।
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