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जलस्तर कम हुआ पर अब भी बाढ़ का खतरा बरकरार
सार
हालांकि पूरनपुर क्षेत्र के चंदिया हजारा क्षेत्र में अब भी पानी भरा हुआ है, यहां बता दें कि पिछले साल भी अक्तूबर माह में बाढ़ ने तबाही मचाई थी।शारदा नदी का असर जिले के माधोटांडा और पूरनपुर क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों में अधिक रहता है। नगरिया खुर्द में काम में लापरवाही पर अभियंताओं ने खुद का बचाव करने के लिए ठेकेदार के खिलाफ थाने में तहरीर भी दी थी। रविवार रात में ही लाइट की रोशनी में जियो बैग लगाने के नाम पर औपचारिकताएं निभाई जाने लगी।
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विस्तार
पीलीभीत। मैदानी क्षेत्र के साथ पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद रविवार को बढ़ा शारदा नदी का जलस्तर सोमवार को कम हो गया, जिससे अफसरों ने राहत की सांस ली। हालांकि पूरनपुर क्षेत्र के चंदिया हजारा क्षेत्र में अब भी पानी भरा हुआ है, यहां बता दें कि पिछले साल भी अक्तूबर माह में बाढ़ ने तबाही मचाई थी।
शारदा नदी का असर जिले के माधोटांडा और पूरनपुर क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों में अधिक रहता है। माधोटांडा क्षेत्र के नोमैंस लैंड से सटे नौजल्हा नंबर दो, गभिया सहराई, कंजिया सिंहपुर, भूड़ा गोरख डिब्बी, नगरिया खुर्द कला, रमनगरा, मझारा समेत 12 से अधिक गांव नदी से प्रभावित रहते हैं। आबादी क्षेत्र को सुरक्षित बचाने के लिए हर साल करोड़ों रुपये की लागत से प्रोजेक्ट पर काम किया जाता है, लेकिन लापरवाही से किया गया कार्य लंबे समय तक टिकता नहीं। इस बार भी करीब दस करोड़ से नौजल्हा नंबर दो और नगरिया खुर्द कलां क्षेत्र में कार्य कराए गए। नगरिया खुर्द में काम में लापरवाही पर अभियंताओं ने खुद का बचाव करने के लिए ठेकेदार के खिलाफ थाने में तहरीर भी दी थी। नौजल्हा क्षेत्र में रात के अंधेरे में कार्य का विरोध करने पहुंचे ग्रामीणों से नोकझोंक का मामला भी सामने आ चुका है। हालांकि इस बार बरसात के दौरान नदी में पानी नहीं बढ़ा। इससे कार्य की हकीकत सामने नहीं आ सकी। दो दिन पूर्व हुई बारिश के बाद नदी का जलस्तर बढ़ा तो शारदा उफना गई। डीएम ने अफसरों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। हालात परखने के साथ जरूरी कार्य कराने के भी निर्देश दिए।
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भूड़ा गोरखडिब्बी में रात में आधे अधूरे कट्टे लगाने पर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
पीलभीत। डीएम प्रवीण कुमार ने रविवार को कलीनगर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव भूड़ा गोरख डिब्बी पहुंचकर शारदा नदी का जायजा लिया था। नदी की धार को देखते हुए आबादी क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए गांव की सीमा में जियोबैग लगाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अभियंताओं ने आदेश का पालन करने के नाम पर खेल शुरू कर दिया। रविवार रात में ही लाइट की रोशनी में जियो बैग लगाने के नाम पर औपचारिकताएं निभाई जाने लगी। इसकी जानकारी लगने के बाद प्रधान विवेका नंद समेत ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। कार्य में लापरवाही का आरोप लगाकर नाराजगी जताई गई।
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शारदा नदी का जलस्तर सोमवार को कम हो गया। इससे खतरे की जो भी स्थिति भी वह टल गई है। क्षेत्र में जरूरी कार्य कराए जा रहे हैं। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
- राज कुमार, सहायक अभियंता, शारदा सागर खंड
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शारदा नदी का असर जिले के माधोटांडा और पूरनपुर क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों में अधिक रहता है। माधोटांडा क्षेत्र के नोमैंस लैंड से सटे नौजल्हा नंबर दो, गभिया सहराई, कंजिया सिंहपुर, भूड़ा गोरख डिब्बी, नगरिया खुर्द कला, रमनगरा, मझारा समेत 12 से अधिक गांव नदी से प्रभावित रहते हैं। आबादी क्षेत्र को सुरक्षित बचाने के लिए हर साल करोड़ों रुपये की लागत से प्रोजेक्ट पर काम किया जाता है, लेकिन लापरवाही से किया गया कार्य लंबे समय तक टिकता नहीं। इस बार भी करीब दस करोड़ से नौजल्हा नंबर दो और नगरिया खुर्द कलां क्षेत्र में कार्य कराए गए। नगरिया खुर्द में काम में लापरवाही पर अभियंताओं ने खुद का बचाव करने के लिए ठेकेदार के खिलाफ थाने में तहरीर भी दी थी। नौजल्हा क्षेत्र में रात के अंधेरे में कार्य का विरोध करने पहुंचे ग्रामीणों से नोकझोंक का मामला भी सामने आ चुका है। हालांकि इस बार बरसात के दौरान नदी में पानी नहीं बढ़ा। इससे कार्य की हकीकत सामने नहीं आ सकी। दो दिन पूर्व हुई बारिश के बाद नदी का जलस्तर बढ़ा तो शारदा उफना गई। डीएम ने अफसरों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। हालात परखने के साथ जरूरी कार्य कराने के भी निर्देश दिए।
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भूड़ा गोरखडिब्बी में रात में आधे अधूरे कट्टे लगाने पर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
पीलभीत। डीएम प्रवीण कुमार ने रविवार को कलीनगर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव भूड़ा गोरख डिब्बी पहुंचकर शारदा नदी का जायजा लिया था। नदी की धार को देखते हुए आबादी क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए गांव की सीमा में जियोबैग लगाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अभियंताओं ने आदेश का पालन करने के नाम पर खेल शुरू कर दिया। रविवार रात में ही लाइट की रोशनी में जियो बैग लगाने के नाम पर औपचारिकताएं निभाई जाने लगी। इसकी जानकारी लगने के बाद प्रधान विवेका नंद समेत ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। कार्य में लापरवाही का आरोप लगाकर नाराजगी जताई गई।
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शारदा नदी का जलस्तर सोमवार को कम हो गया। इससे खतरे की जो भी स्थिति भी वह टल गई है। क्षेत्र में जरूरी कार्य कराए जा रहे हैं। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
- राज कुमार, सहायक अभियंता, शारदा सागर खंड