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Pilibhit News: नौवें दिन हटा पुल से बाढ़ का पानी, यातायात सुचारू

Thu, 18 Jul 2024 02:04 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jul 2024 02:04 AM IST
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Flood water removed from the bridge on the ninth day, traffic resumed
बीसलपुर के एक खेत में बाढ़ से खराब हुई गन्ने की फसल।संवाद
बीसलपुर। गांव रंभोजा के पास बह रही माला नदी के पुल से नौवें दिन बाढ़ का पानी पूरी तरह से हट गया। अब इस पुल से आवागमन सुचारू हो गया है।
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नौ जुलाई को माला नदी में बाढ़ आ गई थी। बाढ़ के पानी से गांव रंभोजा के पास स्थित माला नदी का पुल पूरी तरह से जलमग्न हो गया था। पुल के ऊपर से करीब एक मीटर ऊंचाई में पानी बहने लगा था। इस वजह से यातायात पूरी तरह से बंद हो गया था।
आसपास के काफी गांवों के लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत होने लगी थी। उन लोगों को काफी लंबा चक्कर लगाकर दियोरिया रोड होते हुए बीसलपुर आना-जाना पड़ रहा था।
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बुधवार को सुबह नौवें दिन इस पुल से बाढ़ का पानी पूरी तरह से हट गया। इसके बाद आसपास के लोगों को यहां से निकलने में कोई दिक्कत नहीं आई। पुल से बाढ़ का पानी हटने की पुष्टि एसडीएम महीपाल सिंह ने भी की है।
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बननी शुरू हुई एप्रोच रोड, ग्रामीणों में हर्ष

बीसलपुर। गांव बौनी में कटना नदी के पुल की एप्रोच रोड की मरम्मत शुरू हो गई है, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। एप्रोच रोड कट जाने से यातायात पूरी तरह से ठप था।
पिछले दिनों आई बाढ़ में गांव बौनी के पास कटना नदी के पुल की एक तरफ की एप्रोच रोड पूरी तरह से कट गई थी, जिससे उधर का यातायात पूरी तरह से ठप हो गया था। ग्रामीणों को आने-जाने में काफी दिक्कत होने लगी थी। ग्रामीणों ने लेाक निर्माण विभाग के अधिकारियों से उसी दिन से फोन पर संपर्क साधकर टूटी एप्रोच रोड की मरम्मत कराने की मांग शुरू कर दी थी। बुधवार से टूटी एप्रोच रोड की मरम्मत शुरू हो गई, जिसकी पुष्टि ग्राम प्रधान किरण गोस्वामी ने भी की। संवाद
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खेतों में जलभराव से फसलों को पहुंचा नुकसान

बीसलपुर। बाढ़ के कारण फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। सर्वेक्षण लेखपाल और कृषि विभाग के कर्मचारी संयुक्त रूप से कर रहे हैं। सर्वे अत्यंत सुस्त गति से हो रहा है। पीड़ित किसान मुआवजा प्राप्त करने के क्रम में संबंधित अधिकारियों से लगातार संपर्क साध रहे हैं, लेकिन सर्वे कार्य की प्रगति में कोई तेजी नहीं आई है।

मुआवजा न मिलने से पीडि़त किसानों में रोष है। इस बावत तहसीलदार करम सिंह ने बताया कि अभी फसलों के नुकसान का सर्वेक्षण पूरा नहीं हो पाया है। सर्वेक्षण रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि कितने किसान और गृह स्वामी मुआवजे के मानकों के तहत पात्र हैं। संवाद
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