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Pilibhit News: कटान रोकने सामान लेकर पहुंची बाढ़ खंड की टीम
Mon, 10 Jul 2023 12:04 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Mon, 10 Jul 2023 12:04 AM IST
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पूरनपुर। शारदा नदी के कटान को रोकने के लिए रविवार को आखिरकार बाढ़ खंड की टीम बांस, बल्ली, तार आदि लेकर पहुंच गई। मजदूरों को लगाकर वायरकेट बनाने का काम शुरू कर दिया गया, लेकिन नदी का जलस्तर बढ़ने पर कटान रोकने की कैसे कोशिश होगी, यह गांव के लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
शारदा नदी पिछले कई दिनों से गांव चंदिया हजारा और राहुलनगर में कटान कर रही थी। जंगल की जमीन काटती हुई नदी खेतों तक पहुंच चुकी है। खेतों में लहलहाती गन्ना की फसल नदी की भेंट चढ़ना शुरू हो गई थी। शनिवार को नदी का जलस्तर बढ़ने से कटान की गति धीमी पड़ गई।
बृहस्पतिवार को गांव चंदिया हजारा पहुंचे बाढ़ खंड के सहायक अभियंता ने वायरकेट बनाने को तार भिजवाने का आश्वासन ग्राम प्रधान और मौजूद अन्य गांव के लोगों को दिेया था, लेकिन दो दिन इंतजार के बाद भी वायरकेट न पहुंचने से गांव के लोगों को मायूसी हुई। आखिर शुक्रवार को नदी कटान न रुकने पर रस्सा लेकर पहुंचे कुछ लोगों ने आसपास की झाडिय़ों को आपस में बांध दिया था।
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रविवार को बाढ़ खंड की ओर से वायरकेट बनाने को बांस, बल्ली, रस्सी आदि समान लेकर कुछ कर्मचारी पहुंचे। मजदूरों को लगाकर वायरकेट बनाने का काम शुरू किया गया, लेकिन जलस्तर बढऩे पर वायरकेट कितना सफल रहेगा आदि लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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शारदा नदी पिछले कई दिनों से गांव चंदिया हजारा और राहुलनगर में कटान कर रही थी। जंगल की जमीन काटती हुई नदी खेतों तक पहुंच चुकी है। खेतों में लहलहाती गन्ना की फसल नदी की भेंट चढ़ना शुरू हो गई थी। शनिवार को नदी का जलस्तर बढ़ने से कटान की गति धीमी पड़ गई।
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बृहस्पतिवार को गांव चंदिया हजारा पहुंचे बाढ़ खंड के सहायक अभियंता ने वायरकेट बनाने को तार भिजवाने का आश्वासन ग्राम प्रधान और मौजूद अन्य गांव के लोगों को दिेया था, लेकिन दो दिन इंतजार के बाद भी वायरकेट न पहुंचने से गांव के लोगों को मायूसी हुई। आखिर शुक्रवार को नदी कटान न रुकने पर रस्सा लेकर पहुंचे कुछ लोगों ने आसपास की झाडिय़ों को आपस में बांध दिया था।
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रविवार को बाढ़ खंड की ओर से वायरकेट बनाने को बांस, बल्ली, रस्सी आदि समान लेकर कुछ कर्मचारी पहुंचे। मजदूरों को लगाकर वायरकेट बनाने का काम शुरू किया गया, लेकिन जलस्तर बढऩे पर वायरकेट कितना सफल रहेगा आदि लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।