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कैलाश नदी का जलस्तर घटने से कटान तेज, 60 बीघा जमीन नदी में समाई
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अमरिया। तहसील क्षेत्र में कैलाश नदी का जलस्तर घटने से कटान तेज हो गया है। पिछले एक सप्ताह में नदी गांव उड़रा, भदसरा मार्ग के निकट करीब 60 बीघा जमीन निगल चुकी है, मगर अब तक प्रशासनिक एवं बाढ़ खंड के अभियंताओं ने बचाव कार्य को लेकर कोई कार्य शुरू नहीं कराया है।
पिछले दिनों पहाड़ों में हुई तेज बारिश के बाद कैलाश नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया था। मगर, अब नदी के जलस्तर में कमी होती नजर आ रही है। जलस्तर घटते ही नदी ने उड़रा गांव के पास कृषि जमीन का कटान शुरू कर दिया है। गांव उड़रा निवासी गुरुदयाल सिंह, आजेब सिंह, ज्ञानी अमरीक सिंह, जरनैल सिंह, जसपाल सिंह की करीब 60 बीघा कृषि जमीन मय फसल नदी में समा चुकी है। किसान आत्मजोत सिंह ने बताया कि जलस्तर घटने के बाद अब नदी कटान करती हुई उड़रा-भदसरा मार्ग की ओर बढ़ रही है। मार्ग से नदी की दूरी मात्र दस मीटर रह गई है। अगर इसी तरह नदी कटान करती रही तो उड़रा-भदसरा सड़क भी दो चार दिन में नदी में समा जाएगी। गांव के ही निवासी सतनाम सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष भी नदी ने सैकड़ों बीघा जमीन का कटान किया था, मगर प्रशासन और बाढ़ खंड के अभियंताओं ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। बाढ़ खंड द्वारा बचाव कार्य न कराए जाने पर ग्रामीणों ने खुद को पेड़ों को काटकर नदी किनारे डालना शुरू कर दिया है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता ध्रुव नारायण शुक्ला ने बताया कि कटान रोकने के लिए बचाव कार्य किया जा रहा है। नदी के जलस्तर पर निगाह रखी जा रही है।
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पिछले दिनों पहाड़ों में हुई तेज बारिश के बाद कैलाश नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया था। मगर, अब नदी के जलस्तर में कमी होती नजर आ रही है। जलस्तर घटते ही नदी ने उड़रा गांव के पास कृषि जमीन का कटान शुरू कर दिया है। गांव उड़रा निवासी गुरुदयाल सिंह, आजेब सिंह, ज्ञानी अमरीक सिंह, जरनैल सिंह, जसपाल सिंह की करीब 60 बीघा कृषि जमीन मय फसल नदी में समा चुकी है। किसान आत्मजोत सिंह ने बताया कि जलस्तर घटने के बाद अब नदी कटान करती हुई उड़रा-भदसरा मार्ग की ओर बढ़ रही है। मार्ग से नदी की दूरी मात्र दस मीटर रह गई है। अगर इसी तरह नदी कटान करती रही तो उड़रा-भदसरा सड़क भी दो चार दिन में नदी में समा जाएगी। गांव के ही निवासी सतनाम सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष भी नदी ने सैकड़ों बीघा जमीन का कटान किया था, मगर प्रशासन और बाढ़ खंड के अभियंताओं ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। बाढ़ खंड द्वारा बचाव कार्य न कराए जाने पर ग्रामीणों ने खुद को पेड़ों को काटकर नदी किनारे डालना शुरू कर दिया है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता ध्रुव नारायण शुक्ला ने बताया कि कटान रोकने के लिए बचाव कार्य किया जा रहा है। नदी के जलस्तर पर निगाह रखी जा रही है।
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