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Pilibhit News: फाइलेरिया उन्मूलन अभियान आज से, चार ब्लॉकों पर रहेगा फोकस
Sat, 10 Feb 2024 03:09 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sat, 10 Feb 2024 03:09 AM IST
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पीलीभीत। जिले में शनिवार से फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान चलाया जाएगा। इसमें चार प्रभावित ब्लॉकों पर खासा ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए पिछले साल के मरीजों के आंकड़े जुटाए गए थे। अभियान में 12,46,963 लोगों को दवा खिलाई जानी है।
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त वर्ष 2023 के आंकड़ों में सबसे अधिक 269 पीड़ित पुरनपुर में निकले थे। वहीं अमरिया में 35, ललौरीखेड़ा में 13, न्यूरिया में 61, बरखेड़ा में 184, बीसलपुर में 218, बिलसंडा में 268 और अर्बन में 73 मरीज सामने आए थे। इस कारण शनिवार से शुरू होने वाले अभियान में चार ब्लॉकों को प्राथमिकता पर रखा गया है।
जिला मलेरिया अधिकारी पंकज द्विवेदी ने बताया कि सावधानी अपनाकर इन समस्याओं से बचा जा सकता है। अभियान में जन भागीदारी महत्वपूर्ण है। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) का अभियान 28 फरवरी तक चलेगा। इसमें पूरनपुर, न्यूरिया, बरखेड़ा और बिलसंडा के 12,46,963 लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 1082 टीमें व 80 सुपरवाइजर लगाए गए हैं। साथ ही आरआरटी का गठन भी किया गया है।
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क्या है फाइलेरिया
यह संक्रामक रोग है। इसे हाथीपांव के नाम से भी जाना जाता है। यह मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है। अभियान में घर-घर मुफ्त दवा दी जा रही है। ऐसे में स्वास्थ्य कर्मियों के सामने दवा खाना जरूरी है। परेशान होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क किया जा सकता है।
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फाइलेरिया के लक्षण
-सामान्यत: कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं।
-बुखार, हाथ-पैर में दर्द या सूजन और पुरुषों के जननांग व उसके आसपास सूजन।
- पैरों और हाथों में सूजन, हाइड्रोसिल।
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स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त वर्ष 2023 के आंकड़ों में सबसे अधिक 269 पीड़ित पुरनपुर में निकले थे। वहीं अमरिया में 35, ललौरीखेड़ा में 13, न्यूरिया में 61, बरखेड़ा में 184, बीसलपुर में 218, बिलसंडा में 268 और अर्बन में 73 मरीज सामने आए थे। इस कारण शनिवार से शुरू होने वाले अभियान में चार ब्लॉकों को प्राथमिकता पर रखा गया है।
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जिला मलेरिया अधिकारी पंकज द्विवेदी ने बताया कि सावधानी अपनाकर इन समस्याओं से बचा जा सकता है। अभियान में जन भागीदारी महत्वपूर्ण है। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) का अभियान 28 फरवरी तक चलेगा। इसमें पूरनपुर, न्यूरिया, बरखेड़ा और बिलसंडा के 12,46,963 लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 1082 टीमें व 80 सुपरवाइजर लगाए गए हैं। साथ ही आरआरटी का गठन भी किया गया है।
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क्या है फाइलेरिया
यह संक्रामक रोग है। इसे हाथीपांव के नाम से भी जाना जाता है। यह मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है। अभियान में घर-घर मुफ्त दवा दी जा रही है। ऐसे में स्वास्थ्य कर्मियों के सामने दवा खाना जरूरी है। परेशान होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क किया जा सकता है।
फाइलेरिया के लक्षण
-सामान्यत: कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं।
-बुखार, हाथ-पैर में दर्द या सूजन और पुरुषों के जननांग व उसके आसपास सूजन।
- पैरों और हाथों में सूजन, हाइड्रोसिल।