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किसान आंदोलन: मातहत नहीं कर पाए निगरानी तो आगे आए अफसर
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पूरनपुर क्षेत्र में किसानों से वार्ता करते डीएम और एसपी।
- फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में चल रहे आंदोलन में तराई के कई किसान पहुंच चुके हैं। पिछले कुछ दिनों में कई बार अन्य किसानों ने भी दिल्ली कूच करने की कोशिश की है। चार दिन पहले तो किसान अफसरों के तमाम प्रयासों के बाद भी जनपद की सीमा पार कर गए थे। फिर रामपुर में जाकर उन्हें रोका जा सका था। मातहतों की निगरानी में हुई चूक के बाद अफसरों ने अब खुद कमान संभाली हुई है। लगातार चौथे दिन भी डीएम-एसपी पूरनपुर में डेरा जमाए रहे। गुरुद्वारों में बैठकें करके किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही घरों पर रहने की अपील की गई। हाईवे की पुलिस चौकियों में चेकिंग कराकर निगरानी बढ़ा दी गई है।
किसान आंदोलन को लेकर जनपद में हाईअलर्ट घोषित है। बीते दिनों किसान एकत्र होकर दिल्ली कूच करने का प्रयास कर चुके हैं। इसे लेकर माहौल गर्माया हुआ है। चार दिन पूर्व किसानों की भीड़ तमाम रुकावटों को हटाकर बरेली और फिर रामपुर तक पहुंच गई थी। इस मामले में मातहतों की निगरानी में लापरवाही भी उजागर हुई थी। किसानों के एकजुट होकर हाईवे पर पहुंचने के बाद स्थानीय लोगों को इसका पता लगा था। फिर कमिश्नर डीआईजी भी दो दिन तक जिले में रहे। डीएम पुलकित खरे और एसपी जयप्रकाश लगातार पूरनपुर में बने हुए हैं।
बृहस्पतिवार को भी डीएम-एसपी ने पूरनपुर क्षेत्र में कई जगह गुरुद्वारों में किसानों के साथ बैठक करके उनसे घरों पर ही रहने की अपील की। बृहस्पतिवार को भी वह खुटार शाहजहांपुर बार्डर की तरफ भी गए थे। मातहतों को भी कसा गया है। शासन से आए एक आईपीएस और दो सीओ भी घुंघचाई, माधोटांडा क्षेत्र के गुरुद्वारों और गांवों में किसानों से संपर्क करते रहे। हर सूचना को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए हैं। असम हाईवे, बरेली हाईवे, सितारगंज हाईवे, टनकपुर हाईवे से सटी चौकियों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाकर वाहनों की सघन चेकिंग कराई जा रही है।
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किसानों से बैठक करके घरों पर रहने की अपील की जा रही है। चौकियों पर चेकिंग भी करा रहे हैं। निगरानी बढ़ा दी गई है। शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाते हुए सहयोग मांगा है। किसान भी सहयोग कर रहे हैं। - जयप्रकाश, एसपी
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किसान आंदोलन को लेकर जनपद में हाईअलर्ट घोषित है। बीते दिनों किसान एकत्र होकर दिल्ली कूच करने का प्रयास कर चुके हैं। इसे लेकर माहौल गर्माया हुआ है। चार दिन पूर्व किसानों की भीड़ तमाम रुकावटों को हटाकर बरेली और फिर रामपुर तक पहुंच गई थी। इस मामले में मातहतों की निगरानी में लापरवाही भी उजागर हुई थी। किसानों के एकजुट होकर हाईवे पर पहुंचने के बाद स्थानीय लोगों को इसका पता लगा था। फिर कमिश्नर डीआईजी भी दो दिन तक जिले में रहे। डीएम पुलकित खरे और एसपी जयप्रकाश लगातार पूरनपुर में बने हुए हैं।
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बृहस्पतिवार को भी डीएम-एसपी ने पूरनपुर क्षेत्र में कई जगह गुरुद्वारों में किसानों के साथ बैठक करके उनसे घरों पर ही रहने की अपील की। बृहस्पतिवार को भी वह खुटार शाहजहांपुर बार्डर की तरफ भी गए थे। मातहतों को भी कसा गया है। शासन से आए एक आईपीएस और दो सीओ भी घुंघचाई, माधोटांडा क्षेत्र के गुरुद्वारों और गांवों में किसानों से संपर्क करते रहे। हर सूचना को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए हैं। असम हाईवे, बरेली हाईवे, सितारगंज हाईवे, टनकपुर हाईवे से सटी चौकियों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाकर वाहनों की सघन चेकिंग कराई जा रही है।
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किसानों से बैठक करके घरों पर रहने की अपील की जा रही है। चौकियों पर चेकिंग भी करा रहे हैं। निगरानी बढ़ा दी गई है। शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाते हुए सहयोग मांगा है। किसान भी सहयोग कर रहे हैं। - जयप्रकाश, एसपी

किसानों के आंदोलन को लेकर असम चौराहे पर चौकी के पास तैनात फोर्स।- फोटो : PILIBHIT

असम चौराहे पर वाहनों की चेकिंग करती पुलिस।- फोटो : PILIBHIT