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किसान क्लब और समूहों को जोड़े सहकारी बैंक
Pilibhit
Updated Sat, 07 Nov 2015 11:32 PM IST
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डीडीएम नाबार्ड ने कहा कि गांव और किसान के विकास मेें सहकारी बैंकों की अहम भूमिका है। बैंक किसान क्लब, स्वयं सहायता समूह और संयुक्त देयता समूहों के खाते खोलकर उनके सदस्यों की प्रगति के साथ बैंक का कारोबार बढ़ा सकते हैं।
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छतरी चौराहा स्थित जिला सहकारी बैंक मुख्यालय में नाबार्ड की ओर से स्वयं सहायता समूह बैंक लिंकेज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ता डीडीएम नाबार्ड ने कहा प्राय: देखा गया है कि बैंक स्वयं सहायता समूह व किसान क्लब आदि के खाते खोलने से बचते हैं। जबकि ये बैंक और समूह से जुड़े सदस्यों दोनों के हित में है। उन्होंने बताया कि नाबार्ड के माध्यम से खुले करीब 25 स्वयं सहायता समूहों के खाते खोलने में बैंक को कहीं भी नहीं जाना पड़ा। जबकि दो वर्षों में इन समूहों से नौ लाख का जमा पूंजी बैंक को प्राप्त हुई। उन्होंने इसे बैंक का कारोबार बढ़ाने का प्रमुख माध्यम बताया और स्वयं सहायता समूह, किसान क्लब एवं संयुक्त देयता क्लब के खाते खोलने की अपील की। कृषि उपनिदेशक एके सिंह ने कहा कि किसान को धन प्राप्ति का एक मात्र साधन बैंक हैं। इसलिए बैंकों को अपनी ऋण सीमा और बढ़ानी चाहिए। बैंक के महाप्रबंधक आलोक गुप्ता ने कहा कि बैंक समूह एवं किसान क्लबों को व्यापार प्रतिनिधि के रूप में लें। किसानों को सुविधाएं देना ही सहकारी बैंक का प्रमुख उद्देश्य है। कार्यक्रम में डीजीएम बाबूराम, प्रबंधक सौरभ द्विवेदी सहित सभी बैंक प्रबंधक मौजूद रहे।
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