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आढ़ती समेत नकली नोटों में पकड़े तीन धंधेबाजों के परिवार वालों की पड़ताल शुरू

Sun, 06 Sep 2020 06:31 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 06 Sep 2020 06:31 PM IST
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fake currency matter
पीलीभीत। नकली नोट मामले में धरे गए आढ़ती समेत चार धंधेबाजों के परिवार वाले भी पुलिस की रडार पर आ गए हैं। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बाद स्थानीय पुलिस भी हरकत में आई। पुलिस ने नकली नोट बनाकर सप्लाई करने वाले धंधेबाजों के परिवार वालों की भी छानबीन शुरू कर दी। उनके अन्य साथियों की भी पड़ताल की जा रही है।
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चार दिन पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जहानाबाद थाना क्षेत्र के गांव परेवा वैश्य में रहने वाले आढ़ती मोहम्मद अजीम और उसके दोस्त अकील अहमद को दिल्ली में आनंद बिहार से 1.20 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उनसे पूछताछ की। दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने परेवा वैश्य में ही अकील दर्जी नाम के एक झोलाछाप को बरेली (बहेड़ी) में पकड़ा। फिर दिल्ली पुलिस ने उसकी निशानदेही पर शहर की आवास विकास कॉलोनी में शुक्रवार देर रात उसके घर पर छापा मारा। यहां अकील दर्जी के मकान के पड़ोस में रहने वाली बुजुर्ग महिला के मकान से नकली नोट से भरा बोरा, प्रिंटर और नोट छापने वाले कागज बरामद किए थे। बाद में मोहल्ला गोपाल सिंह के नितिन पटेल को भी गिरफ्तार कर लिया।
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इसके बाद अब तक खामोश रही स्थानीय पुलिस भी हरकत में आ गई। कोतवाली पुलिस अब नकली नोटों के धंधेबाजों के पूरे गिरोह का पता लगाने के लिए छानबीन में जुट गई है। कहीं इनके परिवार की भी तो इस धंधे में मिलीभगत नहीं है। दिल्ली पुलिस द्वारा पकड़े गए तीनों नकली नोट धंधेबाजों के तार कहां जुड़े हैं, इन तमाम बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है। इंस्पेक्टर जहानाबाद हर्षवर्धन सिंह ने परेवा वैश्य गांव पहुंचकर आरोपियों के परिवार वालों का ब्योरा इकट्ठा किया। साथ ही इनके संपर्क में आने वालों की तलाश की। नकली नोटों के धंधेबाजों के गिरोह के बारे में खुफिया विभाग भी जानकारी जुटाने में लगा रहा।
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नकली नोटों के साथ पकड़े गए तीनों धंधेबाजों के परिवार वालों और करीबियों की छानबीन कराई जा रही है। पूरे नेटवर्क का पता लगाने को टीमें लगाई गई हैं। - डॉ. पवित्र मोहन त्रिपाठी, एएसपी
घर में ही छापता था नकली नोट
नई दिल्ली। गिरोह के बदमाश वर्ष 2012 से नकली नोट छापने और उसकी तस्करी में लिप्त हैं। आरोपी अकील अहमद ने अपने सहयोगी झोलाछाप अकील अहमद के साथ नकली नोट की तस्करी का काम शुरू किया। वर्ष 2019 में अकील अहमद ने अपने बचपन के दोस्त अजीम खान को गैंग में शामिल कर लिया। लेकिन बाद में झोलाछाप अकील अहमद ने मुख्य आरोपी नितिन की मदद से अपने घर में नोट छापने का उपकरण लगाकर नकली नोट तैयार करने लगा। इसके बाद यूपी से दिल्ली व एनसीआर में नकली नोट बेचने लगा।

दसवीं पास है आरोपी झोलाछाप
जांच में पता चला कि नकली नोट की तस्करी में पकड़ा गया झोलाछाप अकील 10वीं पास है। वर्ष 2010 में वह अपने गांव के एक क्लीनिक में कंपाउंडर था। 2015 में डॉक्टर के मृत्यु के बाद अकील क्लीनिक को चलाता रहा और कुछ साल में उस इलाके का जाना माना डॉक्टर कहलाने लगा। मौज मस्ती वाली जिंदगी जीने के लिए उसने नितिन पटेल के साथ मिलकर नकली नोट बनाने का धंधा शुरू किया। नितिन नकली नोट के मामले में जेल में बंद हुआ था और जमानत पर बाहर आया था। नितिन ने बीएससी की पढ़ाई अधूरी छोड़कर पिता के साथ पीलीभीत के मंडी में काम करने लगा। वर्ष 2019 में पीलीभीत की कोतवाली पुलिस ने नितिन, उसकी पत्नी और दो अन्य लोगों के साथ नकली नोट की तस्करी में गिरफ्तार किया था।
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