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मिल प्रशासन ने 28 वर्षों से बंद पड़ा निकास द्वार खुलवाया

Sat, 04 Dec 2021 12:45 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 04 Dec 2021 12:45 AM IST
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exit gate opened after 28 years
बीसलपुर चीनी मिल का खोला गया निकास द्वार। संवाद - फोटो : PILIBHIT
बीसलपुर। अधिकारियों ने सड़क किनारे खड़े गन्ना लदे वाहनों को मिल परिसर में खड़ा करवाने के लिए 28 वर्षों से बंद पड़े मिल के निकास द्वार को शुक्रवार को खुलवा दिया है।
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किसान सहकारी चीनी मिल के निकास द्वार को वर्ष 1992 में मिल के तत्कालीन अधिकारियों ने आतंकवादियों के डर से बंद करवा दिया था। तत्कालीन अधिकारियों को यह डर था कि आतंकवादी निकास द्वार से मिल की कॉलोनी में प्रवेश कर किसी अधिकारी का अपहरण न कर लें। दरअसल उस समय आतंकवादियों द्वारा अपहरण कर फिरौती वसूलने का धंधा काफी बड़े पैमाने पर चल रहा था। उसके कुछ वर्षों बाद आतंकवाद तो खत्म हो गया, लेकिन मिल अधिकारी निकास द्वार खुलवाना भूल गए। इधर, पिछले लगभग एक सप्ताह से गन्ने की काफी ज्यादा आवक हो जाने के कारण गन्ना लदे वाहन मिल के पास से गुजरने वाले शाहजहांपुर रोड और बिलसंडा रोड पर काफी दूर तक खड़े हैं। इस वजह से दोनों रोडों का आवागमन काफी हद तक प्रभावित हो रहा है। मिल प्रशासन ने कोई और विकल्प न देख शुक्रवार को 28 वर्षों से बंद पड़े मिल के निकास द्वार को खुलवा दिया और शाहजहांपुर रोड पर काफी दूर तक खड़े काफी गन्ना भरे वाहनों को निकास द्वार के जरिए मिल परिसर में ख़ड़ा करवा लिया है। इससे उधर का आवागमन काफी हद तक सुचारु हो गया है। मिल के सीसीओ अवधेश कुमार ने बताया कि शाहजहांपुर रोड के किनारे खड़े गन्ना भरे वाहनों केा जाम की स्थिति खत्म करने के लिए निकास द्वार खुलवाकर मिल परिसर में खड़ा करवाया गया है।
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