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Pilibhit News: शिक्षक की हत्या के विरोध में नहीं किया मूल्यांकन कार्य
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ड्रमड राजकीय इंटर कॉलेज मूल्यांकन केंद्र परिसर में विरोध जताते परीक्षक । स्रोत - शिक्षक
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मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीआईओएस को सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। मुजफ्फरनगर की घटना से पूरे प्रदेश के शिक्षकाें में आक्रोश है। मंगलवार को जिले के शिक्षकों ने भी घटना के विरोध में मूल्यांकन का बहिष्कार किया। ड्रमंड कॉलेज परिसर में नारेबाजी और प्रदर्शन किया। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीआईओएस को सौंपा।
17 मार्च को राजकीय हाईस्कूल महगांव वाराणसी के शिक्षक धर्मेंद्र कुमार की मुख्य आरक्षी ने मुजफ्फरनगर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। शिक्षक की हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना से नाराज माध्यमिक शिक्षक मूल्यांकन केंद्र ड्रमंड कॉलेज और जीजीआईसी पहुंचे। सभी ने एक राय होकर मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया।
धरना-प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश कुमार चौधरी को दिया। ज्ञापन में आरोपी सिपाही को बर्खास्त कर कठोर कार्रवाई की मांग की। शिक्षक के परिवार को तत्काल 10 करोड़ की अनुग्रह धनराशि देने की मांग भी की गई। बोले-मृतक के बच्चों के पालन- पोषण, शिक्षा और चिकित्सा की व्यवस्था भी की जाए।
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परिवार को आवास, पारिवारिक पेंशन और मृतक आश्रित कोटा से द्वितीय श्रेणी की सरकारी सेवा में नौकरी देने की मांग भी की गई। विरोध-प्रदर्शन और ज्ञापन देने वालों में डॉ. वीरसिंह आजाद, महेंद्र पाल गंगवार, प्रभात कुमार, लक्ष्मीकांत शर्मा, सतीश चंद्र, चंद्रपाल गंगवार, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, डॉ. तोहत्तरपाल, लोकेश कुमार, डॉ. योगेश कुमार के अलावा राजकीय माध्यमिक शिक्षक संघ, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, अल्पसंख्यक शिक्षक महासभा, चंदेल गुट, शर्मा गुट समेत सभी संगठनों के पदाधिकारी शामिल रहे।
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एक भी उत्तर पुस्तिका का नहीं हो सका मूल्यांकन
शिक्षकों के कार्य बहिष्कार और विरोध प्रदर्शन का असर यूपी बोर्ड मूल्यांकन पर पड़ा। चौथे दिन एक भी उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन नहीं हो सका। डीआईओएस ने भी इस बात की पुष्टि की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। मुजफ्फरनगर की घटना से पूरे प्रदेश के शिक्षकाें में आक्रोश है। मंगलवार को जिले के शिक्षकों ने भी घटना के विरोध में मूल्यांकन का बहिष्कार किया। ड्रमंड कॉलेज परिसर में नारेबाजी और प्रदर्शन किया। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीआईओएस को सौंपा।
17 मार्च को राजकीय हाईस्कूल महगांव वाराणसी के शिक्षक धर्मेंद्र कुमार की मुख्य आरक्षी ने मुजफ्फरनगर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। शिक्षक की हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना से नाराज माध्यमिक शिक्षक मूल्यांकन केंद्र ड्रमंड कॉलेज और जीजीआईसी पहुंचे। सभी ने एक राय होकर मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया।
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धरना-प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश कुमार चौधरी को दिया। ज्ञापन में आरोपी सिपाही को बर्खास्त कर कठोर कार्रवाई की मांग की। शिक्षक के परिवार को तत्काल 10 करोड़ की अनुग्रह धनराशि देने की मांग भी की गई। बोले-मृतक के बच्चों के पालन- पोषण, शिक्षा और चिकित्सा की व्यवस्था भी की जाए।
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परिवार को आवास, पारिवारिक पेंशन और मृतक आश्रित कोटा से द्वितीय श्रेणी की सरकारी सेवा में नौकरी देने की मांग भी की गई। विरोध-प्रदर्शन और ज्ञापन देने वालों में डॉ. वीरसिंह आजाद, महेंद्र पाल गंगवार, प्रभात कुमार, लक्ष्मीकांत शर्मा, सतीश चंद्र, चंद्रपाल गंगवार, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, डॉ. तोहत्तरपाल, लोकेश कुमार, डॉ. योगेश कुमार के अलावा राजकीय माध्यमिक शिक्षक संघ, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, अल्पसंख्यक शिक्षक महासभा, चंदेल गुट, शर्मा गुट समेत सभी संगठनों के पदाधिकारी शामिल रहे।
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एक भी उत्तर पुस्तिका का नहीं हो सका मूल्यांकन
शिक्षकों के कार्य बहिष्कार और विरोध प्रदर्शन का असर यूपी बोर्ड मूल्यांकन पर पड़ा। चौथे दिन एक भी उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन नहीं हो सका। डीआईओएस ने भी इस बात की पुष्टि की।

ड्रमड राजकीय इंटर कॉलेज मूल्यांकन केंद्र परिसर में विरोध जताते परीक्षक । स्रोत - शिक्षक