{"_id":"61ae584b7f02ba2a8e76ce1a","slug":"enhanced-health-services-pilibhit-news-bly468420088","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओमिक्रॉन की आहट के बाद गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाईं, 79 नए सब सेंटर बने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओमिक्रॉन की आहट के बाद गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाईं, 79 नए सब सेंटर बने
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। ओमिक्रॉन की आहट के बाद गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाईं, 79 नए सब सेंटर किराये के मकान लेकर बनाए गए हैं।
कोरोना की दूसरी लहर में गांवों में सैकड़ों लोगों ने अपनी जान गवाई थी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग कोरोना शुरू होने से अब तक भले ही 193 मौतें दिखा रहा हो लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। दूसरी लहर में शहर व कस्बों से ज्यादा मौतें ग्रामीण क्षेत्रों में हुईं जो सरकारी कागजों पर दर्ज नहीं हुई। अब ओमिक्रॉन ने तीसरी लहर की आहट बढ़ा दी है। गांवों में फिर ऐसी तबाही न हो इसलिए स्वास्थ्य विभाग गांवों स्वास्थ्य सेवाएं विकसित करने के प्रयास में जुट गया है। यही वजह है टीकाकरण के 79 सब सेंटर नए बढ़ाए गए हैं।
किराये के मकानों में बनाए गए सब सेंटर
टीकाकरण के लिए जिले में कुल 199 सब सेंटर चल रहे हैं, लेकिन अब भी तमाम ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां सेंटर न होने के कारण टीकाकरण नहीं हो पा रहा है। वहीं टीकाकरण को लेकर ग्रामीण लोगों में भय भी है। रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर में ग्रामीण क्षेत्रों में किराये के मकानों में सब सेंटर शुरू करने की पहल की शुरुआत की। अब यह क्रय केंद्र शुरू हो गए हैं।
जागरूक करने के साथ मन का भय करेंगे दूर
जागरूकता में कमी और मन का भय गांवों में कोरोना महामारी फैलने का प्रमुख कारण बना था। दूसरा कारण ग्रामीण क्षेत्रों में चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था भी था। अब तीसरी लहर आने पर ऐसा न हो इसलिए विभाग इन सब सेंटरों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने और टीकाकरण के लिए प्रेरित करेगा।
विज्ञापन
हड़ताल से बाधित टीकाकरण कहीं बड़ी मुसीबत न खड़ी कर दे
ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले भारत में आने शुरू हो चुके हैं। वैज्ञानिकों का दावा भी है कि तीसरी लहर का कारण यही वैरिएंट बनेगा। प्रदेश भर में चल रही संविदा कर्मियों की हड़ताल से वैक्सीनेशन में बाध डाल रहा जो बड़ी मुसीबत भी ला सकता है। तीन दिसंबर से हड़ताल चल रही है जिस कारण टीकाकरण का ग्राफ नीचे आया है। पिछले सप्ताह तक जो आंकड़ा प्रतिदिन का 30 हजार तक पहुंच रहा था वो 16 हजार तक आ गया है। कई सेंटरों पर तीन दिन से टीकाकरण पूरी रह से ठप है।
विज्ञापन
कोरोना की दूसरी लहर में गांवों में सैकड़ों लोगों ने अपनी जान गवाई थी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग कोरोना शुरू होने से अब तक भले ही 193 मौतें दिखा रहा हो लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। दूसरी लहर में शहर व कस्बों से ज्यादा मौतें ग्रामीण क्षेत्रों में हुईं जो सरकारी कागजों पर दर्ज नहीं हुई। अब ओमिक्रॉन ने तीसरी लहर की आहट बढ़ा दी है। गांवों में फिर ऐसी तबाही न हो इसलिए स्वास्थ्य विभाग गांवों स्वास्थ्य सेवाएं विकसित करने के प्रयास में जुट गया है। यही वजह है टीकाकरण के 79 सब सेंटर नए बढ़ाए गए हैं।
किराये के मकानों में बनाए गए सब सेंटर
टीकाकरण के लिए जिले में कुल 199 सब सेंटर चल रहे हैं, लेकिन अब भी तमाम ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां सेंटर न होने के कारण टीकाकरण नहीं हो पा रहा है। वहीं टीकाकरण को लेकर ग्रामीण लोगों में भय भी है। रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर में ग्रामीण क्षेत्रों में किराये के मकानों में सब सेंटर शुरू करने की पहल की शुरुआत की। अब यह क्रय केंद्र शुरू हो गए हैं।
विज्ञापन
जागरूक करने के साथ मन का भय करेंगे दूर
जागरूकता में कमी और मन का भय गांवों में कोरोना महामारी फैलने का प्रमुख कारण बना था। दूसरा कारण ग्रामीण क्षेत्रों में चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था भी था। अब तीसरी लहर आने पर ऐसा न हो इसलिए विभाग इन सब सेंटरों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने और टीकाकरण के लिए प्रेरित करेगा।
विज्ञापन
हड़ताल से बाधित टीकाकरण कहीं बड़ी मुसीबत न खड़ी कर दे
ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले भारत में आने शुरू हो चुके हैं। वैज्ञानिकों का दावा भी है कि तीसरी लहर का कारण यही वैरिएंट बनेगा। प्रदेश भर में चल रही संविदा कर्मियों की हड़ताल से वैक्सीनेशन में बाध डाल रहा जो बड़ी मुसीबत भी ला सकता है। तीन दिसंबर से हड़ताल चल रही है जिस कारण टीकाकरण का ग्राफ नीचे आया है। पिछले सप्ताह तक जो आंकड़ा प्रतिदिन का 30 हजार तक पहुंच रहा था वो 16 हजार तक आ गया है। कई सेंटरों पर तीन दिन से टीकाकरण पूरी रह से ठप है।