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जमीन पर कब्जे को लेकर एसडीएम और अधिवक्ता के बीच नोकझोंक

Fri, 28 Feb 2020 12:39 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 28 Feb 2020 12:39 AM IST
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Encroachment
पूरनपुर। गांव बिलहरी की एक जमीन पर कब्जे को लेकर एसडीएम और अधिवक्ता में नोकझोंक हो गई। अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बगैर इजराय आदेश (जो किसी आदेश के अनुपालन में किया जाता है) के कब्जा परिवर्तन कराने का आरोप लगाते हुए जांच करवाकर कार्रवाई की मांग की।
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एसडीएम हरीओम शर्मा ने बताया कि गांव बिलहरी की एक महिला ने थाना दिवस में कोर्ट से बंटवारा होने के बाद कब्जा परिवर्तन न कराने का आरोप लगाया। कोर्ट ने कब्जा परिवर्तन का आदेश दो साल पहले किया था। महिला की शिकायत को गंभीरता से लेकर कार्रवाई शुरू की गई। उनका आरोप है कि इसको लेकर बृहस्पतिवार को कार्यालय पहुंचे एक वकील ने कब्जा परिवर्तन न होने देने के लिए कोशिश शुरू की। अधिवक्ता को कोर्ट के आदेश की जानकारी दी गई तो उनका कहना था कि उन्होंने कोर्ट में अपील कर रखी है। अधिवक्ता एसडीएम को स्टे होने या न होने की जानकारी नहीं दे सके। इजराय का प्रार्थना पत्र देने की जानकारी देने के साथ ही वह कब्जा परिवर्तन कराने पर उसे पलटवा देने और धरना प्रदर्शन की धमकी देने लगे।
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एसडीएम के अनुसार अधिवक्ता उन पर कब्जा परिवर्तन न कराने का दबाव बना रहे थे। अधिवक्ता उमाशंकर सक्सेना का कहना है कि एसडीएम बगैर इजराय आदेश के कब्जा करा रहे है। इसका विरोध किया गया है। अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर एसडीएम पर तमाम आरोप लगाते हुए बगैर इजराय आदेश के कब्जा परिवर्तन की जांच करवाकर कार्रवाई कराने की मांग की। एसडीएम हरीओम शर्मा ने अधिवक्ता के आरोपों को निराधार बताया।
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