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उत्पात मचा रहे नेपाली हाथियों को खदेड़ने के लिए शुक्ला फांटा से आए दो हाथी
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माधोटांडा। शारदा नदी के पार ढकिया ताल्लुके महाराजपुर और थारू पट्टी में एक सप्ताह से नेपाली हाथी फसल को उजाड़ रहे हैं। हाथियों को खदेड़ने के लिए अब नेपाल की शुक्ला फांटा सेंचुरी से दो हाथी मंगवाए गए हैं। उनकी मदद से गश्त कर उत्पाती हाथियों को खदेड़ना का प्रयास किया जाएगा।
नेपाली हाथी तड़के ही शारदा नदी के किनारे चले जाते हैं। दिनभर शारदा के किनारे ठंडी जगह में रहते हैं और फिर रात को आकर फसलों को उजाड़ने लगते हैं। इससे थारू बस्ती के लोग परेशान हैं। टाइगर रिजर्व के वन कर्मियों ने पड़ोसी देश नेपाल की सीमावर्ती शुक्ला फांटा सेंचुरी के वनकर्मियों से इसको लेकर संपर्क साधा। जिसके बाद हाथियों को खदेड़ने के लिए दो हाथी मंगाए गए हैं। इन हाथियों पर सवार होकर वनकर्मी नेपाली हाथियों को वापस खदेड़ने का प्रयास करेंगे। यह दोनों हाथी शुक्ला फांटा क्षेत्र से मंगवाए गए हैं, जोकि यहां पहुंच भी गए हैं। रेंजर बराही वजीर हसन ने बताया कि प्रतिदिन शाम को क्षेत्र में गश्त कराई जाएगी। हाथियों को नेपाल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया जाएगा। शारदा पार किसानों को इस कदम के बाद जल्द ही राहत की आस है।
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नेपाली हाथी तड़के ही शारदा नदी के किनारे चले जाते हैं। दिनभर शारदा के किनारे ठंडी जगह में रहते हैं और फिर रात को आकर फसलों को उजाड़ने लगते हैं। इससे थारू बस्ती के लोग परेशान हैं। टाइगर रिजर्व के वन कर्मियों ने पड़ोसी देश नेपाल की सीमावर्ती शुक्ला फांटा सेंचुरी के वनकर्मियों से इसको लेकर संपर्क साधा। जिसके बाद हाथियों को खदेड़ने के लिए दो हाथी मंगाए गए हैं। इन हाथियों पर सवार होकर वनकर्मी नेपाली हाथियों को वापस खदेड़ने का प्रयास करेंगे। यह दोनों हाथी शुक्ला फांटा क्षेत्र से मंगवाए गए हैं, जोकि यहां पहुंच भी गए हैं। रेंजर बराही वजीर हसन ने बताया कि प्रतिदिन शाम को क्षेत्र में गश्त कराई जाएगी। हाथियों को नेपाल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया जाएगा। शारदा पार किसानों को इस कदम के बाद जल्द ही राहत की आस है।
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