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अब गुन्हान और रमनगरा क्षेत्र में नेपाली हाथियों का टूटा कहर, फसलें उजाड़ी
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माधोटांडा। शारदा नदी के पार नेपाली हाथियों का आतंक बढ़ता जा रहा है। लग्गाभग्गा और गोरखडिब्बी में कहर बरपाने के बाद अब इन हाथियों के झुंड ने रमनगरा और गुन्हान क्षेत्र में उत्पात मचाना शुरू कर दिया है। हाथियों का झुंड धान की फसलों को तबाह कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे ही हालात रहे तो हाथी किसी की जान ले लेंगे। किसी भी दिन कोई अप्रिय घटना घट सकती है।
नेपाल की शुक्ला फांटा सेंचुरी से पखवाड़ा भर पहले तीन हाथी टाइगर रिजर्व के सटे इलाके में आ गए थे। शुरूआती दिनों में इन हाथियों ने लग्गा भग्गा से निकलकर गोरखडिब्ब्बी में कहर बरपाया था। उसमें हाथियों ने कई किसानों की झोपड़ियों को तहस नहस कर डाला था और धान की फसल भी नष्ट कर दी थी। वन विभाग का अंकुश न लगने से हाथियों के उत्पात का दायरा बढ़ता जा रहा है। शारदा नदी के पार उत्पात मचा रहे इन हाथियों के झुंड ने अब रमनगरा और गुन्हान इलाके में कृषि फसलों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। मंगलवार रात हाथियों ने गुन्हान और रमनगरा क्षेत्र में धान की फसलों को रौंद डाला। शोर-शराबा करके किसानों ने इन हाथियों को खेतों से भगाया। वन विभाग द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने से किसानों का आक्रोश बढ़ रहा है। मानव और हाथियों के बीच संघर्ष की आशंका गहराने लगी है। तीन साल पहले गुन्हान क्षेत्र में ही एक हाथी की मौत हो गई थी। उस समय हाथी के सूंड़ से खून भी निकला था। हालांकि वन विभाग ने हाथी की मौत की वजह दलदल में फंसने के कारण बताई थी।
नेपाल की ओर से जंगली हाथी आ रहे हैं। क्षेत्रीय वन कर्मियों से ग्रामीणों की मदद से हाथियों को भगाने के लिए लगाया गया है। जल्द ही हाथियों को जंगल से भगा दिया जाएगा। - डीके गोयल, वन क्षेत्राधिकारी, बराही रेंज
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नेपाल की शुक्ला फांटा सेंचुरी से पखवाड़ा भर पहले तीन हाथी टाइगर रिजर्व के सटे इलाके में आ गए थे। शुरूआती दिनों में इन हाथियों ने लग्गा भग्गा से निकलकर गोरखडिब्ब्बी में कहर बरपाया था। उसमें हाथियों ने कई किसानों की झोपड़ियों को तहस नहस कर डाला था और धान की फसल भी नष्ट कर दी थी। वन विभाग का अंकुश न लगने से हाथियों के उत्पात का दायरा बढ़ता जा रहा है। शारदा नदी के पार उत्पात मचा रहे इन हाथियों के झुंड ने अब रमनगरा और गुन्हान इलाके में कृषि फसलों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। मंगलवार रात हाथियों ने गुन्हान और रमनगरा क्षेत्र में धान की फसलों को रौंद डाला। शोर-शराबा करके किसानों ने इन हाथियों को खेतों से भगाया। वन विभाग द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने से किसानों का आक्रोश बढ़ रहा है। मानव और हाथियों के बीच संघर्ष की आशंका गहराने लगी है। तीन साल पहले गुन्हान क्षेत्र में ही एक हाथी की मौत हो गई थी। उस समय हाथी के सूंड़ से खून भी निकला था। हालांकि वन विभाग ने हाथी की मौत की वजह दलदल में फंसने के कारण बताई थी।
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नेपाल की ओर से जंगली हाथी आ रहे हैं। क्षेत्रीय वन कर्मियों से ग्रामीणों की मदद से हाथियों को भगाने के लिए लगाया गया है। जल्द ही हाथियों को जंगल से भगा दिया जाएगा। - डीके गोयल, वन क्षेत्राधिकारी, बराही रेंज
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