{"_id":"61648a7c8ebc3ed0707df47e","slug":"education-pilibhit-news-bly462601088","type":"story","status":"publish","title_hn":"नीम की छाल से बगैर खर्च के घर बैठे ठीक हो सकते हैं आपके मुंहासे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नीम की छाल से बगैर खर्च के घर बैठे ठीक हो सकते हैं आपके मुंहासे
विज्ञापन
डॉ. स्वाति गुप्ता।
- फोटो : PILIBHIT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। अगर स्वस्थ आहार लें और नीम की छाल को घिसकर कील मुंहासों पर लगाएं तो आपके मुंहासे ठीक हो सकते हैं। चेहरे पर भी निखार भी आ जाएगा। ललित हरि राजकीय स्नातकोत्तर आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की छात्रा स्वाति गुप्ता के शोध में यह बात निष्कर्ष के तौर पर सामने आई है। उन्होंने कील मुंहासों को ठीक करने में नीम की छाल के इस्तेमाल पर रिसर्च की। इसे लेकर चिकित्सीय परीक्षण चल रहे हैं। चिकित्सीय परीक्षण के नतीजे उत्साहित करने वाले हैं।
मुंहासे दूर करने में नीम का चिकित्सकीय परीक्षण विषय पर हुई रिसर्ज के गाइड प्रोफेसर डॉ. राकेश कुमार तिवारी का कहना है कि नीम सर्व सुलभ है। निशुल्क है। कील मुंहासे किशोरावस्था की बड़ी समस्या है। इनसे राहत पाने के लिए क्रीम से लेकर सौंदर्य प्रसाधन कंपनियों के तमाम उत्पाद बाजार में उपलब्ध हैं। विज्ञापन से भरे बाजार में किशोर इनका इस्तेमाल कर रहे हैं और साइड इफेक्ट भी झेल हैं लेकिन नीम की छाल का कोई साइड इफेक्ट नहीं है। अगर छाल को घिस कर रोजाना सुबह शाम दो-तीन बार लगाएं तो मुंहासे मुरझा जाएंगे और अगर इस दौरान भोजन सुपाच्य लेते रहे तथा भरपूर पानी पीया तो चेहरे पर ऐसा निखार आएगा कि देखने वाले देखते रह जाएंगे।
युवाओं में बढ़ती समस्याओं को लेकर विषय को चुना
डॉ. स्वाति गुप्ता ने बताया कि कील-मुंहासों से 70 प्रतिशत युवा पीड़ित होते हैं। बाजार के तमाम ऐसे उत्पाद युवा प्रयोग करते हैं, जिनके साइड इफेक्ट होते हैं। उन्हें देखकर मैंने सोचा कि कुछ ऐसा करूं जिससे युवाओं को इस समस्या से छुटकारा मिल सके। स्वाति ने बताया कि वह आयुर्वेद में डॉक्टर ऑफ मेडिसन की डिग्री कर रही हैं। यह डिग्री तीन वर्ष की है। दो वर्ष पूरे हो गए हैं। शोध कार्य तीन महीने में पूरा हो जाएगा।
विज्ञापन
क्यों होते हैं मुहासे
किशोरावस्था में हार्मोनल बदलाव होते हैं। शरीर में एंड्रोजन नामक हार्मोन बनना शुरू होता है। लड़कों में किशोरावस्था में ही टेस्टोस्टेरोन तेजी से बनते हैं। इस दौरान ही हार्मोनल बदलाव से मुंहासे अधिक होते हैं। लड़कियों में एस्ट्रोजन के बैलेंस के लिए एंड्रोजन का निर्माण तेजी से होता है। इसकी अधिकता से मुंहासे होते हैं। यह भी ध्यान रखिए
- मुंहासों को हाथ से न फोड़ें। इससे संक्रमण फैल जाता है। मुंहासे कम होने के बजाय बढ़ जाते हैं।
- चेहरे पर मेडिकेटेड एंटी एक्ने प्रोडक्ट का इस्तेमाल न करें। इससे त्वचा रूखी हो सकती है।
- चेहरे को दिन में कई बार धोएं और तौलिये से सुखाएं। इससे त्वचा पर संक्रमण जल्दी नहीं होगा।
- अत्यधिक तेल मसालों वाले भोजन से परहेज करें
- शराब, तले पदार्थ, चीनी, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोसेस्ड फूड आदि से परहेज करें।
- ज्यादा पानी पीना और हरी सब्जियां खाना अच्छा है।
अपने घर के आसपास लगे नीम के पुराने पेड़ से इतनी छाल लें जिससे 50 ग्राम तक पाउडर तैयार हो सके। सबसे पहले पेड़ से छाल लें। धोएं और उसके बाद दो दिन सुखाएं। इसका पाउडर तैयार कर लें। जरूरत के हिसाब से पाउडर में पानी मिलाकर गाढ़ा बनाएं कि उसे लेप की तरह मुहासे पर लगाया जा सके।
- डॉ. स्वाति गुप्ता
ऐसे किशोर और युवा लोगों पर क्लीनिकल ट्रायल कराया गया है जिनके चेहरे पर मुहासे थे। नीम की छाल लगाने से मुंहासे ठीक हुए हैं। अच्छे परिणाम आए हैं। अब स्वाति की रिसर्च के कंटेंट में आगे भी रिसर्च होंगे और कुछ क्लीनिकल ट्रायल किए जाएंगे। अब तक कि रिसर्च में यह बात स्पष्ट हो चुकी है कि नीम की छाल का लेप लगाने से मुंहासे ठीक हो जाते हैं।
- डॉ. राकेश कुमार तिवारी, प्रोफेसर, राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज
शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन करें तो भी मिलेगी राहत
पंचकर्म और खानपान में बदलाव करके अगर शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन करते रहेंगे तो मुंहासों से राहत तो मिलेगी ही दूसरी बीमारियों से भी बचे रहेंगे। डिटॉक्सिफिकेशन के दौरान शरीर से विषैले पदार्थ निकल जाते हैं। शरीर को पोषक तत्व मिलते हैं। किडनी, त्वचा, फेफड़े, आंत आदि स्वस्थ रहते हैं। मानसिक तनाव और दूसरे विकार दूर जाते हैं। शरीर में ऊर्जा का संचार होता है।
- डॉ. हरीशंकर मिश्र, प्रोफेसर, राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज
विज्ञापन
मुंहासे दूर करने में नीम का चिकित्सकीय परीक्षण विषय पर हुई रिसर्ज के गाइड प्रोफेसर डॉ. राकेश कुमार तिवारी का कहना है कि नीम सर्व सुलभ है। निशुल्क है। कील मुंहासे किशोरावस्था की बड़ी समस्या है। इनसे राहत पाने के लिए क्रीम से लेकर सौंदर्य प्रसाधन कंपनियों के तमाम उत्पाद बाजार में उपलब्ध हैं। विज्ञापन से भरे बाजार में किशोर इनका इस्तेमाल कर रहे हैं और साइड इफेक्ट भी झेल हैं लेकिन नीम की छाल का कोई साइड इफेक्ट नहीं है। अगर छाल को घिस कर रोजाना सुबह शाम दो-तीन बार लगाएं तो मुंहासे मुरझा जाएंगे और अगर इस दौरान भोजन सुपाच्य लेते रहे तथा भरपूर पानी पीया तो चेहरे पर ऐसा निखार आएगा कि देखने वाले देखते रह जाएंगे।
विज्ञापन
युवाओं में बढ़ती समस्याओं को लेकर विषय को चुना
डॉ. स्वाति गुप्ता ने बताया कि कील-मुंहासों से 70 प्रतिशत युवा पीड़ित होते हैं। बाजार के तमाम ऐसे उत्पाद युवा प्रयोग करते हैं, जिनके साइड इफेक्ट होते हैं। उन्हें देखकर मैंने सोचा कि कुछ ऐसा करूं जिससे युवाओं को इस समस्या से छुटकारा मिल सके। स्वाति ने बताया कि वह आयुर्वेद में डॉक्टर ऑफ मेडिसन की डिग्री कर रही हैं। यह डिग्री तीन वर्ष की है। दो वर्ष पूरे हो गए हैं। शोध कार्य तीन महीने में पूरा हो जाएगा।
विज्ञापन
क्यों होते हैं मुहासे
किशोरावस्था में हार्मोनल बदलाव होते हैं। शरीर में एंड्रोजन नामक हार्मोन बनना शुरू होता है। लड़कों में किशोरावस्था में ही टेस्टोस्टेरोन तेजी से बनते हैं। इस दौरान ही हार्मोनल बदलाव से मुंहासे अधिक होते हैं। लड़कियों में एस्ट्रोजन के बैलेंस के लिए एंड्रोजन का निर्माण तेजी से होता है। इसकी अधिकता से मुंहासे होते हैं। यह भी ध्यान रखिए
- मुंहासों को हाथ से न फोड़ें। इससे संक्रमण फैल जाता है। मुंहासे कम होने के बजाय बढ़ जाते हैं।
- चेहरे पर मेडिकेटेड एंटी एक्ने प्रोडक्ट का इस्तेमाल न करें। इससे त्वचा रूखी हो सकती है।
- चेहरे को दिन में कई बार धोएं और तौलिये से सुखाएं। इससे त्वचा पर संक्रमण जल्दी नहीं होगा।
- अत्यधिक तेल मसालों वाले भोजन से परहेज करें
- शराब, तले पदार्थ, चीनी, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोसेस्ड फूड आदि से परहेज करें।
- ज्यादा पानी पीना और हरी सब्जियां खाना अच्छा है।
अपने घर के आसपास लगे नीम के पुराने पेड़ से इतनी छाल लें जिससे 50 ग्राम तक पाउडर तैयार हो सके। सबसे पहले पेड़ से छाल लें। धोएं और उसके बाद दो दिन सुखाएं। इसका पाउडर तैयार कर लें। जरूरत के हिसाब से पाउडर में पानी मिलाकर गाढ़ा बनाएं कि उसे लेप की तरह मुहासे पर लगाया जा सके।
- डॉ. स्वाति गुप्ता
ऐसे किशोर और युवा लोगों पर क्लीनिकल ट्रायल कराया गया है जिनके चेहरे पर मुहासे थे। नीम की छाल लगाने से मुंहासे ठीक हुए हैं। अच्छे परिणाम आए हैं। अब स्वाति की रिसर्च के कंटेंट में आगे भी रिसर्च होंगे और कुछ क्लीनिकल ट्रायल किए जाएंगे। अब तक कि रिसर्च में यह बात स्पष्ट हो चुकी है कि नीम की छाल का लेप लगाने से मुंहासे ठीक हो जाते हैं।
- डॉ. राकेश कुमार तिवारी, प्रोफेसर, राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज
शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन करें तो भी मिलेगी राहत
पंचकर्म और खानपान में बदलाव करके अगर शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन करते रहेंगे तो मुंहासों से राहत तो मिलेगी ही दूसरी बीमारियों से भी बचे रहेंगे। डिटॉक्सिफिकेशन के दौरान शरीर से विषैले पदार्थ निकल जाते हैं। शरीर को पोषक तत्व मिलते हैं। किडनी, त्वचा, फेफड़े, आंत आदि स्वस्थ रहते हैं। मानसिक तनाव और दूसरे विकार दूर जाते हैं। शरीर में ऊर्जा का संचार होता है।
- डॉ. हरीशंकर मिश्र, प्रोफेसर, राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज