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छात्र-छात्राओं को किया गया मानसिक बीमारियों के प्रति जागरूक
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ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज में मानसिक बीमारियों के बारे में आयोजित शिविर में मौजूद विद्यार्थी। सं
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। राजकीय ड्रमंड इंटर कॉलेज में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत दो दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। जिला अस्पताल के मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की साइकोथेरेपिस्ट पल्लवी सक्सेना ने बच्चों को मानसिक रोगों से बचाव के विषय में जागरूक किया।
पल्लवी ने बताया गया कि विद्यार्थियों का जीवन उतार-चढ़ाव से भरा होता है। इसमें कई बार तनाव हो जाता है। कैसे बचाव करना है। छात्र छात्राओं से कहा गया कि वे अपनी दिक्कतों को परिवार के साथ शेयर करें। इससे तनाव नहीं होने पाएगा। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के बारे में बताया गया कि जिला अस्पताल के कमरा नंबर 87 में प्रत्येक सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को ओपीडी का संचालन होता है। मानसिक रूप से परेशान होने पर निशुल्क सलाह और उपचार ले सकते हैं। शिविर में किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के इंतजार अली खान द्वारा बच्चों को स्वस्थ रहने की सलाह दी गई। पौष्टिक भोजन के बारे में बताया गया। फास्ट फूड से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 10 अक्टूबर को मनाया जाएगा।
मानसिक रोग के प्रमुख लक्षण-
रात को नींद न आना।
बहुत ज्यादा बोलना या बिल्कुल न बोलना।
अपनी कही हुई बातों को बार-बार दोहराना या भूल जाना।
दरवाजा बार-बार बंद करना और खोलना या कुंजी बार-बार चेक करना।
बिना किसी कारण के बहुत गुस्सा करना या रोना, चिड़चिड़ा हो जाना आदि।
अगर किसी छात्र-छात्रा को किसी वजह से कोई परेशानी हो रही है और मानसिक तनाव है तो सबसे पहले अपने अभिभावकों को बताएं। यदि फिर भी समाधान न निकल सके तो जिला अस्पताल की ओपीडी में दिखा सकते हैं।
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- पल्लवी सक्सेना, साइकोथेरेपिस्ट
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पल्लवी ने बताया गया कि विद्यार्थियों का जीवन उतार-चढ़ाव से भरा होता है। इसमें कई बार तनाव हो जाता है। कैसे बचाव करना है। छात्र छात्राओं से कहा गया कि वे अपनी दिक्कतों को परिवार के साथ शेयर करें। इससे तनाव नहीं होने पाएगा। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के बारे में बताया गया कि जिला अस्पताल के कमरा नंबर 87 में प्रत्येक सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को ओपीडी का संचालन होता है। मानसिक रूप से परेशान होने पर निशुल्क सलाह और उपचार ले सकते हैं। शिविर में किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के इंतजार अली खान द्वारा बच्चों को स्वस्थ रहने की सलाह दी गई। पौष्टिक भोजन के बारे में बताया गया। फास्ट फूड से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 10 अक्टूबर को मनाया जाएगा।
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मानसिक रोग के प्रमुख लक्षण-
रात को नींद न आना।
बहुत ज्यादा बोलना या बिल्कुल न बोलना।
अपनी कही हुई बातों को बार-बार दोहराना या भूल जाना।
दरवाजा बार-बार बंद करना और खोलना या कुंजी बार-बार चेक करना।
बिना किसी कारण के बहुत गुस्सा करना या रोना, चिड़चिड़ा हो जाना आदि।
अगर किसी छात्र-छात्रा को किसी वजह से कोई परेशानी हो रही है और मानसिक तनाव है तो सबसे पहले अपने अभिभावकों को बताएं। यदि फिर भी समाधान न निकल सके तो जिला अस्पताल की ओपीडी में दिखा सकते हैं।
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- पल्लवी सक्सेना, साइकोथेरेपिस्ट