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स्कूल खुले, पर पहले दिन बच्चों की संख्या रही कम

Wed, 01 Sep 2021 11:57 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 01 Sep 2021 11:57 PM IST
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education
पीलीभीत। कोरोना के चलते 17 माह से बंद रही एक से पांचवीं तक की कक्षाएं बुधवार से एक बार फिर से गुलजार हो गईं। सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में बच्चों का शिक्षकों की ओर से तिलक और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। सामाजिक दूरी के साथ क्लास में बच्चों को बैठाया गया। शिक्षक से लेकर बच्चे तक सभी मास्क में दिखाई दिए। हालांकि पहले दिन स्कूल में बच्चों की संख्या कम रही। इसी के साथ बीएसए और डीएम ने पुस्तक वितरण भी किया।
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जिले में परिषदीय स्कूलों की संख्या 932 है। इनमें पढ़ने वाले बच्चों की संख्या एक लाख से अधिक हैं। कोरोना महामारी का प्रकोप कम होने के बाद शासन ने बुधवार यानी एक सितंबर से कक्षा एक से पांच तक के विद्यालय खुलने का आदेश दिया। जबकि कक्षा 9वीं से 12वीं तक के बच्चों के लिए स्कूल 16 अगस्त को ही खोल दिए गए थे। 24 अगस्त से कक्षा 6 से कक्षा 8 तक के स्कूल खोले जाने के निर्देश दे दिए गए थे। पहले दिन सुबह आठ बजे बच्चे अपने स्कूलों को पहुंचे। जहां सबसे पहले गेट पर ही थर्मल स्क्रीनिंग करने के साथ हाथों को सैनिटाइज कराया गया। इसके बाद शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं का तिलक लगाकर व पुष्प वर्षा कर उनका स्कूल में स्वागत किया। इतना ही नहीं क्लास में साफ-सफाई करने के साथ उनके स्वागत के लिए रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया। जिसे देखकर बच्चे प्रसन्न हुए। क्लास सुबह आठ बजे से दो बजे तक चली। इसमें भी जहां 200 से ज्यादा बच्चे थे। वहां क्लास दो शिफ्ट में चलाई गई। मिडडे-मिल बनाने वाली रसोइया का वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र देखने के बाद ही उन्हें भोजन बनाने दिया गया। जिन लोगों ने टीका नहीं लगवाया था। उन्हें स्कूल से वापस कर दिया गया। शहर से सटे गांव गनेशपुर गौटिया में बने प्राथमिक विद्यालय में बीएसए चंद्रकेश सिंह ने पुस्तक वितरण किया। साथ ही उन्होंने शिक्षकों को बच्चों की पढ़ाई को बेहतर ढंग से कराने के लिए प्रेरित किया।
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बीसलपुर। प्राथमिक विद्यालयों में बुधवार से शिक्षण कार्य शुरू हो गया है। कई विद्यालयों में बुधवार को पहले दिन कम बच्चे ही आए। सभी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य शुरू होने के साथ ही मिड डे मील बनना भी शुरू हो गया है। खंड शिक्षाधिकारी नीरज शुक्ला ने बताया कि अब प्राथमिक विद्यालयों में नियमित रूप से शिक्षण कार्य जारी रहेगा।
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प्राइवेट स्कूलों ने भी सामाजिक दूरी के साथ कराई बच्चों की पढ़ाई
सरकारी विद्यालय ही नहीं बल्कि प्राइवेट स्कूलों ने भी कोविड नियमों का पालन करते हुए स्कूल खोले। जहां आने वाले बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग के बाद उन्हें क्लास रूम में प्रवेश दिया गया। शहर के बेनहर पब्लिक स्कूल, लिटिल एंजिल्स स्कूल, स्प्रिंगडेल कॉलेज, इनीसियम स्कूल, सेंट एलॉयसिस कॉलेज, लायंस बाल विद्या मंदिर समेत जिले भर के सभी प्राइवेट स्कूलों में कक्षा एक से पांच तक के बच्चों की पढ़ाई के लिए विशेष व्यवस्था कराई गई। कहीं पर एक बेंच पर दो तो कहीं पर सिर्फ सिंगल सीट पर वाली कुर्सी पर एक बच्चे को ही बैठाया गया। सभी स्कूलों ने अभिभावकों से सहमति पत्र लेने के बाद ही उन्हें स्कूल खुलवाया। शिक्षक से लेकर अन्य स्टाफ तक मास्क ही काम करते नजर आया। प्रार्थना, इंटरवल, कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी और कैंटीन पर फिलहाल पाबंदी रही।

जिन विद्यालयों में बच्चों की संख्या ज्यादा है, वहां के प्रधानाध्यापक दो शिफ्ट में स्कूल का संचालन करने के निर्देश दिए गए थे। पहले दिन कई स्कूलों का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं को चेक किया गया। कक्षा के अंदर बच्चों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने मिडडे-मील को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। - चंद्रकेश सिंह, बीएसए
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